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Delhi NCR News: ऑनलाइन आध्यात्मिक धोखाधड़ी का रैकेट का पर्दाफाश, पंजाब से दो छात्र गिरफ्तार
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- आरेापी सोशल मीडिया पर महिलाओं की नकली प्रोफाइल बनाकर करते थे ठगी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली पुलिस के मध्य जिले की साइबर थाना पुलिस ने नकली महिला सोशल मीडिया प्रोफाइल के जरिये पूरे भारत में आध्यात्मिक ठगी रैकेट चलाने वाले दो छात्रों गणेश व मनदीप को गिरफ्तार किया है। ऑनलाइन आध्यात्मिक धोखाधड़ी का रैकेट चलाने वाले इन छात्रों को पंजाब के मोहाली स्थित खरड़ से गिरफ्तार किया है। दोनों की एक ही साथ रह रहे थे। आरोपियों ने भावनात्मक रूप से कमजोर लोगों को फंसाने के लिए इंस्टाग्राम और फेसबुक पर नकली महिला प्रोफाइल बनाई थीं। पीड़ितों को पूजा-पाठ, अनुष्ठान, तंत्र-मंत्र और आध्यात्मिक उपाय करने के बहाने ठगा गया। पूरे भारत में 2,000 से ज्यादा लोग इन नकली खातों के जरिये आरोपियों से बातचीत करते पाए गए।
मध्य जिला पुलिस उपायुक्त रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से पांच स्मार्टफोन, मोबाइलों में नकली प्रोफ़ाइल, चैट, क्यूआर कोड और अपराध से जुड़े डिजिटल सबूत मिले हैं। एक आरोपी बीए का छात्र है, जबकि दूसरा आईटीआई से डीजल मैकेनिक का कोर्स किया हुआ ग्रेजुएट है। पुलिस उपायुक्त रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि जिले की साइबर थाना पुलिस को एक पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्जकर जांच शुरू की थी। पीड़ित ने शिकायत में कहा था कि आरोपियों ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर खुद को आध्यात्मिक गुरु या हीलर बताकर ठगी करने वाले आरोपियों के बारे में बताया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने उसे भावनात्मक रूप से अपने जाल में फंसाया और उसकी निजी समस्याओं को सुलझाने के लिए विशेष अनुष्ठान और आध्यात्मिक उपाय करने के बहाने बार-बार पैसों की मांग की। शिकायतकर्ता ने छह अलग-अलग लेन-देन के ज़रिए आरोपियों को कुल 2,51,000 की रकम भेजी थी। पुलिस उपायुक्त सिंह ने बताया कि जांच के दौरान पता चला कि आरोपी ऑल प्रोब्ल्मस सॉल्यूशन (सभी समस्याओं का समाधान) के नाम से एक सुनियोजित साइबर धोखाधड़ी का गिरोह चला रहे थे और नकली सोशल मीडिया पहचान का इस्तेमाल करके पूरे भारत में भोले-भाले नागरिकों को अपना निशाना बना रहे थे।
ऐसे पकड़े गए आरोपी : साइबर थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर योगराज दलाल, एसआई गौरव सिंह व हवलदार क्रांति की टीम ने व्हाट्सएप नंबरों, इंस्टाग्राम अकाउंट, लॉगिन सेशन, आईपी डिटेल्स और आरोपियों द्वारा छोड़े गए डिजिटल निशानों का बारीकी से टेक्निकल एनालिसिस किया। फाइनेंशियल लेन-देन के रिकॉर्ड की भी विस्तार से जांच की गई। इसके बाद टीम ने आरोपियों का पता पंजाब के मोहाली के खरड़ में स्थित एक फ्लैट में लगाया। यहां से दोनों आरोपियों श्री गंगानगर, राजस्थान निवासी गणेश और मनदीप सिंह (21) को गिरफ्तार कर लिया।
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ऐसे करते थे ठगी : आरोपियों ने इंस्टाग्राम और फेसबुक पर जायनाब खान, मुस्कान खान, कविता चौधरी, जारा खान, इस्लाम वजिफा जैसे नामों से कई नकली महिला प्रोफाइल बनाईं। इन नकली प्रोफाइल के ज़रिए ये पब्लिक सोशल मीडिया पोस्ट पर कमेंट और नकली सफलता की कहानियां पोस्ट करते थे, जिसमें दावा किया जाता था कि एक शक्तिशाली आध्यात्मिक हीलर ने उनकी प्यार, शादी या पारिवारिक समस्याओं को हल कर दिया है। जब ज़रूरतमंद लोग मदद के लिए इन नकली प्रोफाइल से संपर्क करते थे, तो आरोपी खुद को आध्यात्मिक हीलर बताकर अपना व्हाट़सएप नंबर शेयर करते थे। इसके बाद ये पीड़ितों को भावनात्मक रूप से बहला-फुसलाकर अपनी निजी समस्याएं बताने के लिए मजबूर करते थे और पूजा-पाठ, पूजा सामग्री और तंत्र-मंत्र के लिए किस्तों में पैसे की मांग करते थे।
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली पुलिस के मध्य जिले की साइबर थाना पुलिस ने नकली महिला सोशल मीडिया प्रोफाइल के जरिये पूरे भारत में आध्यात्मिक ठगी रैकेट चलाने वाले दो छात्रों गणेश व मनदीप को गिरफ्तार किया है। ऑनलाइन आध्यात्मिक धोखाधड़ी का रैकेट चलाने वाले इन छात्रों को पंजाब के मोहाली स्थित खरड़ से गिरफ्तार किया है। दोनों की एक ही साथ रह रहे थे। आरोपियों ने भावनात्मक रूप से कमजोर लोगों को फंसाने के लिए इंस्टाग्राम और फेसबुक पर नकली महिला प्रोफाइल बनाई थीं। पीड़ितों को पूजा-पाठ, अनुष्ठान, तंत्र-मंत्र और आध्यात्मिक उपाय करने के बहाने ठगा गया। पूरे भारत में 2,000 से ज्यादा लोग इन नकली खातों के जरिये आरोपियों से बातचीत करते पाए गए।
मध्य जिला पुलिस उपायुक्त रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से पांच स्मार्टफोन, मोबाइलों में नकली प्रोफ़ाइल, चैट, क्यूआर कोड और अपराध से जुड़े डिजिटल सबूत मिले हैं। एक आरोपी बीए का छात्र है, जबकि दूसरा आईटीआई से डीजल मैकेनिक का कोर्स किया हुआ ग्रेजुएट है। पुलिस उपायुक्त रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि जिले की साइबर थाना पुलिस को एक पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्जकर जांच शुरू की थी। पीड़ित ने शिकायत में कहा था कि आरोपियों ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर खुद को आध्यात्मिक गुरु या हीलर बताकर ठगी करने वाले आरोपियों के बारे में बताया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने उसे भावनात्मक रूप से अपने जाल में फंसाया और उसकी निजी समस्याओं को सुलझाने के लिए विशेष अनुष्ठान और आध्यात्मिक उपाय करने के बहाने बार-बार पैसों की मांग की। शिकायतकर्ता ने छह अलग-अलग लेन-देन के ज़रिए आरोपियों को कुल 2,51,000 की रकम भेजी थी। पुलिस उपायुक्त सिंह ने बताया कि जांच के दौरान पता चला कि आरोपी ऑल प्रोब्ल्मस सॉल्यूशन (सभी समस्याओं का समाधान) के नाम से एक सुनियोजित साइबर धोखाधड़ी का गिरोह चला रहे थे और नकली सोशल मीडिया पहचान का इस्तेमाल करके पूरे भारत में भोले-भाले नागरिकों को अपना निशाना बना रहे थे।
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ऐसे पकड़े गए आरोपी : साइबर थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर योगराज दलाल, एसआई गौरव सिंह व हवलदार क्रांति की टीम ने व्हाट्सएप नंबरों, इंस्टाग्राम अकाउंट, लॉगिन सेशन, आईपी डिटेल्स और आरोपियों द्वारा छोड़े गए डिजिटल निशानों का बारीकी से टेक्निकल एनालिसिस किया। फाइनेंशियल लेन-देन के रिकॉर्ड की भी विस्तार से जांच की गई। इसके बाद टीम ने आरोपियों का पता पंजाब के मोहाली के खरड़ में स्थित एक फ्लैट में लगाया। यहां से दोनों आरोपियों श्री गंगानगर, राजस्थान निवासी गणेश और मनदीप सिंह (21) को गिरफ्तार कर लिया।
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