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Nuh News: स्वास्थ्य मंत्री ने सीपीए घोटाले मामले की जांच रिपोर्ट पर असंतोष किया जाहिर
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स्वास्थ्य विभाग की अधूरी रिपोर्ट पर स्वास्थ्य मंत्री ने मांगा सचिव से जवाब
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। स्वास्थ्य विभाग के केंद्रीय खरीद एजेंसी (सीपीए) में दवा और चिकित्सा उपकरण खरीद में कथित 650 करोड़ के घोटाले मामले में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से उपलब्ध कराई जानकारी पर दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने असंतोष जाहिर किया है। मंत्री ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग सचिव को निर्देश दिया कि विभाग के सभी संबंधित रिकॉर्ड की जांच कर बिंदुवार और तथ्यात्मक जवाब उपलब्ध कराया जाए। इसके लिए 17 अगस्त की समय सीमा तय की गई है।
सवालों का नहीं दिया उचित जवाब : मंत्री की ओर से जारी आदेश में कहा कि सचिव की ओर से दी गई रिपोर्ट में उठाए गए विशिष्ट सवालों का उचित जवाब नहीं दिया गया। केवल यह कहना कि मामला जांच एजेंसियों के अधीन, आधिकारिक रिकॉर्ड में उपलब्ध तथ्यात्मक जानकारी रोकने का आधार नहीं हो सकता।
खरीद संबंधी दे जानकारी : मामला ओआरएस के सैशे, बेड शीट और पोर्टेबल एक्स-रे मशीनों की खरीद से संबंधित है। आदेश में खरीद दर, जीएसटी, वास्तविक लागत, खरीदी गई मात्रा, तकनीकी ब्यौरा, सप्लाई ऑर्डर, डिलीवरी विवरण और तुलनात्मक खरीद संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया है।
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भुगतान से पहले होती है वित्तीय जांच : स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि भुगतान से पहले वित्तीय जांच की जाती है। भुगतान बिलों के साथ सप्लाई ऑर्डर, बिल, जीएसटी विवरण, निरीक्षण एवं स्वीकृति रिपोर्ट, डिलीवरी चालान, मात्रा सत्यापन प्रमाणपत्र और तुलनात्मक विवरण जैसे दस्तावेज उपलब्ध रहते हैं। ऐसे रिकॉर्ड जांच के बावजूद विभाग की अन्य शाखाओं से प्राप्त किए जा सकते हैं।
जांच कर व्यापक जवाब करे तैयार : मंत्री ने निर्देश दिया कि सीपीए, अकाउंट्स ब्रांच, पे एंड अकाउंट्स ऑफिस समेत सभी संबंधित कार्यालयों के रिकॉर्ड की जांच कर व्यापक जवाब तैयार किया जाए। किसी सूचना पर कानूनी रोक या रिकॉर्ड जब्त होने की स्थिति में दस्तावेजी आधार भी देना होगा।
पहले सचिव को कारण बताओ नोटिस हुआ था जारी : हाल में दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। यह नोटिस दवाओं, चिकित्सीय सामान और चिकित्सा उपकरणों की खरीद को लेकर मांगा गया था।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। स्वास्थ्य विभाग के केंद्रीय खरीद एजेंसी (सीपीए) में दवा और चिकित्सा उपकरण खरीद में कथित 650 करोड़ के घोटाले मामले में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से उपलब्ध कराई जानकारी पर दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने असंतोष जाहिर किया है। मंत्री ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग सचिव को निर्देश दिया कि विभाग के सभी संबंधित रिकॉर्ड की जांच कर बिंदुवार और तथ्यात्मक जवाब उपलब्ध कराया जाए। इसके लिए 17 अगस्त की समय सीमा तय की गई है।
सवालों का नहीं दिया उचित जवाब : मंत्री की ओर से जारी आदेश में कहा कि सचिव की ओर से दी गई रिपोर्ट में उठाए गए विशिष्ट सवालों का उचित जवाब नहीं दिया गया। केवल यह कहना कि मामला जांच एजेंसियों के अधीन, आधिकारिक रिकॉर्ड में उपलब्ध तथ्यात्मक जानकारी रोकने का आधार नहीं हो सकता।
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खरीद संबंधी दे जानकारी : मामला ओआरएस के सैशे, बेड शीट और पोर्टेबल एक्स-रे मशीनों की खरीद से संबंधित है। आदेश में खरीद दर, जीएसटी, वास्तविक लागत, खरीदी गई मात्रा, तकनीकी ब्यौरा, सप्लाई ऑर्डर, डिलीवरी विवरण और तुलनात्मक खरीद संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया है।
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भुगतान से पहले होती है वित्तीय जांच : स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि भुगतान से पहले वित्तीय जांच की जाती है। भुगतान बिलों के साथ सप्लाई ऑर्डर, बिल, जीएसटी विवरण, निरीक्षण एवं स्वीकृति रिपोर्ट, डिलीवरी चालान, मात्रा सत्यापन प्रमाणपत्र और तुलनात्मक विवरण जैसे दस्तावेज उपलब्ध रहते हैं। ऐसे रिकॉर्ड जांच के बावजूद विभाग की अन्य शाखाओं से प्राप्त किए जा सकते हैं।
जांच कर व्यापक जवाब करे तैयार : मंत्री ने निर्देश दिया कि सीपीए, अकाउंट्स ब्रांच, पे एंड अकाउंट्स ऑफिस समेत सभी संबंधित कार्यालयों के रिकॉर्ड की जांच कर व्यापक जवाब तैयार किया जाए। किसी सूचना पर कानूनी रोक या रिकॉर्ड जब्त होने की स्थिति में दस्तावेजी आधार भी देना होगा।
पहले सचिव को कारण बताओ नोटिस हुआ था जारी : हाल में दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। यह नोटिस दवाओं, चिकित्सीय सामान और चिकित्सा उपकरणों की खरीद को लेकर मांगा गया था।