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Delhi NCR News: लंबे समय तक बैठकर काम करने से बढ़ रहीं स्वास्थ्य समस्याएं
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। बदलती जीवनशैली और लंबे समय तक बैठकर काम करने की प्रवृत्ति अब युवाओं की सेहत पर भारी पड़ रही है। कम उम्र में ही कमर दर्द, मोटापा और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं, जो आगे चलकर गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती हैं। पूर्वी दिल्ली स्थित गुरु तेग बहादुर अस्पताल के डॉ. प्रवीण कुमार ने बताया कि लगातार कई घंटों तक एक ही स्थिति में बैठकर काम करने से रीढ़ की हड्डी पर दबाव बढ़ता है, जिससे कमर दर्द और गर्दन में जकड़न की शिकायत आम हो गई हैं। प्रतिदिन 15-20 युवा ऐसे आते हैं जो कमर दर्द और गर्दन दर्द की समस्या से परेशान हैं। डॉ. प्रवीण ने बताया कि नाइट शिफ्ट और अनियमित दिनचर्या के चलते नींद से जुड़ी समस्याएं भी बढ़ रही हैं। पर्याप्त नींद न मिलने से मानसिक तनाव, चिड़चिड़ापन और कार्यक्षमता में कमी देखने को मिल रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं को हर एक से दो घंटे में ब्रेक लेकर हल्की-फुल्की एक्सरसाइज करनी चाहिए। साथ ही,संतुलित आहार, नियमित दिनचर्या और रोजाना कम से कम 30 मिनट शारीरिक गतिविधि को अपनाना जरूरी है।
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नई दिल्ली। बदलती जीवनशैली और लंबे समय तक बैठकर काम करने की प्रवृत्ति अब युवाओं की सेहत पर भारी पड़ रही है। कम उम्र में ही कमर दर्द, मोटापा और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं, जो आगे चलकर गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती हैं। पूर्वी दिल्ली स्थित गुरु तेग बहादुर अस्पताल के डॉ. प्रवीण कुमार ने बताया कि लगातार कई घंटों तक एक ही स्थिति में बैठकर काम करने से रीढ़ की हड्डी पर दबाव बढ़ता है, जिससे कमर दर्द और गर्दन में जकड़न की शिकायत आम हो गई हैं। प्रतिदिन 15-20 युवा ऐसे आते हैं जो कमर दर्द और गर्दन दर्द की समस्या से परेशान हैं। डॉ. प्रवीण ने बताया कि नाइट शिफ्ट और अनियमित दिनचर्या के चलते नींद से जुड़ी समस्याएं भी बढ़ रही हैं। पर्याप्त नींद न मिलने से मानसिक तनाव, चिड़चिड़ापन और कार्यक्षमता में कमी देखने को मिल रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं को हर एक से दो घंटे में ब्रेक लेकर हल्की-फुल्की एक्सरसाइज करनी चाहिए। साथ ही,संतुलित आहार, नियमित दिनचर्या और रोजाना कम से कम 30 मिनट शारीरिक गतिविधि को अपनाना जरूरी है।