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Delhi NCR News: 11 महीने में बनी थी विधानसभा की इमारत, अब पांच साल में भी मुश्किल
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, मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने अपने ही विभाग पर कसा तंज, कहा-11 महीने में बनी ऐतिहासिक विधानसभा आज भी मजबूती की मिसाल
आज की पीडब्ल्यूडी बनाती दिल्ली विधानसभा जैसी इमारत, तो पांच साल में ही टूट जाती
दिल्ली विधानसभा में हुए विशेष कार्यक्रम में ‘विधान चेतना’ का लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने किया लोकार्पण
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने ऐतिहासिक विधानसभा भवन के निर्माण का जिक्र करते हुए मौजूदा सरकारी निर्माण व्यवस्था की कलई खोली। उन्होंने कहा कि सेठ फतेहचंद ने केंद्रीय विधानसभा की खूबसूरत इमारत को सिर्फ 11 महीने में तैयार कर दिया था, जबकि आज की पीडब्ल्यूडी ऐसी इमारत पांच साल में भी शायद न बना पाए। यदि बना भी ले तो पांच साल में ही इमारत टूट जाए। मंत्री की इस टिप्पणी के दौरान सदन में मौजूद लोगों के बीच हल्की मुस्कान और चर्चा भी देखने को मिली।
पीडब्ल्यूडी मंत्री के इस बयान को मौजूदा सरकारी निर्माण व्यवस्था में सुधार, बेहतर निगरानी और जवाबदेही बढ़ाने की जरूरत के संदर्भ में देखा गया। मंत्री ने भी कहा कि वह स्वयं पीडब्ल्यूडी मंत्री हैं, इसलिए उनको यह सच्चाई बखूबी पता है। पीडब्ल्यूडी की यह कार्यप्रणाली मौजूदा सरकार को विरासत में मिली है, जिसे उनकी सरकार लगातार बदलने की कोशिश कर रही है।
मौका विधान चेतना के अनावरण का था : कार्यक्रम में दिल्ली विधानसभा की त्रैमासिक पत्रिका विधान चेतना का अनावरण किया गया। यह 1924 से 1930 तक की केंद्रीय विधानसभा की कार्यवाहियों, बहसों और चर्चाओं के 89 खंडीय प्रकाशन है, जिसका लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अनावरण किया, जबकि केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। इस दौरान पीडब्ल्यूडी मंत्री ने विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में विधानसभा अध्यक्ष ने इस ऐतिहासिक इमारत और इसके गौरवशाली इतिहास से लोगों को दोबारा परिचित कराने का काम किया है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने दिल्ली विधानसभा भवन को लोकतंत्र की विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
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आज की पीडब्ल्यूडी बनाती दिल्ली विधानसभा जैसी इमारत, तो पांच साल में ही टूट जाती
दिल्ली विधानसभा में हुए विशेष कार्यक्रम में ‘विधान चेतना’ का लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने किया लोकार्पण
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने ऐतिहासिक विधानसभा भवन के निर्माण का जिक्र करते हुए मौजूदा सरकारी निर्माण व्यवस्था की कलई खोली। उन्होंने कहा कि सेठ फतेहचंद ने केंद्रीय विधानसभा की खूबसूरत इमारत को सिर्फ 11 महीने में तैयार कर दिया था, जबकि आज की पीडब्ल्यूडी ऐसी इमारत पांच साल में भी शायद न बना पाए। यदि बना भी ले तो पांच साल में ही इमारत टूट जाए। मंत्री की इस टिप्पणी के दौरान सदन में मौजूद लोगों के बीच हल्की मुस्कान और चर्चा भी देखने को मिली।
पीडब्ल्यूडी मंत्री के इस बयान को मौजूदा सरकारी निर्माण व्यवस्था में सुधार, बेहतर निगरानी और जवाबदेही बढ़ाने की जरूरत के संदर्भ में देखा गया। मंत्री ने भी कहा कि वह स्वयं पीडब्ल्यूडी मंत्री हैं, इसलिए उनको यह सच्चाई बखूबी पता है। पीडब्ल्यूडी की यह कार्यप्रणाली मौजूदा सरकार को विरासत में मिली है, जिसे उनकी सरकार लगातार बदलने की कोशिश कर रही है।
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मौका विधान चेतना के अनावरण का था : कार्यक्रम में दिल्ली विधानसभा की त्रैमासिक पत्रिका विधान चेतना का अनावरण किया गया। यह 1924 से 1930 तक की केंद्रीय विधानसभा की कार्यवाहियों, बहसों और चर्चाओं के 89 खंडीय प्रकाशन है, जिसका लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अनावरण किया, जबकि केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। इस दौरान पीडब्ल्यूडी मंत्री ने विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में विधानसभा अध्यक्ष ने इस ऐतिहासिक इमारत और इसके गौरवशाली इतिहास से लोगों को दोबारा परिचित कराने का काम किया है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने दिल्ली विधानसभा भवन को लोकतंत्र की विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।