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Delhi NCR News: हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने वर्किंग शनिवारों का बहिष्कार का किया फैसला
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने हाईकोर्ट के पहले और तीसरे शनिवार को नियमित कार्य दिवस बनाने के फैसले का विरोध करते हुए इन दिनों पर काम करने का बहिष्कार करने का प्रस्ताव पारित किया है। यह फैसला 27 मार्च को हुई बैठक में लिया गया और बहिष्कार 4 अप्रैल से शुरू होगा।
बार एसोसिएशन की कार्यकारी समिति ने नोटिस जारी कर सदस्यों से अपील की है कि वे पहले और तीसरे शनिवार को अदालत में काम न करें। प्रत्येक अदालत के लिए प्रॉक्सी वकील नियुक्त किए जाएंगे ताकि जरूरी मामलों में व्यवधान न हो। बार एसोसिएशन ने कहा कि उच्च न्यायालय को कई बार लिखित प्रतिनिधित्व भेजे गए थे, जिसमें शनिवार को कार्य दिवस बनाने के फैसले पर पुनर्विचार की मांग की गई थी लेकिन, कोई जवाब नहीं मिला। कार्यकारी समिति ने कहा कि शनिवार को अदालत खुलने से उनके पेशेवर शेड्यूल में व्यवधान पड़ रहा है। सदस्यों को अन्य ट्रिब्यूनल, आर्बिट्रेशन, मीडिएशन और दिल्ली के बाहर की अदालतों में पेश होने में दिक्कत हो रही है।
उच्च न्यायालय ने जनवरी 2026 में अधिसूचना जारी कर पहले और तीसरे शनिवार को आधिकारिक कार्य दिवस घोषित किया था। इससे पहले अक्तूबर 2025 में हर बेंच को महीने में एक शनिवार बैठने का प्रावधान किया था, जिसका बार ने जोरदार विरोध किया था।
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नई दिल्ली। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने हाईकोर्ट के पहले और तीसरे शनिवार को नियमित कार्य दिवस बनाने के फैसले का विरोध करते हुए इन दिनों पर काम करने का बहिष्कार करने का प्रस्ताव पारित किया है। यह फैसला 27 मार्च को हुई बैठक में लिया गया और बहिष्कार 4 अप्रैल से शुरू होगा।
बार एसोसिएशन की कार्यकारी समिति ने नोटिस जारी कर सदस्यों से अपील की है कि वे पहले और तीसरे शनिवार को अदालत में काम न करें। प्रत्येक अदालत के लिए प्रॉक्सी वकील नियुक्त किए जाएंगे ताकि जरूरी मामलों में व्यवधान न हो। बार एसोसिएशन ने कहा कि उच्च न्यायालय को कई बार लिखित प्रतिनिधित्व भेजे गए थे, जिसमें शनिवार को कार्य दिवस बनाने के फैसले पर पुनर्विचार की मांग की गई थी लेकिन, कोई जवाब नहीं मिला। कार्यकारी समिति ने कहा कि शनिवार को अदालत खुलने से उनके पेशेवर शेड्यूल में व्यवधान पड़ रहा है। सदस्यों को अन्य ट्रिब्यूनल, आर्बिट्रेशन, मीडिएशन और दिल्ली के बाहर की अदालतों में पेश होने में दिक्कत हो रही है।
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उच्च न्यायालय ने जनवरी 2026 में अधिसूचना जारी कर पहले और तीसरे शनिवार को आधिकारिक कार्य दिवस घोषित किया था। इससे पहले अक्तूबर 2025 में हर बेंच को महीने में एक शनिवार बैठने का प्रावधान किया था, जिसका बार ने जोरदार विरोध किया था।