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आतंकी हमले की साजिश नाकाम: 'जल्द बम धामके करने हैं', ऐसा मिले थे निर्देश; दिसंबर में रेकी करने आया था उमर
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 24 Feb 2026 03:06 PM IST
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सार
दिल्ली में आतंकी हमले की साजिश को नाकाम करने के मामले में बड़ी खुलासा हुआ है। उमर फारूक को दिल्ली और देश में अन्य जगह रेकी करने भेजा था। उमर दिसंबर में दिल्ली आया था।
दिल्ली पुलिस ने आठ संदिग्धों को पकड़ा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
देश में आतंकी हमले की साजिश को नाकाम करते हुए पकड़े गए लश्कर ए तैयबा के बांग्लादेशी मॉड्यूल के कथित आतंकियों ने पूछताछ में बड़ा खुलासा किया है। आतंकियों ने बताया कि उन्हें भारत में जल्द ही धमाके करने का निर्देश लश्कर हैंडलर और बांग्लादेश में बैठे शब्बीरी अहमद लोन ने दिए थे। हालांकि उसने तारीख नहीं बताई थी।
बस इतना कहा गया था कि दिल्ली समेत अन्य जगहों पर आईईडी रखकर भीड़भाड़ वाली जगहों पर बम धमाके करने थे। दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि उमर फारूक को दिल्ली और देश में अन्य जगह रेकी करने भेजा था। उमर दिसंबर में दिल्ली आया था।
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बस इतना कहा गया था कि दिल्ली समेत अन्य जगहों पर आईईडी रखकर भीड़भाड़ वाली जगहों पर बम धमाके करने थे। दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि उमर फारूक को दिल्ली और देश में अन्य जगह रेकी करने भेजा था। उमर दिसंबर में दिल्ली आया था।
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उसने दिल्ली में मंदिरों की रेकी की थी। इनें अक्षरधाम, लोटस टेम्पल, कालकाजी मंदिर, छत्तरपुर मंदिर हैं। साथ ही हैंडलर को इन मंदिरों की लोकेशन भेजी थी और ये बताया था कि किस मंदिर में सुरक्षा में कहां-कहां और क्या-क्या खामियां हैं।
उमर अपने पश्चिमी बंगाल के साथ के साथ फरवरी महीने में फिर दिल्ली आया था। उसने एआई समिट से पहले आईएसबीटी, कश्मीरी गेट और सुप्रीम कोर्ट के पास मेट्रो स्टेशन पर पोस्टर लगाए थे।
पुलिस ऐसे पहुंची आतंकियों तक
उमर फारूक ने जब सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन पर 7 फरवरी को पोस्टर लगाए थे तो आठ फरवरी को सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था। 8 फरवरी को ही मामले की जांच दिल्ली पुलिस की स्पशेल सेल को सौंप दी गई थी।
उमर फारूक ने जब सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन पर 7 फरवरी को पोस्टर लगाए थे तो आठ फरवरी को सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था। 8 फरवरी को ही मामले की जांच दिल्ली पुलिस की स्पशेल सेल को सौंप दी गई थी।
स्पेशल सेल की एनडीआर यूनिट में तैनात इंस्पेक्टर सुनील राजैन, इंस्पेक्टर धीरज महलावत, एसआई महिपाल और एसआई अबोध की टीम ने जांच शुरू की। 9 फरवरी को स्पेशल सेल की टीम कोलकाता के लिए रवाना हो गई थी। जांच के बाद पुलिस टीम ने छह आरोपियों को तमिलनाडु व दो पश्चिमी बंगाल से गिरफ्तार कर लिया। सभी को सात दिन की पुलिस रिमांड पर लिया है।
तमिलनाडु वाले स्लीपर सेल हैं
पुलिस की जांच में ये बात सामने आई है कि लश्कर के इस मॉड्यूल तमिलनाडु से गिरफ्तार किए गए आरोपी इस मॉड्यूल के स्लीपर सेल हैं। हैंडलर इनको बम धमाके करने में इस्तेमाल करता।
पुलिस की जांच में ये बात सामने आई है कि लश्कर के इस मॉड्यूल तमिलनाडु से गिरफ्तार किए गए आरोपी इस मॉड्यूल के स्लीपर सेल हैं। हैंडलर इनको बम धमाके करने में इस्तेमाल करता।
हवाई जहाज से आना-जाना है
हैंडलर तमिलनाडु से पकड़े गए स्लीपर सेल को दिल्ली व अन्य धमाके लिए तैयार कर रहा था। वह इनसे बम जगह-जगह बम रखवाता था। इनको बोला गया था कि हवाई जहाज से दिल्ली जाना है और फिर काम करने के बाद हवाईजहाज से ही वापस आना है।
हैंडलर तमिलनाडु से पकड़े गए स्लीपर सेल को दिल्ली व अन्य धमाके लिए तैयार कर रहा था। वह इनसे बम जगह-जगह बम रखवाता था। इनको बोला गया था कि हवाई जहाज से दिल्ली जाना है और फिर काम करने के बाद हवाईजहाज से ही वापस आना है।
ये लोग तमिलनाडु में एक कपड़ा फैक्टरी में काम कर रहे थे। खुफिया विभाग ने इनपुट में कहा है कि पाकिस्तान में हाल में मस्जिदों में बम धमाके हुए हैं। ऐसे में लश्कर ने इन धमाकों को बदला लेने के लिए भारत में मंदिरों में बधाके करने की साजिश रची थी।