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प्रश्न पत्र तैयार करने में पारदर्शी नीति बनाए एसएससी : हाईकोर्ट
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- दिल्ली हाईकोर्ट ने एसएससी सीजीएल 2024 के परिणामों पर उठाए सवालों को खारिज किया
- हालांकि अदालत ने आयोग की खामियों पर सख्त टिप्पणियां की
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) के संयुक्त स्नातक स्तर परीक्षा (सीजीएल) 2024 के अंतिम परिणामों और उत्तर कुंजी को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं को खारिज कर दिया है। न्यायमूर्ति अनिल क्षेत्रपाल और न्यायमूर्ति अमित महाजन की पीठ ने कहा कि शैक्षणिक मामलों में न्यायिक हस्तक्षेप की सीमा सीमित है और विशेषज्ञों के फैसलों को तब तक नहीं बदला जा सकता जब तक स्पष्ट अवैधता या मनमानी साबित न हो। हालांकि, अदालत ने एसएससी की परीक्षा प्रक्रिया में गंभीर खामियों पर सख्त टिप्पणी की और भविष्य में सुधार की सलाह दी। अदालत ने कहा कि आयोग प्रश्न पत्र तैयार करने में अस्पष्टता से बचने के लिए पारदर्शी नीति बनाए।
याचिकाकर्ताओं ने सीजीएल 2024 के टियर-2 परीक्षा में 22 प्रश्नों को अमान्य घोषित करने और सभी उम्मीदवारों को एक समान ग्रेस अंक देने के फैसले को चुनौती दी थी। उनका तर्क था कि इससे मेरिट में अनुचित प्रभाव पड़ा और जो उम्मीदवार प्रश्नों का प्रयास नहीं किए या गलत जवाब दिए, उन्हें भी लाभ मिला। याचिकाकर्ताओं ने गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी मामले का हवाला देते हुए कहा कि ग्रेस अंक केवल प्रयास करने वालों को ही दिए जाने चाहिए। अदालत ने माना कि एसएससी ने अंतिम उत्तर कुंजी में बदलाव किए और 22 प्रश्नों पर सभी को अंक दिए, जो परीक्षा की तैयारी और मूल्यांकन में लापरवाही दर्शाता है। यह प्रश्न पत्र तैयार करने, जांचने और अनुवाद में कमी को दर्शाता है। अदालत ने एसएससी को चेतावनी दी कि अंतिम उत्तर कुंजी परिणाम घोषित करने के बाद जारी करने से उम्मीदवारों को समय पर चुनौती का मौका नहीं मिलता।
अदालत ने हस्तक्षेप करने से किया इनकार
हालांकि, अदालत ने हस्तक्षेप से इनकार करते हुए कहा कि शैक्षणिक मूल्यांकन में न्यायालय विशेषज्ञों की जगह नहीं ले सकते, खासकर जब विषय गणित, अंग्रेजी, इतिहास जैसे बहु-विषयी हों। अदालत ने सीएलएटी मामलों से तुलना को खारिज किया, क्योंकि वहां विषय कानून था, जहां अदालतों की विशेषज्ञता है। एसएससी ने दावा किया कि विशेषज्ञ समिति ने प्रश्नों को अस्पष्ट पाया, इसलिए सभी को अंक दिए गए। परीक्षा 2024 में लगभग 17,727 पदों के लिए हुई थी, जिसमें टियर-1 सितंबर 2024 में और टियर-2 जनवरी 2025 में आयोजित की गई। अंतिम परिणाम 12 मार्च 2025 को घोषित हुए।
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- हालांकि अदालत ने आयोग की खामियों पर सख्त टिप्पणियां की
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) के संयुक्त स्नातक स्तर परीक्षा (सीजीएल) 2024 के अंतिम परिणामों और उत्तर कुंजी को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं को खारिज कर दिया है। न्यायमूर्ति अनिल क्षेत्रपाल और न्यायमूर्ति अमित महाजन की पीठ ने कहा कि शैक्षणिक मामलों में न्यायिक हस्तक्षेप की सीमा सीमित है और विशेषज्ञों के फैसलों को तब तक नहीं बदला जा सकता जब तक स्पष्ट अवैधता या मनमानी साबित न हो। हालांकि, अदालत ने एसएससी की परीक्षा प्रक्रिया में गंभीर खामियों पर सख्त टिप्पणी की और भविष्य में सुधार की सलाह दी। अदालत ने कहा कि आयोग प्रश्न पत्र तैयार करने में अस्पष्टता से बचने के लिए पारदर्शी नीति बनाए।
याचिकाकर्ताओं ने सीजीएल 2024 के टियर-2 परीक्षा में 22 प्रश्नों को अमान्य घोषित करने और सभी उम्मीदवारों को एक समान ग्रेस अंक देने के फैसले को चुनौती दी थी। उनका तर्क था कि इससे मेरिट में अनुचित प्रभाव पड़ा और जो उम्मीदवार प्रश्नों का प्रयास नहीं किए या गलत जवाब दिए, उन्हें भी लाभ मिला। याचिकाकर्ताओं ने गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी मामले का हवाला देते हुए कहा कि ग्रेस अंक केवल प्रयास करने वालों को ही दिए जाने चाहिए। अदालत ने माना कि एसएससी ने अंतिम उत्तर कुंजी में बदलाव किए और 22 प्रश्नों पर सभी को अंक दिए, जो परीक्षा की तैयारी और मूल्यांकन में लापरवाही दर्शाता है। यह प्रश्न पत्र तैयार करने, जांचने और अनुवाद में कमी को दर्शाता है। अदालत ने एसएससी को चेतावनी दी कि अंतिम उत्तर कुंजी परिणाम घोषित करने के बाद जारी करने से उम्मीदवारों को समय पर चुनौती का मौका नहीं मिलता।
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अदालत ने हस्तक्षेप करने से किया इनकार
हालांकि, अदालत ने हस्तक्षेप से इनकार करते हुए कहा कि शैक्षणिक मूल्यांकन में न्यायालय विशेषज्ञों की जगह नहीं ले सकते, खासकर जब विषय गणित, अंग्रेजी, इतिहास जैसे बहु-विषयी हों। अदालत ने सीएलएटी मामलों से तुलना को खारिज किया, क्योंकि वहां विषय कानून था, जहां अदालतों की विशेषज्ञता है। एसएससी ने दावा किया कि विशेषज्ञ समिति ने प्रश्नों को अस्पष्ट पाया, इसलिए सभी को अंक दिए गए। परीक्षा 2024 में लगभग 17,727 पदों के लिए हुई थी, जिसमें टियर-1 सितंबर 2024 में और टियर-2 जनवरी 2025 में आयोजित की गई। अंतिम परिणाम 12 मार्च 2025 को घोषित हुए।