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Delhi NCR News: कांवड़ में दिख रहे भक्ति के अलग-अलग रंग
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कोई शिव मंदिर तो कोई साधारण कांवड़ लेकर पहुंच रहा दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। सावन में राजधानी की सड़कों पर इन दिनों आस्था के कई रंग देखने को मिल रहे हैं। गौमुख और हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे शिवभक्त अपनी-अपनी श्रद्धा, परंपरा और अंदाज के अनुसार अलग-अलग स्वरूप की कांवड़ लेकर पहुंच रहे हैं। किसी की कांवड़ भव्य सजावट से आकर्षण का केंद्र बनी हुई है तो कोई साधारण कांवड़ के साथ भोले की भक्ति में लीन नजर आ रहा है।
दिल्ली के विभिन्न इलाकों में कांवड़ियों की काफी चहल-पहल हो चुकी है। कांवड़ देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उमड़ रहे हैं। कई लोगों ने अनोखी कांवड़ों को अपने मोबाइल कैमरे में कैद किया तो कुछ ने कांवड़ियों के साथ सेल्फी भी ली। अधिकतर शिवभक्त झूला कांवड़ लेकर दिल्ली पहुंचे। इस कांवड़ में बांस के डंडे के दोनों ओर गंगाजल से भरे तांबे, स्टील के लोटे और कैन लटके हुए थे। वहीं कुछ भक्त खड़ी कांवड़ और बैठी कांवड़ लेकर भी पहुंचे। कुछ कांवड़ियों ने अपनी कांवड़ को इतना आकर्षक रूप दिया कि वह चलते-फिरते मंदिर जैसी नजर आई। कांवड़ के बीच में शिवलिंग स्थापित किया गया था और उसमें गंगाजल से भरा पात्र रखा गया था। ऐसी कांवड़ को दो से चार शिवभक्त मिलकर अपने कंधों पर लेकर चल रहे थे।
सादगी में भी दिखी श्रद्धा
जहां कुछ शिवभक्तों ने कांवड़ को रंग-बिरंगी लाइटों, भगवान शिव और मां गंगा की तस्वीरों से सजाया हुआ था, वहीं कई भक्त बिना किसी सजावट के साधारण कांवड़ लेकर चल रहे थे। उनके लिए कांवड़ की भव्यता नहीं, बल्कि भोलेनाथ के प्रति आस्था सबसे बड़ी थी। कुछ शिवभक्तों ने अनोखा तरीका अपनाते हुए रस्सी और भगवा कपड़े में गंगाजल से भरी छोटी-छोटी कैन गले में लटकाकर यात्रा पूरी की।
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रेहड़ी को बना दिया शिव मंदिर
इस बार कुछ कांवड़ियों की रचनात्मकता भी देखने को मिली। कुछ भक्त रेहड़ी को ही शिव मंदिर का स्वरूप देकर कांवड़ के रूप में लेकर पहुंचे। रेहड़ी पर शिवलिंग स्थापित किया गया था और उसके चारों ओर भगवान शिव व मां गंगा की तस्वीरें लगाई गई थीं। बिजली की झालरों से सजी ये कांवड़ लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रही।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। सावन में राजधानी की सड़कों पर इन दिनों आस्था के कई रंग देखने को मिल रहे हैं। गौमुख और हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे शिवभक्त अपनी-अपनी श्रद्धा, परंपरा और अंदाज के अनुसार अलग-अलग स्वरूप की कांवड़ लेकर पहुंच रहे हैं। किसी की कांवड़ भव्य सजावट से आकर्षण का केंद्र बनी हुई है तो कोई साधारण कांवड़ के साथ भोले की भक्ति में लीन नजर आ रहा है।
दिल्ली के विभिन्न इलाकों में कांवड़ियों की काफी चहल-पहल हो चुकी है। कांवड़ देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उमड़ रहे हैं। कई लोगों ने अनोखी कांवड़ों को अपने मोबाइल कैमरे में कैद किया तो कुछ ने कांवड़ियों के साथ सेल्फी भी ली। अधिकतर शिवभक्त झूला कांवड़ लेकर दिल्ली पहुंचे। इस कांवड़ में बांस के डंडे के दोनों ओर गंगाजल से भरे तांबे, स्टील के लोटे और कैन लटके हुए थे। वहीं कुछ भक्त खड़ी कांवड़ और बैठी कांवड़ लेकर भी पहुंचे। कुछ कांवड़ियों ने अपनी कांवड़ को इतना आकर्षक रूप दिया कि वह चलते-फिरते मंदिर जैसी नजर आई। कांवड़ के बीच में शिवलिंग स्थापित किया गया था और उसमें गंगाजल से भरा पात्र रखा गया था। ऐसी कांवड़ को दो से चार शिवभक्त मिलकर अपने कंधों पर लेकर चल रहे थे।
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सादगी में भी दिखी श्रद्धा
जहां कुछ शिवभक्तों ने कांवड़ को रंग-बिरंगी लाइटों, भगवान शिव और मां गंगा की तस्वीरों से सजाया हुआ था, वहीं कई भक्त बिना किसी सजावट के साधारण कांवड़ लेकर चल रहे थे। उनके लिए कांवड़ की भव्यता नहीं, बल्कि भोलेनाथ के प्रति आस्था सबसे बड़ी थी। कुछ शिवभक्तों ने अनोखा तरीका अपनाते हुए रस्सी और भगवा कपड़े में गंगाजल से भरी छोटी-छोटी कैन गले में लटकाकर यात्रा पूरी की।
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रेहड़ी को बना दिया शिव मंदिर
इस बार कुछ कांवड़ियों की रचनात्मकता भी देखने को मिली। कुछ भक्त रेहड़ी को ही शिव मंदिर का स्वरूप देकर कांवड़ के रूप में लेकर पहुंचे। रेहड़ी पर शिवलिंग स्थापित किया गया था और उसके चारों ओर भगवान शिव व मां गंगा की तस्वीरें लगाई गई थीं। बिजली की झालरों से सजी ये कांवड़ लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रही।