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Delhi NCR News: अस्पतालों में बढ़े वायरल संक्रमण और डायरिया के मरीज
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। मानसून के दौरान दूषित पानी और बाहर के खुले खाद्य पदार्थों के सेवन से वायरल बुखार, डायरिया और पेट के संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। अस्पतालों की ओपीडी में भी ऐसे मरीजों की संख्या पहले की तुलना में बढ़ी है। इनमें बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों की संख्या अधिक है।
अस्पताल आने वाले मरीजों में तेज बुखार, उल्टी, दस्त, पेट दर्द, शरीर में कमजोरी और डिहाइड्रेशन जैसी शिकायतें प्रमुख हैं। डॉक्टरों का कहना है कि बारिश के मौसम में दूषित पानी और दूषित भोजन संक्रमण फैलने का सबसे बड़ा कारण बनते हैं। समय पर इलाज नहीं मिलने पर डायरिया गंभीर रूप ले सकता है।
गुरु तेग बहादुर अस्पताल के अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रवीण कुमार ने बताया कि मानसून में वायरल संक्रमण और डायरिया के मरीजों की संख्या बढ़ी है। उन्होंने कहा कि केवल उबला या साफ पानी पीने, ताजा और घर का बना भोजन खाने तथा खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए। लगातार दस्त, तेज बुखार, उल्टी या शरीर में पानी की कमी के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
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डॉक्टरों का कहना है कि हाथों की नियमित सफाई, स्वच्छता का पालन और सुरक्षित भोजन व पानी का सेवन कर मानसून में होने वाले अधिकांश संक्रमण से बचाव किया जा सकता है।
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नई दिल्ली। मानसून के दौरान दूषित पानी और बाहर के खुले खाद्य पदार्थों के सेवन से वायरल बुखार, डायरिया और पेट के संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। अस्पतालों की ओपीडी में भी ऐसे मरीजों की संख्या पहले की तुलना में बढ़ी है। इनमें बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों की संख्या अधिक है।
अस्पताल आने वाले मरीजों में तेज बुखार, उल्टी, दस्त, पेट दर्द, शरीर में कमजोरी और डिहाइड्रेशन जैसी शिकायतें प्रमुख हैं। डॉक्टरों का कहना है कि बारिश के मौसम में दूषित पानी और दूषित भोजन संक्रमण फैलने का सबसे बड़ा कारण बनते हैं। समय पर इलाज नहीं मिलने पर डायरिया गंभीर रूप ले सकता है।
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गुरु तेग बहादुर अस्पताल के अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रवीण कुमार ने बताया कि मानसून में वायरल संक्रमण और डायरिया के मरीजों की संख्या बढ़ी है। उन्होंने कहा कि केवल उबला या साफ पानी पीने, ताजा और घर का बना भोजन खाने तथा खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए। लगातार दस्त, तेज बुखार, उल्टी या शरीर में पानी की कमी के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
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डॉक्टरों का कहना है कि हाथों की नियमित सफाई, स्वच्छता का पालन और सुरक्षित भोजन व पानी का सेवन कर मानसून में होने वाले अधिकांश संक्रमण से बचाव किया जा सकता है।