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Delhi NCR News: राजस्थान सीमा से सटे गांवों में रात के अंधेरे में जल रही रबड़, जहरीले धुएं से ग्रामीण परेशान
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ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन को कई बार शिकायतें देने और विरोध दर्ज कराने के बावजूद कार्रवाई नहीं होती
संवाद न्यूज एजेंसी
तावड़ू।
उपमंडल के अंतर्गत राजस्थान सीमा से सटे कई गांवों में अवैध कबाड़खानों में रात के समय रबड जलाने का कथित अवैध कारोबार लगातार जारी है, जिससे क्षेत्र में प्रदूषण और ग्रामीणों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन को कई बार शिकायतें देने और विरोध दर्ज कराने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी है।
ग्रामीणों के अनुसार सेवका, सूबासेड़ी, कांगरका, भोगीपुर और खोरी कला सहित आसपास के क्षेत्रों में खेतों की जमीन किराये पर लेकर अवैध कबाड़खाने संचालित किए जा रहे हैं। इन स्थानों पर रबर और अन्य कबाड़ सामग्री एकत्रित कर रात के अंधेरे में जलाया जाता है। बताया जा रहा है कि जलने के बाद बची सामग्री को ईंधन के रूप में ईंट-भट्टों आदि तक सप्लाई कर मुनाफा कमाया जाता है। इस प्रक्रिया से उठने वाला जहरीला धुआं वातावरण के लिए गंभीर खतरा बन रहा है, वहीं आसपास के ग्रामीण आंखों में जलन, सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि इस मामले को जिला प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण विभाग के संज्ञान में कई बार लाया जा चुका है। अधिकारियों द्वारा निरीक्षण भी किया गया और नोटिस जारी किए गए, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि वास्तविक गतिविधियां रात के समय होती हैं, जबकि निरीक्षण अधिकतर दिन में किए जाते हैं, जिससे अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक नहीं लग पाती। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि पिछले तीन दिनों से यह सिलसिला और तेज हुआ है। दो दिन पहले भी रबर जलने की घटना सामने आई थी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन कई बार इसे राजस्थान सीमा से जुड़ा मामला बताकर जिम्मेदारी से बचने की कोशिश करता है, जबकि उनका दावा है कि ये अवैध कबाड़खाने हरियाणा सीमा में ही संचालित हो रहे हैं। कुछ ग्रामीणों ने मामले में प्रशासनिक और प्रदूषण विभाग के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत की आशंका भी जताई है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। उधर प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि मामले में दोबारा मौके पर निरीक्षण किया जाएगा और संबंधित कबाड़खानों के खिलाफ नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार नोटिस जारी करने के साथ भारी जुर्माना लगाया जा सकता है और यदि नियमों की अनदेखी जारी रहती है तो पुलिस में शिकायत दर्ज कर एफआईआर तक कराने की कार्रवाई की जाएगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
तावड़ू।
उपमंडल के अंतर्गत राजस्थान सीमा से सटे कई गांवों में अवैध कबाड़खानों में रात के समय रबड जलाने का कथित अवैध कारोबार लगातार जारी है, जिससे क्षेत्र में प्रदूषण और ग्रामीणों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन को कई बार शिकायतें देने और विरोध दर्ज कराने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी है।
ग्रामीणों के अनुसार सेवका, सूबासेड़ी, कांगरका, भोगीपुर और खोरी कला सहित आसपास के क्षेत्रों में खेतों की जमीन किराये पर लेकर अवैध कबाड़खाने संचालित किए जा रहे हैं। इन स्थानों पर रबर और अन्य कबाड़ सामग्री एकत्रित कर रात के अंधेरे में जलाया जाता है। बताया जा रहा है कि जलने के बाद बची सामग्री को ईंधन के रूप में ईंट-भट्टों आदि तक सप्लाई कर मुनाफा कमाया जाता है। इस प्रक्रिया से उठने वाला जहरीला धुआं वातावरण के लिए गंभीर खतरा बन रहा है, वहीं आसपास के ग्रामीण आंखों में जलन, सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं।
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ग्रामीणों का कहना है कि इस मामले को जिला प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण विभाग के संज्ञान में कई बार लाया जा चुका है। अधिकारियों द्वारा निरीक्षण भी किया गया और नोटिस जारी किए गए, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि वास्तविक गतिविधियां रात के समय होती हैं, जबकि निरीक्षण अधिकतर दिन में किए जाते हैं, जिससे अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक नहीं लग पाती। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि पिछले तीन दिनों से यह सिलसिला और तेज हुआ है। दो दिन पहले भी रबर जलने की घटना सामने आई थी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन कई बार इसे राजस्थान सीमा से जुड़ा मामला बताकर जिम्मेदारी से बचने की कोशिश करता है, जबकि उनका दावा है कि ये अवैध कबाड़खाने हरियाणा सीमा में ही संचालित हो रहे हैं। कुछ ग्रामीणों ने मामले में प्रशासनिक और प्रदूषण विभाग के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत की आशंका भी जताई है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। उधर प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि मामले में दोबारा मौके पर निरीक्षण किया जाएगा और संबंधित कबाड़खानों के खिलाफ नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार नोटिस जारी करने के साथ भारी जुर्माना लगाया जा सकता है और यदि नियमों की अनदेखी जारी रहती है तो पुलिस में शिकायत दर्ज कर एफआईआर तक कराने की कार्रवाई की जाएगी।
