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Delhi: मानसून में जलभराव रोकने के लिए 177 करोड़ की परियोजनाएं मंजूर, लोक निर्माण विभाग ने बनाया नया प्लान

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 07 Mar 2026 01:40 AM IST
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सार

विभाग ने नए मास्टर ड्रेनेज प्लान के तहत करीब 177 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली परियोजनाओं को प्रशासनिक और व्यय स्वीकृति दे दी है।

Projects worth Rs 177 crore approved to prevent waterlogging during monsoon
प्रवेश वर्मा - फोटो : ani
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विस्तार

मानसून के दौरान होने वाले जलभराव की समस्या से निपटने के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने उत्तर और उत्तर-पश्चिम दिल्ली में स्टॉर्म वाटर ड्रेन के पुनर्निर्माण की योजना को मंजूरी दी है। विभाग ने नए मास्टर ड्रेनेज प्लान के तहत करीब 177 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली परियोजनाओं को प्रशासनिक और व्यय स्वीकृति दे दी है।

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इन परियोजनाओं के तहत पुराने और क्षमता से कम स्टॉर्म वाटर ड्रेनों को आधुनिक तकनीक से फिर से तैयार किया जाएगा। इसके लिए प्रीकास्ट आरसीसी ड्रेन तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे निर्माण कार्य तेजी से पूरा होने के साथ-साथ ड्रेनों की मजबूती और पानी की निकासी क्षमता भी बढ़ेगी। पीडब्ल्यूडी के अनुसार इन परियोजनाओं में ज्ञान शक्ति मंदिर मार्ग, छोटूराम मार्ग, आजादपुर-कैंप चौक कॉरिडोर, सुल्तानपुरी, रोहिणी, नांगलोई रोड और महाराजा अग्रसेन मार्ग सहित कई महत्वपूर्ण मार्गों पर ड्रेनों का पुनर्निर्माण किया जाएगा। इन क्षेत्रों में लंबे समय से जलभराव की समस्या सामने आती रही है।
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योजना के तहत अवंतिका रेड लाइट से विश्राम चौक तक, कैंप चौक से आजादपुर एच-पॉइंट (मॉल रोड) तक, सुल्तानपुरी बस टर्मिनल के पास पुलिस स्टेशन रोड से फ्लड कंट्रोल ड्रेन तक और जैन नगर से रोहिणी सेक्टर-22 रेड लाइट तक स्टॉर्म वाटर ड्रेन का पुनर्निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा सुल्तानपुरी मेन रोड से जलेबी चौक, जगदंबा रोड तथा रोहिणी सेक्टर-16 और सेक्टर-17 की कई सड़कों पर भी ड्रेनेज व्यवस्था को बेहतर बनाया जाएगा।

पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के अनुसार इन परियोजनाओं को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा और निर्माण कार्य की गुणवत्ता तथा समयसीमा पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। परियोजनाओं के पूरा होने के बाद बारिश के पानी की निकासी बेहतर होगी और जलभराव के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकेगा। सरकार का मानना है कि यह पहल दिल्ली के शहरी ढांचे को आधुनिक बनाने और मानसून के दौरान होने वाली समस्याओं से नागरिकों को दीर्घकालिक राहत देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

मुख्य परियोजनाएं (लागत)

  • ज्ञान शक्ति मंदिर मार्ग – 12.33 करोड़
  • छोटूराम मार्ग (अवंतिका रेड लाइट से विश्राम चौक) – 17.88 करोड़
  • कैंप चौक–आजादपुर एच-पॉइंट (मॉल रोड) – 46.45 करोड़
  • पुलिस स्टेशन रोड, सुल्तानपुरी – 13.72 करोड़
  • महाराजा अग्रसेन मार्ग – 19.59 करोड़
  • जैन नगर–रोहिणी सेक्टर-22 रेड लाइट – 22.66 करोड़
  • सुल्तानपुरी–नांगलोई रोड – 24.50 करोड़
  • सुल्तानपुरी मेन रोड व जगदंबा रोड – 10.03 करोड़
  • रोहिणी सेक्टर-16 व सेक्टर-17 की सड़कें – 10.29 करोड़

शहर के कई इलाकों में भारी बारिश के दौरान वर्षों से जलभराव की गंभीर समस्या बनी हुई है। इन परियोजनाओं के माध्यम से दिल्ली की ड्रेनेज व्यवस्था को मजबूत करने के लिए दीर्घकालिक समाधान तैयार किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य केवल नए ड्रेन बनाना नहीं बल्कि उन पुराने सिस्टम को भी आधुनिक बनाना है जो शहरी विस्तार के कारण अब पर्याप्त नहीं रह गए हैं। प्रीकास्ट आरसीसी तकनीक से बनाए जाने वाले ड्रेन अधिक मजबूत होंगे और उनकी क्षमता भी ज्यादा होगी, जिससे बारिश का पानी तेजी से निकल सकेगा।
--परवेश साहिब सिंह, पीडब्ल्यूडी मंत्री

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