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विद्यार्थियों की व्यक्तिगत सीखने की क्षमता पर ध्यान दें स्कूल : शिक्षा मंत्री
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-शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने स्कूल प्राचार्यों से किया संवाद, सार्वजनिक वाहनों का प्रयोग करते हुए कार्यक्रम स्थल तक पहुंचे
स्मार्ट क्लासरूम, मानसिक स्वास्थ्य और संसाधन सुधार पर दिया विशेष जोर
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने सरकारी स्कूल प्रमुखों को विद्यार्थियों की व्यक्तिगत सीखने की क्षमता पर ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। स्कूल प्रमुखों को कहा गया है कि वे यह चिन्हित करें कि कौन सा विद्यार्थी किस विषय में विशेष रुचि एवं क्षमता रखता है, जिसे आगे बढ़ाने के लिए उचित प्रोत्साहन दिया जाए। सीखने की क्षमता पर ध्यान देते हुए स्मार्ट क्लासरूम डिजिटल लाइब्रेरी एवं आईसीटी लैब जैसे संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने के लिए निर्देशित किया है। शिक्षा मंत्री ने यह निर्देश स्कूल प्राचार्यों के साथ संवाद कार्यक्रम के दौरान दिए।
शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने सोमवार को जोन 7, 8 और 9, जिला उत्तर एवं उत्तर-पश्चिम-ए के प्रधानाचार्यों और स्कूल प्रमुखों के साथ विशेष संवाद कार्यक्रम कियाा। राज निवास स्थित सीएमश्री स्कूल में आयोजित इस कार्यक्रम में करीब 60 प्रधानाचार्यों एवं स्कूल प्रमुखों ने हिस्सा लिया। संवाद शृंखला कार्यक्रम के तहत आयोजित संवाद कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री ने सभी स्कूलों को सीबीएसई के नए मानकों के अनुरूप विद्यार्थियों की तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रैक्टिकल और थ्योरी दोनों में उत्तीर्ण होना अनिवार्य है, इसलिए विद्यालयों को विद्यार्थियों की समग्र शैक्षणिक गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देना होगा। उन्होंने स्कूल प्रमुखों से आठवीं से दसवीं के परीक्षा परिणामों में सुधार के लिए ठोस रणनीति बनाने, शिक्षकों के साथ नियमित समीक्षा बैठकें करने तथा विद्यार्थियों की व्यक्तिगत सीखने की क्षमता को बढ़ावा देने की बात कही।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय मानसिक तनाव का दौर है। ऐसे में उन्होंने स्कूलों को केवल शैक्षणिक परिणामों पर नहीं बल्कि विद्यार्थियों की मानसिक स्थिति, तनाव और भावनात्मक समस्याओं की पहचान पर भी ध्यान देने को कहा। उन्होंने स्कूलों में जीरो वेस्ट कैंपेन, प्रदूषण नियंत्रण, नशा मुक्ति जागरूकता अभियान एवं वृक्षा-रोपण जैसी गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए कहा।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने सरकारी स्कूल प्रमुखों को विद्यार्थियों की व्यक्तिगत सीखने की क्षमता पर ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। स्कूल प्रमुखों को कहा गया है कि वे यह चिन्हित करें कि कौन सा विद्यार्थी किस विषय में विशेष रुचि एवं क्षमता रखता है, जिसे आगे बढ़ाने के लिए उचित प्रोत्साहन दिया जाए। सीखने की क्षमता पर ध्यान देते हुए स्मार्ट क्लासरूम डिजिटल लाइब्रेरी एवं आईसीटी लैब जैसे संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने के लिए निर्देशित किया है। शिक्षा मंत्री ने यह निर्देश स्कूल प्राचार्यों के साथ संवाद कार्यक्रम के दौरान दिए।
शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने सोमवार को जोन 7, 8 और 9, जिला उत्तर एवं उत्तर-पश्चिम-ए के प्रधानाचार्यों और स्कूल प्रमुखों के साथ विशेष संवाद कार्यक्रम कियाा। राज निवास स्थित सीएमश्री स्कूल में आयोजित इस कार्यक्रम में करीब 60 प्रधानाचार्यों एवं स्कूल प्रमुखों ने हिस्सा लिया। संवाद शृंखला कार्यक्रम के तहत आयोजित संवाद कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री ने सभी स्कूलों को सीबीएसई के नए मानकों के अनुरूप विद्यार्थियों की तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रैक्टिकल और थ्योरी दोनों में उत्तीर्ण होना अनिवार्य है, इसलिए विद्यालयों को विद्यार्थियों की समग्र शैक्षणिक गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देना होगा। उन्होंने स्कूल प्रमुखों से आठवीं से दसवीं के परीक्षा परिणामों में सुधार के लिए ठोस रणनीति बनाने, शिक्षकों के साथ नियमित समीक्षा बैठकें करने तथा विद्यार्थियों की व्यक्तिगत सीखने की क्षमता को बढ़ावा देने की बात कही।
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उन्होंने कहा कि वर्तमान समय मानसिक तनाव का दौर है। ऐसे में उन्होंने स्कूलों को केवल शैक्षणिक परिणामों पर नहीं बल्कि विद्यार्थियों की मानसिक स्थिति, तनाव और भावनात्मक समस्याओं की पहचान पर भी ध्यान देने को कहा। उन्होंने स्कूलों में जीरो वेस्ट कैंपेन, प्रदूषण नियंत्रण, नशा मुक्ति जागरूकता अभियान एवं वृक्षा-रोपण जैसी गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए कहा।