आतंकी इमरान और कमरान का खुलासा: ISI भेज रहा भारत में आधुनिक हथियार, क्या है पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी का प्लान?
दोनों आतंकियों ने बताया कि आईएसआई थाईलैंड व नेपाल के जरिए भारत में अत्याधुनिक हथियार सप्लाई कर रहा है। पुलिस ने अब तक 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 211 कारतूसों और 23 विदेशी हथियार बरामद हुए हैं।
विस्तार
पाकिस्तान व उसकी खुफिया एजेंसी आईएसआई भारत में बड़ी आतंकी वारदातों को लिए भारत में अत्याधुनिक विदेशी हथियार भिजवा रहा है। आतंकियों का एक मॉड्यूल इन हथियारों का इस्तेमाल किसी खास व्यक्ति या समूह पर हमला करने (टारगेटेड अटैक) या अंधाधुंध गोलीबारी की घटनाओं को अंजाम देने के लिए किया जाता। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने आईएसआई से लिंक्ड इस अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी और आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए 2 मुख्य गुर्गों इमरान (37) और कमरान (27) को गिरफ्तार किया है। ये अवैध हथियारों के मुख्य सप्लायर थे।
23 अत्याधुनिक विदेशी हथियार व 211 कारतूस जब्त
अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त संजीव कुमार यादव ने बताया कि शाहबाज अंसारी की ओर से संचालित इस नेटवर्क से अब तक कुल 12 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। साथ ही 23 अत्याधुनिक विदेशी हथियार व 211 कारतूस जब्त किए गए हैं। यह गैंग नेपाल/बांग्लादेश के रास्ते भारत में हथियार लाता था। अब गिरफ्तार दोनों गुर्गो से 2 अत्याधुनिक हथियार, 11 कारतूस और एक कार बरामद की गई है। यह मॉड्यूल पाकिस्तान की आईएसआई से जुड़ा है, जिसका उद्देश्य भारत की आंतरिक सुरक्षा को कमजोर करना था। नेटवर्क एन्क्रिप्टेड ऐप्स और फर्जी सिम कार्ड का इस्तेमाल करता था और हवाला के जरिए लेन-देन करता था। इस मामले में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धाराएं भी जोड़ी गई हैं।
आईजीआई से हुई गिरफ्तारी
पुलिस उपायुक्त यादव ने बताया कि इंस्पेक्टर मान सिंह और इंस्पेक्टर सुंदर गौतम की टीम ने शाहबाज अंसारी के अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी व आतंकी मॉड्यूल के दोनों गुर्गों को 2 अप्रैल को आईजीआई हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया था। पुलिस ने सिकंदराबाद, बुलंदशहर, यूपी निवासी इमरान पुत्र स्वर्गीय याहिया खान और बुलंदशहर, यूपी निवासी मोहम्मद कामरान पुत्र स्वर्गीय मोहम्मद कामिल को उनके खिलाफ जारी किए गए एलओसी (लुक आउट सर्कुलर) के आधार पर पकड़ा गया है। शुरू में इस मामले में 10 अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया था।
यूपी से कार बरामद की गई
आरोपियों इमरान और कामरान की निशानदेही पर बुलंदशहर, यूपीसे एक मारुति स्विफ्ट कार बरामद की गई है। कार में अवैध हथियारों और गोला-बारूद की ढुलाई के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले गुप्त खाने पाए गए। आरोपी इमरान की निशानदेही पर एक पिस्तौल (0.30 बोर) और 5 कारतूस बरामद किए गए। आरोपी कामरान की निशानदेही पर एक रिवॉल्वर (0.32 बोर) और 6 कारतूस बरामद किए गए।
रिजवान के कब्जे से बम बनाने का पूरा सामान व कैमिकल मिला
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल (काउंटर इंटेलीजेंस) ने यूपी के कुशी नगर से जिस आतंकी रिजवान अहमद को गिरफ्तार किया है उसके कब्जे से बम बनाने का पूरा सामान बरामद किया गया है। बम बनाने के सामान में मोडिफाई टेबल घड़ी, 500 ग्राम से ज्यादा केमिकल, टाइमर, बॉल वॉयरिंग के अलावा युवाओं को धर्म विशेष के नाम पर जेहादी बनाने का आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है। स्पेशल सेल एक दिन का पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद सोमवार को फिर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने रिजवान को फिर एक दिन की रिमांड पर पुलिस को सौंप दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उसे मंगलवार को संबंधित कोर्ट में पेश किया जाएगा।
रिजवान कर रहा था ब्रेनवॉश
स्पेशल सेल के वरिष्ठ पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपी रिजवान इस बार युवाओं के साथ-साथ नाबालिगों का भी ब्रेनवॉश कर रहा था। वह चार से पांच नाबालिगों के संपर्क थी। आरोपी ने बताया कि नाबालिग लड़कों का ब्रेनवॉश जल्दी हो जाता है, इस कारण वह नाबालिग लड़कों को जेहादी बनाने में लगा हुआ था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि संदिग्ध आतंकी रिजवान देश को दहलान की साजिश रच रहा था। उसे बम बनाने आता था और उसके पास बम बनाने का पूरा सामान मिला है। वह जिन युवकों को जेहादी बना रहा था उन्हें ये सोशल मीडिया के जरिए पकड़ता था और उनसे मिलने जाता था। युवकों से मिलकर ये उनका ब्रेन वॉश करता।
भारत में जल्द ही बम धमाके करवाता
आरोपी ने पूछताछ में खुलासा किया है कि वह इन युवाओं से देश में जल्द ही बम धमाके करवाता। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (आईएसआई) ने उसे वर्ष 2015 में आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के कारण गिरफ्तार किया था। वह वर्ष 2023 तक जेल में आठ साल रहा था। जेल से बाहर आते ही ये इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एण्ड सीरिया (आईसिस) के फिर संपर्क में आकर युवाओं को आतंकी बनाने में जुट गया था। कुशीनगर, यूपी के पढऱौना गांव निवासी रिजवान अहमद (30) सीरिया में किसी से एप्लीकेशन के जरिए बात करता था।