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Nuh News: खेतों में जलभराव से 250 एकड़ भूमि बंजर
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किसानों के सामने रोजी-रोटी का संकट
संवाद न्यूज एजेंसी
नगीना। नगीना खंड के गांव नांगल शाहपुर, करहेड़ी सहित आसपास के कई गांवों में जलभराव की समस्या बनी हुई है। हालात इतने खराब हैं कि करीब 250 एकड़ कृषि भूमि पर इस वर्ष एक दाना भी नहीं उग सका।
जलभराव के कारण दर्जनों किसान आर्थिक संकट और आजीविका के संकट से जूझ रहे हैं। नागल शाहपुर गांव के पूर्व सरपंच इब्राहिम, रुक्कन, रहमु, लियाकत, साहुन, अशरफ, जफरू, निजरा, जाकिर, असदुद्दीन, इकबाल, बशीर, रशीद सहित अन्य किसानों तथा करहेड़ी गांव के धर्मवीर, फखरुद्दीन (सरपंच), हक्कू, कासिम, रोशन ने बताया कि खेतों में लगातार पानी भरे रहने के कारण इस बार फसल बोना ही संभव नहीं हो सका। किसानों का कहना है कि जलभराव से मिट्टी की उर्वरता भी प्रभावित हो रही है, जिससे भविष्य की खेती पर भी संकट मंडरा रहा है।
किसानों ने बताया कि उन्होंने जल निकासी की मांग को लेकर संबंधित विभागों और अधिकारियों को कई बार लिखित व मौखिक शिकायतें दीं लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। प्रशासन की अनदेखी से किसानों की परेशानी दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने चिंता जताते हुए कहा कि फसल न होने से उनके सामने भोजन और बच्चों की पढ़ाई तक का संकट खड़ा हो गया है। किसानों ने हरियाणा सरकार और जिला प्रशासन से जल्द से जल्द जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कराने तथा फसल नुकसान का उचित मुआवजा देने की मांग की है।
इस संबंध में फिरोजपुर झिरका के एसडीएम लक्ष्मी नारायण ने कहा कि उनके पास अभी तक किसानों की कोई औपचारिक शिकायत नहीं पहुंची है, फिर भी वह मामले की जांच कर संबंधित अधिकारियों से जानकारी लेकर किसानों की समस्या का समाधान कराने का प्रयास करेंगे।
फोटो: खेतों में जमा बरसाती पानी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नगीना। नगीना खंड के गांव नांगल शाहपुर, करहेड़ी सहित आसपास के कई गांवों में जलभराव की समस्या बनी हुई है। हालात इतने खराब हैं कि करीब 250 एकड़ कृषि भूमि पर इस वर्ष एक दाना भी नहीं उग सका।
जलभराव के कारण दर्जनों किसान आर्थिक संकट और आजीविका के संकट से जूझ रहे हैं। नागल शाहपुर गांव के पूर्व सरपंच इब्राहिम, रुक्कन, रहमु, लियाकत, साहुन, अशरफ, जफरू, निजरा, जाकिर, असदुद्दीन, इकबाल, बशीर, रशीद सहित अन्य किसानों तथा करहेड़ी गांव के धर्मवीर, फखरुद्दीन (सरपंच), हक्कू, कासिम, रोशन ने बताया कि खेतों में लगातार पानी भरे रहने के कारण इस बार फसल बोना ही संभव नहीं हो सका। किसानों का कहना है कि जलभराव से मिट्टी की उर्वरता भी प्रभावित हो रही है, जिससे भविष्य की खेती पर भी संकट मंडरा रहा है।
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किसानों ने बताया कि उन्होंने जल निकासी की मांग को लेकर संबंधित विभागों और अधिकारियों को कई बार लिखित व मौखिक शिकायतें दीं लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। प्रशासन की अनदेखी से किसानों की परेशानी दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने चिंता जताते हुए कहा कि फसल न होने से उनके सामने भोजन और बच्चों की पढ़ाई तक का संकट खड़ा हो गया है। किसानों ने हरियाणा सरकार और जिला प्रशासन से जल्द से जल्द जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कराने तथा फसल नुकसान का उचित मुआवजा देने की मांग की है।
इस संबंध में फिरोजपुर झिरका के एसडीएम लक्ष्मी नारायण ने कहा कि उनके पास अभी तक किसानों की कोई औपचारिक शिकायत नहीं पहुंची है, फिर भी वह मामले की जांच कर संबंधित अधिकारियों से जानकारी लेकर किसानों की समस्या का समाधान कराने का प्रयास करेंगे।
फोटो: खेतों में जमा बरसाती पानी।