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Nuh News: डीडीए की जमीन में खोदे गए गड्ढे में डूबने से दो बच्चों की मौत
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-नरेला औद्योगिक क्षेत्र इलाके की घटना, गड्ढे में भरा है बारिश का पानी
-दाेनाें काे डूबता देखकर साथ में नहाने गए बच्चे भागे, बाद में किसी ने देखकर शाेर मचाया
-पुलिस ने लापरवाही से मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू की, सात फुट का है गडढा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। नरेला औद्योगिक क्षेत्र इलाके में डीडीए की जमीन पर खोदे गए एक गड्ढे में डूबकर दो मासूम बच्चों की मौत हो गई। वाकया बवाना जेजे कॉलोनी का है। बृहस्पतिवार काे दोपहर के समय इलाके में बारिश के दौरान एक गड्ढे में पानी भरा हुआ था। बच्चे उसी गड्ढे में नहाने पहुंचे और गहराई न समझ पाने से उसी में डूब गए। बच्चों की शिनाख्त जेजे कॉलोनी बवाना निवासी 11 साल के इमरान और 9 साल के जीशान के रूप में हुई है। परिजनों ने डीडीए पर लापरवाही का आरोप लगाया है। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस लापरवाही से मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
बाहरी उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त शोभित डी सक्सेना ने बताया कि सौ फुटा डीडीए फ्लैट्स नरेला में बारिश के पानी से भरे गड्ढे में दो नाबालिग बच्चों के डूबने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पानी में तैर रहे 11 साल के इमरान और 9 साल के जीशान को बाहर निकालकर पास के राजा हरिशचंद अस्पताल में ले गए, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
जांच में पता चला कि इमरान इलाके के एक सरकारी स्कूल की पांचवीं कक्षा, जबकि उसके पड़ोस में रहने वाला 9 साल का जीशान तीसरी कक्षा में पढ़ता था। दोनों बच्चे आस पड़ोस के बच्चों के साथ सुबह स्कूल जाने के लिए निकले थे। इसी में से किसी बच्चे ने गड्ढे में पानी भरे होने और वहां नहाने के लिए जाने की बात कही। सभी बच्चे वहां नहाने गए। बच्चों को गड्ढे की गहराई का अंदाजा नहीं था। स्थानीय लोगों के मुताबिक गड्ढा करीब पांच से सात फीट गहरा है। जब दोनों डूबने लगे ताे दूसरे बच्चे वहां से भाग गए। वहां बराबर में पार्किंग है। एक गाड़ी वाला वहां गाड़ी खड़ी करने आया। उसने गड्ढे में दो बच्चोें को देखा और फिर शोर मचाया। उसके बाद पुलिस को घटना की जानकारी दी गई। पुलिस ने लापरवाही से मौत का मामला दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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डीडीए की लापरवाही से हुई मौत : मृत इमरान के पिता मोहम्मद अरमान ने बच्चों की मौत के लिए डीडीए की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। डीडीए के हाईराइज बिल्डिंग की दीवार के पास मिट्टी डालने के लिए आस पास के इलाके में कई गड्ढे किए थे। लापरवाही का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि काम पूरा होने के बाद इन गड्ढों को भरा नहीं गया।
स्कूल जाने के लिए निकले थे बच्चे : दोनों बच्चों के चाचा मामून ने बताया कि स्कूल का टाइम हो गया था। दोनों को स्कूल जाने के लिए तैयार कर दिया गया था। दोनों स्कूल के लिए घर से निकल गए थे। आस पड़ोस के बच्चे भी उनके साथ जा रहे थे। कुछ ऐसे भी बच्चे थे जो स्कूल नहीं जा रहे थे, उन लोगों ने कहा कि वहां पानी भरा हुआ है हम वहां नहाने के लिए जा रहे हैं। उनके बहकावे में आकर दोनों बच्चे चले गए।
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-दाेनाें काे डूबता देखकर साथ में नहाने गए बच्चे भागे, बाद में किसी ने देखकर शाेर मचाया
-पुलिस ने लापरवाही से मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू की, सात फुट का है गडढा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। नरेला औद्योगिक क्षेत्र इलाके में डीडीए की जमीन पर खोदे गए एक गड्ढे में डूबकर दो मासूम बच्चों की मौत हो गई। वाकया बवाना जेजे कॉलोनी का है। बृहस्पतिवार काे दोपहर के समय इलाके में बारिश के दौरान एक गड्ढे में पानी भरा हुआ था। बच्चे उसी गड्ढे में नहाने पहुंचे और गहराई न समझ पाने से उसी में डूब गए। बच्चों की शिनाख्त जेजे कॉलोनी बवाना निवासी 11 साल के इमरान और 9 साल के जीशान के रूप में हुई है। परिजनों ने डीडीए पर लापरवाही का आरोप लगाया है। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस लापरवाही से मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
बाहरी उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त शोभित डी सक्सेना ने बताया कि सौ फुटा डीडीए फ्लैट्स नरेला में बारिश के पानी से भरे गड्ढे में दो नाबालिग बच्चों के डूबने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पानी में तैर रहे 11 साल के इमरान और 9 साल के जीशान को बाहर निकालकर पास के राजा हरिशचंद अस्पताल में ले गए, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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जांच में पता चला कि इमरान इलाके के एक सरकारी स्कूल की पांचवीं कक्षा, जबकि उसके पड़ोस में रहने वाला 9 साल का जीशान तीसरी कक्षा में पढ़ता था। दोनों बच्चे आस पड़ोस के बच्चों के साथ सुबह स्कूल जाने के लिए निकले थे। इसी में से किसी बच्चे ने गड्ढे में पानी भरे होने और वहां नहाने के लिए जाने की बात कही। सभी बच्चे वहां नहाने गए। बच्चों को गड्ढे की गहराई का अंदाजा नहीं था। स्थानीय लोगों के मुताबिक गड्ढा करीब पांच से सात फीट गहरा है। जब दोनों डूबने लगे ताे दूसरे बच्चे वहां से भाग गए। वहां बराबर में पार्किंग है। एक गाड़ी वाला वहां गाड़ी खड़ी करने आया। उसने गड्ढे में दो बच्चोें को देखा और फिर शोर मचाया। उसके बाद पुलिस को घटना की जानकारी दी गई। पुलिस ने लापरवाही से मौत का मामला दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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डीडीए की लापरवाही से हुई मौत : मृत इमरान के पिता मोहम्मद अरमान ने बच्चों की मौत के लिए डीडीए की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। डीडीए के हाईराइज बिल्डिंग की दीवार के पास मिट्टी डालने के लिए आस पास के इलाके में कई गड्ढे किए थे। लापरवाही का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि काम पूरा होने के बाद इन गड्ढों को भरा नहीं गया।
स्कूल जाने के लिए निकले थे बच्चे : दोनों बच्चों के चाचा मामून ने बताया कि स्कूल का टाइम हो गया था। दोनों को स्कूल जाने के लिए तैयार कर दिया गया था। दोनों स्कूल के लिए घर से निकल गए थे। आस पड़ोस के बच्चे भी उनके साथ जा रहे थे। कुछ ऐसे भी बच्चे थे जो स्कूल नहीं जा रहे थे, उन लोगों ने कहा कि वहां पानी भरा हुआ है हम वहां नहाने के लिए जा रहे हैं। उनके बहकावे में आकर दोनों बच्चे चले गए।