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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Old Rajinder Nagar coaching tragedy: CBI holds three MCD officials responsible for negligence.

ओल्ड राजेंद्र नगर कोचिंग हादसा: सीबीआई ने एमसीडी के तीन अधिकारियों को लापरवाही का जिम्मेदार ठहराया

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 11 Jul 2026 08:44 PM IST
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राउज एवेन्यू कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल, दो वरिष्ठ अधिकारियों को साक्ष्य के अभाव में राहत
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अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली। ओल्ड राजेंद्र नगर स्थित कोचिंग सेंटर हादसे की जांच में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के भवन विभाग के तीन अधिकारियों को ड्यूटी में लापरवाही का जिम्मेदार ठहराया है। वहीं, पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर दो वरिष्ठ अधिकारियों को क्लीन चिट दे दी गई है। सीबीआई ने इस मामले में अपनी क्लोजर रिपोर्ट राउज एवेन्यू कोर्ट में दाखिल की है।
सीबीआई की रिपोर्ट के अनुसार, 27 जुलाई 2024 को कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में बारिश का पानी भर जाने से तीन यूपीएससी अभ्यर्थियों की मौत हो गई थी। जांच में सामने आया कि बेसमेंट का लंबे समय से अवैध रूप से व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था, लेकिन संबंधित अधिकारियों ने समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की।
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किसकी क्या लापरवाही मिली
जेई अर्नव कुमार दत्ता ने बेसमेंट में परीक्षा हॉल को बताया था फर्नीचर स्टोर
रिपोर्ट में तत्कालीन जूनियर इंजीनियर (भवन) अर्नव कुमार दत्ता, सहायक अभियंता राजीव कुमार जैन और कार्यकारी अभियंता कुमार महेंद्र की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। सीबीआई के अनुसार, अर्नव कुमार दत्ता को पता था कि बेसमेंट का उपयोग परीक्षा हॉल के रूप में किया जा रहा है, लेकिन उन्होंने अपनी निरीक्षण रिपोर्ट में इसे केवल फर्नीचर स्टोर बताया। इससे वरिष्ठ अधिकारियों तक वास्तविक स्थिति नहीं पहुंच सकी।
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राजीव कुमार जैन ने नहीं किया ढंग से सत्यापन, कुमार महेंद्र ने की अनदेखी
जांच एजेंसी ने सहायक अभियंता राजीव कुमार जैन पर दस्तावेजों की समुचित जांच और सत्यापन नहीं करने का आरोप लगाया है। वहीं, अधिशासी अभियंता कुमार महेंद्र पर आरोप है कि लीज डीड में कोचिंग सेंटर संचालित होने का स्पष्ट उल्लेख होने के बावजूद उन्होंने बेसमेंट के अवैध उपयोग को नजरअंदाज किया।
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इनके खिलाफ नहीं मिले आपराधिक लापरवाही के साक्ष्य
सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि तत्कालीन अधीक्षण अभियंता अजय नागपाल और तत्कालीन डिप्टी कमिश्नर कुमार अभिषेक के खिलाफ आपराधिक लापरवाही के पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले। एजेंसी के अनुसार, दोनों अधिकारियों को बेसमेंट के अवैध उपयोग की जानकारी नहीं दी गई थी और वे निरीक्षण प्रक्रिया का हिस्सा भी नहीं थे।

छात्र नेविन डेल्विन के पिता की विरोध याचिक पर हुई यह जांच
यह जांच मृतक छात्र नेविन डेल्विन के पिता की ओर से दायर विरोध याचिका पर अदालत के निर्देश के बाद कराई गई थी। अब राउज एवेन्यू कोर्ट सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट पर सुनवाई के बाद आगे की कार्रवाई तय करेगी।
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