ये गर्मी ले सकती है जान!: नौतपा में हार्ट अटैक और किडनी फेलियर का खतरा, न करें ये गलती; जानें विशेषज्ञ की राय
नौतपा से गर्मी बढ़ी है। विशेषज्ञ आरपी पराशर ने हार्ट अटैक, किडनी फेलियर, ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बताया है। डॉक्टरों ने धूप से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी है।
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देशभर में लगातार बढ़ रही गर्मी के बीच नौतपा की शुरुआत हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में तेज गर्मी और लू के कारण लोगों में हार्ट अटैक, किडनी फेलियर और ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है। आयुर्वेद विशेषज्ञ आरपी पराशर ने बताया कि नौतपा के दौरान तापमान काफी बढ़ जाता है, जिससे शरीर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
अधिक गर्मी में शरीर को ठंडा रखने के लिए दिल तेजी से काम करता है। इससे ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ या घट सकता है और हार्ट संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। उन्होंने बताया कि ज्यादा पसीना निकलने से शरीर में पानी और जरूरी खनिजों की कमी हो जाती है। इसके कारण डिहाइड्रेशन, कमजोरी और चक्कर आने जैसी परेशानियां हो सकती हैं। शरीर में पानी की कमी होने पर किडनी भी प्रभावित हो सकती है और गंभीर मामलों में किडनी फेलियर का खतरा बढ़ जाता है।
विशेषज्ञ आरपी पराशर के अनुसार, इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बिगड़ने से दिमाग की कार्यप्रणाली पर भी असर पड़ सकता है, जिससे ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। डॉक्टरों ने खास तौर पर बुजुर्गों, बच्चों, डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। धूप में काम करने वाले लोगों को भी सतर्क रहने को कहा गया है। उन्होंने सलाह दी कि दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक तेज धूप में बाहर निकलने से बचें।
बाहर जाते समय सिर को ढककर रखें और शरीर में पानी की कमी न होने दें। सत्तू, छाछ, शिकंजी, बेल का शरबत और अन्य ठंडे पेय पदार्थ पीने की सलाह दी गई है। डॉक्टरों ने कहा कि यदि सीने में दर्द, सांस फूलना, ज्यादा पसीना आना, चक्कर या घबराहट महसूस हो तो तुरंत छाया में जाकर आराम करें और ठंडा पानी या पेय लें। जरूरत पड़ने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।