{"_id":"69d3ba87a72f81289f06153b","slug":"protest-against-discrimination-in-phd-admission-process-delhi-ncr-news-c-340-1-del1011-131110-2026-04-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया में भेदभाव के खिलाफ प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया में भेदभाव के खिलाफ प्रदर्शन
विज्ञापन
विज्ञापन
नई दिल्ली । दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया में भेदभाव व मनमानी के खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने प्रदर्शन किया। संगठन का आरोप है कि विभाग से जारी नोटिस में स्पष्ट किया गया था कि केवल जेआरएफ उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को ही पीएचडी में प्रवेश दिया जाएगा। उन्होंने नेट और ओनली फॉर पीएचडी योग्य उम्मीदवारों को पूरी तरह नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है।
मालूम हो कि विभाग में पीएचडी की 125 सीटें रिक्त हैं, जबकि जेआरएफ योग्य 150 अभ्यर्थियों की सूची जारी की गई है। दूसरी ओर, यूजीसी के नियमों के तहत नेट और ओनली फॉर पीएचडी योग्य 500 से अधिक अभ्यर्थी भी प्रवेश के पात्र हैं। एबीवीपी के दिल्ली विश्वविद्यालय इकाई के मंत्री अक्षय प्रताप सिंह ने कहा कि छात्रों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार बंद होना चाहिए और सभी को न्यायसंगत अवसर मिलना चाहिए। प्रदर्शन के बाद एबीवीपी ने विभागाध्यक्ष सुधा सिंह को ज्ञापन सौंपा। एबीवीपी इकाई अध्यक्ष अभिनव चौधरी ने कहा कि पूर्व के नियम के अनुसार प्रवेश प्रक्रिया लागू करने का आश्वासन दिया गया है।। ब्यूरो
Trending Videos
मालूम हो कि विभाग में पीएचडी की 125 सीटें रिक्त हैं, जबकि जेआरएफ योग्य 150 अभ्यर्थियों की सूची जारी की गई है। दूसरी ओर, यूजीसी के नियमों के तहत नेट और ओनली फॉर पीएचडी योग्य 500 से अधिक अभ्यर्थी भी प्रवेश के पात्र हैं। एबीवीपी के दिल्ली विश्वविद्यालय इकाई के मंत्री अक्षय प्रताप सिंह ने कहा कि छात्रों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार बंद होना चाहिए और सभी को न्यायसंगत अवसर मिलना चाहिए। प्रदर्शन के बाद एबीवीपी ने विभागाध्यक्ष सुधा सिंह को ज्ञापन सौंपा। एबीवीपी इकाई अध्यक्ष अभिनव चौधरी ने कहा कि पूर्व के नियम के अनुसार प्रवेश प्रक्रिया लागू करने का आश्वासन दिया गया है।। ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन