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अदालतें एलओसी जारी करने के लिए सामग्री की पर्याप्तता नहीं जांच सकतीं : दिल्ली हाईकोर्ट
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला देते हुए कहा कि अदालतें यह आकलन नहीं कर सकतीं कि लुक आउट सर्कुलर (एलओसी) जारी करने वाले प्राधिकरण के पास पर्याप्त सामग्री थी या नहीं। न्यायमूर्ति सी. हरिशंकर और न्यायमूर्ति ओम प्रकाश शुक्ला की खंडपीठ ने कहा कि अदालत एलओसी जारी करने वाले प्राधिकरण की व्यक्तिपरक संतुष्टि पर अपील की तरह बैठकर फैसला नहीं कर सकती।
पीठ ने टिप्पणी की, एलओसी जारी करने के फैसले की न्यायिक समीक्षा पूरी तरह बंद नहीं है, लेकिन अदालत प्राधिकरण की व्यक्तिपरक संतुष्टि पर अपील की तरह बैठकर यह आकलन नहीं कर सकती कि जिस सामग्री के आधार पर फैसला लिया गया, वह पर्याप्त थी या नहीं। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि सामग्री सिर्फ अनुमान पर आधारित हो या अदालत को वह बिल्कुल बेबुनियाद लगे, तो वह नागरिक के मौलिक अधिकार की रक्षा सुनिश्चित करे। लेकिन अदालत खुद यह तय नहीं कर सकती कि प्राधिकरण के पास उपलब्ध सामग्री गुणात्मक या मात्रात्मक रूप से पर्याप्त थी या नहीं। यह फैसला गारमेंट एक्सपोर्टर विकास चौधरी के खिलाफ आयकर विभाग के कहने पर जारी एलओसी को रद्द करने वाले एकल न्यायाधीश के आदेश को खारिज करते हुए दिया गया।
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