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Delhi NCR News: आरएमएल में नर्सों को पढ़ाई के लिए अब आसानी से मिलेगी स्टडी लीव
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-अब हर साल 10 नर्सों को पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग, 10 को एम एससी नर्सिंग और 2 को क्रिटिकल केयर नर्स प्रैक्टिशनर (एनपीसीसी) कोर्स के लिए स्टडी लीव मिलेगी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल (आरएमएल) ने नर्सिंग स्टाफ के लिए पढ़ाई के नियम आसान कर दिए हैं। अब नर्सें बिना ज्यादा परेशानी के अपने करियर में आगे बढ़ सकती हैं। अस्पताल प्रशासन ने कमेटी की सिफारिशों को मान लिया है। अब हर साल 10 नर्सों को पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग, 10 को एम एससी नर्सिंग और 2 को क्रिटिकल केयर नर्स प्रैक्टिशनर (एनपीसीसी) कोर्स के लिए स्टडी लीव मिलेगी। यह लीव सिर्फ सरकारी कॉलेजों में पढ़ाई के लिए ही दी जाएगी। प्राइवेट कॉलेज से पढ़ाई करने वाले पुराने स्टाफ अगस्त 2014 से पहले जॉइन करने वाले को 5 सीटें सीनियरिटी के आधार पर मिलेंगी। डिस्टेंस (दूरस्थ) शिक्षा से नर्सें पोस्ट बेसिक बी एससी या डिप्लोमा इन नर्सिंग एडमिनिस्ट्रेशन कर सकती हैं, लेकिन अस्पताल को इसकी सूचना देना जरूरी है। स्टडी लीव एक बार में 12 महीने तक और पूरे करियर में कुल 24 महीने तक मिलेगी। नर्स की उम्र 50 साल तक होनी चाहिए। एक जनवरी, 2001 से पहले जॉइन करने वालों को 2 साल की छूट मिलेगी। एक कोर्स पूरा करने के बाद दूसरा कोर्स शुरू करने से पहले नर्स को 3 साल अस्पताल में सेवा करनी होगी। कोर्स पूरा करने के बाद 5 साल तक अस्पताल में सेवा करना अनिवार्य है। अगर नर्स इस नियम का पालन नहीं करती हैं, तो 2 साल का वेतन और ब्याज वापस करना होगा। ऐसे में नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट पहले आवेदन चेक करेंगी और एनओसी सीनियरिटी के हिसाब से 1:4 के अनुपात में दी जाएगी। अंतिम फैसला अस्पताल के डायरेक्टर का होगा। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, इन नए नियमों से नर्सों के लिए पढ़ाई आसान होगी और उनका ज्ञान बढ़ेगा, जिससे मरीजों को बेहतर इलाज मिलेगा।
सिमरन
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नई दिल्ली। डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल (आरएमएल) ने नर्सिंग स्टाफ के लिए पढ़ाई के नियम आसान कर दिए हैं। अब नर्सें बिना ज्यादा परेशानी के अपने करियर में आगे बढ़ सकती हैं। अस्पताल प्रशासन ने कमेटी की सिफारिशों को मान लिया है। अब हर साल 10 नर्सों को पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग, 10 को एम एससी नर्सिंग और 2 को क्रिटिकल केयर नर्स प्रैक्टिशनर (एनपीसीसी) कोर्स के लिए स्टडी लीव मिलेगी। यह लीव सिर्फ सरकारी कॉलेजों में पढ़ाई के लिए ही दी जाएगी। प्राइवेट कॉलेज से पढ़ाई करने वाले पुराने स्टाफ अगस्त 2014 से पहले जॉइन करने वाले को 5 सीटें सीनियरिटी के आधार पर मिलेंगी। डिस्टेंस (दूरस्थ) शिक्षा से नर्सें पोस्ट बेसिक बी एससी या डिप्लोमा इन नर्सिंग एडमिनिस्ट्रेशन कर सकती हैं, लेकिन अस्पताल को इसकी सूचना देना जरूरी है। स्टडी लीव एक बार में 12 महीने तक और पूरे करियर में कुल 24 महीने तक मिलेगी। नर्स की उम्र 50 साल तक होनी चाहिए। एक जनवरी, 2001 से पहले जॉइन करने वालों को 2 साल की छूट मिलेगी। एक कोर्स पूरा करने के बाद दूसरा कोर्स शुरू करने से पहले नर्स को 3 साल अस्पताल में सेवा करनी होगी। कोर्स पूरा करने के बाद 5 साल तक अस्पताल में सेवा करना अनिवार्य है। अगर नर्स इस नियम का पालन नहीं करती हैं, तो 2 साल का वेतन और ब्याज वापस करना होगा। ऐसे में नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट पहले आवेदन चेक करेंगी और एनओसी सीनियरिटी के हिसाब से 1:4 के अनुपात में दी जाएगी। अंतिम फैसला अस्पताल के डायरेक्टर का होगा। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, इन नए नियमों से नर्सों के लिए पढ़ाई आसान होगी और उनका ज्ञान बढ़ेगा, जिससे मरीजों को बेहतर इलाज मिलेगा।
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