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Delhi NCR News: अमेरिका-ईरान युद्ध से स्टेशनरी की कीमतों में लगी आग
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- डीजल-पेट्रोल महंगा होने से परिवहन लागत में बढ़ोतरी का असर
- प्लास्टिक कवर, फाइल और ज्योमेट्री बॉक्स के दाम 20-25 रुपये तक बढ़े
नेहा शर्मा
नोएडा। ईरान-अमेरिका के बीच बढ़े तनाव का असर शिक्षा पर भी दिखाई दे रहा है। नए शैक्षणिक सत्र से पहले ही स्टेशनरी के दाम बढ़ने लगे हैं। खासतौर पर प्लास्टिक से बने उत्पाद महंगे हो गए हैं।
दुकानदारों के अनुसार, बाजार में अभी पहले से मौजूद स्टॉक बेचे जा रहे हैं। लेकिन, अप्रैल में आने वाले नए स्टॉक में कीमतें बढ़ सकती हैं। फिलहाल कॉपी-किताबों के प्लास्टिक कवर कई रुपये महंगे हो गए हैं। स्टेशनरी कारोबारियों का कहना है कि प्लास्टिक से जुड़े कच्चे माल की कीमतें बढ़ने और महंगे हुए डीजल-पेट्रोल से परिवहन लागत में बढ़ोतरी का असर स्टेशनरी उत्पादों पर पड़ रहा है।
सेक्टर-22 में बुक स्टोर चलाने वाले नीरज भार्गव ने बताया कि प्लास्टिक फाइल, लेमिनेशन, प्लास्टिक ज्योमेट्री बॉक्स, कवर और प्लास्टिक से बने अन्य सामान के दाम 20 से 25 रुपये तक बढ़ गए हैं। नया स्टॉक आने पर कीमतें और बढ़ सकतीं हैं। पुराने स्टॉक में उपलब्ध होने के कारण पेन जैसे उत्पादों के दाम में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ है। उन्होंने नए स्टॉक में इसकी कीमत बढ़ने की भी आशंका जताई है।
एक अन्य दुकानदार पवन ने बताया कि बुक कवर पहले 20 रुपये के आते थे, लेकिन अब 35 रुपये से अधिक में बिक रहे हैं। प्लास्टिक फाइलों पर भी 5 से 10 रुपये बढ़े हैं। हालांकि, कॉपियों की कीमतों पर खास फर्क नहीं पड़ा है।
9वीं की एनसीईआरटी की किताबें हो सकतीं हैं महंगी
दुकानदारों के अनुसार, अभी तक 9वीं कक्षा की एनसीईआरटी की किताबें बाजार में नहीं आईं हैं। फिलहाल केवल अंग्रेजी की पीडीएफ फाइल उपलब्ध हुई है। पहले सीबीएसई की दो किताबें करीब 95 रुपये में मिल जाती थीं, लेकिन नई पीडीएफ में इनकी कीमत 145 रुपये अंकित है। किताबें बाजार में आने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
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अभी स्कूल की ओर से फीस और किताबों की रेट लिस्ट नहीं मिली है। स्टेशनरी महंगी होने की जानकारी मिली है, जिसका असर हम अभिभावकों पर पड़ेगा।
बृजेश भाटी, अभिभावक
स्टेशनरी काफी महंगी हो गई है। कॉपी के कवर के दाम पहले की तुलना में काफी बढ़ गए हैं। अब देखना है कि स्कूलों की ओर से किताबों की रेट लिस्ट कैसी आती है।
मंजु, अभिभावक
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- प्लास्टिक कवर, फाइल और ज्योमेट्री बॉक्स के दाम 20-25 रुपये तक बढ़े
नेहा शर्मा
नोएडा। ईरान-अमेरिका के बीच बढ़े तनाव का असर शिक्षा पर भी दिखाई दे रहा है। नए शैक्षणिक सत्र से पहले ही स्टेशनरी के दाम बढ़ने लगे हैं। खासतौर पर प्लास्टिक से बने उत्पाद महंगे हो गए हैं।
दुकानदारों के अनुसार, बाजार में अभी पहले से मौजूद स्टॉक बेचे जा रहे हैं। लेकिन, अप्रैल में आने वाले नए स्टॉक में कीमतें बढ़ सकती हैं। फिलहाल कॉपी-किताबों के प्लास्टिक कवर कई रुपये महंगे हो गए हैं। स्टेशनरी कारोबारियों का कहना है कि प्लास्टिक से जुड़े कच्चे माल की कीमतें बढ़ने और महंगे हुए डीजल-पेट्रोल से परिवहन लागत में बढ़ोतरी का असर स्टेशनरी उत्पादों पर पड़ रहा है।
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सेक्टर-22 में बुक स्टोर चलाने वाले नीरज भार्गव ने बताया कि प्लास्टिक फाइल, लेमिनेशन, प्लास्टिक ज्योमेट्री बॉक्स, कवर और प्लास्टिक से बने अन्य सामान के दाम 20 से 25 रुपये तक बढ़ गए हैं। नया स्टॉक आने पर कीमतें और बढ़ सकतीं हैं। पुराने स्टॉक में उपलब्ध होने के कारण पेन जैसे उत्पादों के दाम में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ है। उन्होंने नए स्टॉक में इसकी कीमत बढ़ने की भी आशंका जताई है।
एक अन्य दुकानदार पवन ने बताया कि बुक कवर पहले 20 रुपये के आते थे, लेकिन अब 35 रुपये से अधिक में बिक रहे हैं। प्लास्टिक फाइलों पर भी 5 से 10 रुपये बढ़े हैं। हालांकि, कॉपियों की कीमतों पर खास फर्क नहीं पड़ा है।
9वीं की एनसीईआरटी की किताबें हो सकतीं हैं महंगी
दुकानदारों के अनुसार, अभी तक 9वीं कक्षा की एनसीईआरटी की किताबें बाजार में नहीं आईं हैं। फिलहाल केवल अंग्रेजी की पीडीएफ फाइल उपलब्ध हुई है। पहले सीबीएसई की दो किताबें करीब 95 रुपये में मिल जाती थीं, लेकिन नई पीडीएफ में इनकी कीमत 145 रुपये अंकित है। किताबें बाजार में आने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
अभी स्कूल की ओर से फीस और किताबों की रेट लिस्ट नहीं मिली है। स्टेशनरी महंगी होने की जानकारी मिली है, जिसका असर हम अभिभावकों पर पड़ेगा।
बृजेश भाटी, अभिभावक
स्टेशनरी काफी महंगी हो गई है। कॉपी के कवर के दाम पहले की तुलना में काफी बढ़ गए हैं। अब देखना है कि स्कूलों की ओर से किताबों की रेट लिस्ट कैसी आती है।
मंजु, अभिभावक