फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   When father fell ill on way ten-year-old son Gaurav took up responsibility of carrying Kanwar

10 साल के गौरव का जज्बा: पिता की रास्ते में तबीयत हुई खराब तो बेटे ने उठाई कांवड़, रुड़की से पैदल निकला

Sun, 09 Aug 2026 02:40 PM IST
Rahul Kumar Tiwari अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली Published by: Rahul Kumar Tiwari Updated Sun, 09 Aug 2026 02:40 PM IST
सार

माता-पिता की तबीयत बिगड़ने के बाद हरियाणा के 10 वर्षीय गौरव ने कांवड़ यात्रा बीच में छोड़ने से इनकार कर दिया। वह अकेले करीब 10 लीटर गंगाजल लेकर रुड़की से पैदल हरियाणा के लिए निकल पड़ा।

विज्ञापन
When father fell ill on way ten-year-old son Gaurav took up responsibility of carrying Kanwar
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : AI

विस्तार

आस्था इन्सान को मुश्किल हालात में भी आगे बढ़ने की ताकत देती है। ऐसी ही मिसाल बने हैं हरियाणा के 10 वर्षीय गौरव। माता-पिता की तबीयत बिगड़ने पर जब उन्होंने कांवड़ यात्रा बीच में छोड़कर घर लौटने का फैसला किया, तो गौरव ने हार नहीं मानी। उसने अकेले ही कांवड़ उठाई और रुड़की से पैदल हरियाणा की ओर निकल पड़ा।
विज्ञापन


गौरव फिलहाल पूर्वी दिल्ली के शास्त्री पार्क स्थित कांवड़ शिविर में रुका है। थोड़ा आराम करने के बाद वह आगे बढ़ेगा। महज 10 साल की उम्र में करीब 10 लीटर जल लेकर पैदल चल रहे गौरव को देख शिविर में मौजूद श्रद्धालु उसकी हिम्मत की तारीफ कर रहे हैं।
विज्ञापन


गौरव ने बताया कि वह माता-पिता के साथ कांवड़ यात्रा पर निकला था। रुड़की पहुंचने पर उसकी मां की तबीयत खराब हो गई, जिससे माता-पिता का हौसला टूट गया और उन्होंने बस से घर लौटने का फैसला किया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


महादेव के जयघोष से गूंजा दिल्ली-यूपी बॉर्डर
दिल्ली-उत्तर प्रदेश सीमा पर शनिवार को हर-हर महादेव के जयघोष से माहौल शिवमय हो गया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिलशाद गार्डन के पास अप्सरा बॉर्डर स्थित कांवड़ सेवा शिविर पहुंचकर गंगाजल लेकर दिल्ली में प्रवेश कर रहे शिवभक्तों का स्वागत किया। उन्होंने कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा कर उनका अभिनंदन किया और उनकी यात्रा के बारे में जानकारी ली। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि हर कांवड़िया भगवान भोलेनाथ का स्वरूप है और उसकी सेवा करना सौभाग्य की बात है। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में संचालित कांवड़ शिविरों का निरीक्षण कर श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया।  उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार का प्रयास है कि कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी शिवभक्त या सेवा शिविर को परेशानी न हो। सीएम ने कहा कि सावन में हजारों शिवभक्त हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर पैदल अपने गंतव्य तक जाते हैं और भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। कांवड़ यात्रा आस्था, श्रद्धा और संकल्प का प्रतीक है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed