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Delhi NCR News: पीएमएलए की संपत्ति अटैचमेंट की धारा पर हाईकोर्ट ने ईडी और केंद्र को जारी किया नोटिस
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने बृहस्पतिवार को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) की धारा 5 के प्रावधानों को रीड डाउन करने की मांग वाली याचिका पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्र सरकार को चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता सचिन देव दुग्गल की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि याचिका में धारा 5 को असंवैधानिक घोषित करने की मांग नहीं की गई है, बल्कि उसे रीड डाउन करने की प्रार्थना है।
याचिकाकर्ता सचिन देव दुग्गल वीडियोकॉन ग्रुप से जुड़े ईडी के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में शामिल हैं। उनकी आवासीय संपत्ति को ईडी ने अटैच किया है। याचिका में धारा 5 के कई पहलुओं को चुनौती दी गई है। ईडी की ओर से एडवोकेट जोहेब हुसैन ने याचिका की मेंटेनेबिलिटी पर आपत्ति जताते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही धारा की वैधता तय कर चुका है। हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 22 जुलाई 2026 को होगी।
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याचिकाकर्ता सचिन देव दुग्गल वीडियोकॉन ग्रुप से जुड़े ईडी के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में शामिल हैं। उनकी आवासीय संपत्ति को ईडी ने अटैच किया है। याचिका में धारा 5 के कई पहलुओं को चुनौती दी गई है। ईडी की ओर से एडवोकेट जोहेब हुसैन ने याचिका की मेंटेनेबिलिटी पर आपत्ति जताते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही धारा की वैधता तय कर चुका है। हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 22 जुलाई 2026 को होगी।
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