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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   The 15-year history of protests and metro shutdowns: This time, the longest wait

Delhi NCR News: आंदोलन और मेट्रो बंदी का 15 साल पुराना रिश्ता, इस बार सबसे लंबा इंतजार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 22 Jul 2026 06:07 PM IST
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-अन्ना आंदोलन से शुरू हुआ सिलसिला, निर्भया, किसान आंदोलन, जी-20 और अब 17 स्टेशनों की तक पहुंचा
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अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली। दिल्ली में जब भी कोई बड़ा आंदोलन या हाई सिक्योरिटी आयोजन होता है, सबसे पहले असर मेट्रो पर दिखता है। पहले पुलिस सड़कें बंद करती थी, अब मेट्रो के गेट भी बंद करा दिए जाते हैं। बुधवार को सुबह करीब 9 बजे से 17 स्टेशन बंद किए गए, जिससे सवाल उठा कि क्या कानून-व्यवस्था का सबसे बड़ा हथियार अब मेट्रो बंद करना बन गया है।
बुधवार की कार्रवाई इसलिए अलग है क्योंकि देर शाम तक डीएमआरसी यह नहीं बता सका कि स्टेशन कब खुलेंगे। अगले आदेश तक बंद की घोषणा से हजारों यात्रियों को वैकल्पिक रास्ते तलाशने पड़े। ऑफिस जाने वालों से लेकर मरीजों, छात्रों व पर्यटकों तक सभी को परेशानी उठानी पड़ी।
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मेट्रो बंद करने की शुरुआत 2011 के अन्ना आंदोलन में हुई, जहां उद्योग भवन, केंद्रीय सचिवालय, पटेल चौक, खान मार्केट व रेसकोर्स स्टेशन बंद किए गए। 2012 में निर्भया आंदोलन, 2020-21 के किसान आंदोलन, 26 जनवरी 2021 की ट्रैक्टर परेड और सितंबर 2023 के जी-20 सम्मेलन में भी चुनिंदा स्टेशनों पर पाबंदी लगी, लेकिन कुछ घंटों या निर्धारित कार्यक्रम के बाद स्टेशन खोल दिए गए।
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बुधवार की कार्रवाई इस मायने में अलग है कि सुबह से बंद 17 स्टेशनों को देर शाम तक नहीं खोला गया और खुलने का समय भी घोषित नहीं किया, जिससे यह हाल के वर्षों की सबसे लंबी अनिश्चितकालीन सुरक्षा बंदियों में शामिल हो गई है।
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