{"_id":"69f25f0ee50310fce902ac6e","slug":"the-pace-of-self-enumeration-in-the-district-is-slow-with-only-3000-out-of-200000-households-filing-their-data-delhi-ncr-news-c-24-1-pal1006-123753-2026-04-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: जिले में स्व-गणना की रफ्तार धीमी, 2 लाख घरों में से सिर्फ 3 हजार ने भरा डाटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: जिले में स्व-गणना की रफ्तार धीमी, 2 लाख घरों में से सिर्फ 3 हजार ने भरा डाटा
विज्ञापन
विज्ञापन
सिर्फ 1.5 फीसदी लोगों ने दर्ज कराया डाटा, प्रशिक्षण के अभाव में अटकी स्व-गणना प्रक्रिया, ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा असर
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। जिले में जनगणना-2027 के तहत चल रही स्व-गणना प्रक्रिया गति नहीं पकड़ रही है। 16 अप्रैल से शुरू हुई इस पहल में महज 1.5 फीसदी परिवारों ने ही पोर्टल पर अपना डाटा दर्ज किया है। पोर्टल पर डाटा अपलोड करने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल निर्धारित की गई है। जिले में करीब 2 लाख घर है। इसमें से सिर्फ तीन हजार घरों ने ही स्व-गणना की प्रक्रिया में भाग लिया है।
पोर्टल पर लोकेशन सेव करने में हो रही परेशानी : निवासियों को स्व-गणना करने में कई प्रकार के समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। सबसे प्रमुख वजह पोर्टल में आ रही तकनीकी खामियां हैं। लोगों को विशेष रूप से लोकेशन सेव करने में दिक्कत आ रही है। प्रदेश, जिला और पिनकोड भरने के बावजूद लोकेशन चयन नहीं हो पा रही है। इसके अलावा 33 सवालों का फॉर्म भरते समय पेज कई बार रिफ्रेश करने की समस्या भी सामने आ रही है, जिससे उपयोगकर्ताओं को दोबारा जानकारी भरनी पड़ती है। विभाग से जुड़े अधिकारियों ने कहा कि लोकेशन को कंट्रोल बंटन दबाकर सेट किया जाना है। इससे लोकेशन आसानी से सेव हो पाएगा।
स्व-गणना से पहले नहीं चलाया गया प्रशिक्षण कार्यक्रम : स्व-गणना से पहले विभाग ने किसी भी प्रकार का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू नहीं किया था। जिसके कारण लोगों को पोर्टल पर डाटा अपलोड करने में समस्या हो रही है। स्थानीय लोगों ने कहा कि पोर्टल पर डाटा अपलोड करने के दौरान हो रही समस्या का समाधान पूछने के लिए भी किसी भी अधिकारी का संपर्क नंबर मौजूद नहीं है। इसके कारण लोग परेशान होकर पोर्टल बंद कर देते है। ग्रामीण क्षेत्रों में साक्षरता और तकनीकी जानकारी नहीं होने के कारण डाटा अपलोड करने में काफी परेशानी हो रही है। इसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों में स्व-गणना की रफ्तार और भी धीमी है। यहां कई लोगों के पास स्मार्टफोन की कमी और तकनीकी जानकारी का अभाव भी बड़ी बाधा बन रहा है।
वहीं, कुछ नागरिकों में इस प्रक्रिया को लेकर रुचि की कमी भी देखने को मिल रही है। गौरतलब है कि जनगणना विभाग ने नागरिकों को स्वयं अपनी और अपने परिवार की जानकारी ऑनलाइन दर्ज करने की सुविधा दी गई है। इसके लिए निर्धारित पोर्टल [https://se.census.gov.in/](https://se.census.gov.in/) पर मोबाइल नंबर के माध्यम से पंजीकरण करना आवश्यक है। इस प्रक्रिया में कुल 33 सवालों के जवाब देने होते हैं, जिन्हें 16 विभिन्न भाषाओं में भरा जा सकता है।
Trending Videos
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। जिले में जनगणना-2027 के तहत चल रही स्व-गणना प्रक्रिया गति नहीं पकड़ रही है। 16 अप्रैल से शुरू हुई इस पहल में महज 1.5 फीसदी परिवारों ने ही पोर्टल पर अपना डाटा दर्ज किया है। पोर्टल पर डाटा अपलोड करने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल निर्धारित की गई है। जिले में करीब 2 लाख घर है। इसमें से सिर्फ तीन हजार घरों ने ही स्व-गणना की प्रक्रिया में भाग लिया है।
पोर्टल पर लोकेशन सेव करने में हो रही परेशानी : निवासियों को स्व-गणना करने में कई प्रकार के समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। सबसे प्रमुख वजह पोर्टल में आ रही तकनीकी खामियां हैं। लोगों को विशेष रूप से लोकेशन सेव करने में दिक्कत आ रही है। प्रदेश, जिला और पिनकोड भरने के बावजूद लोकेशन चयन नहीं हो पा रही है। इसके अलावा 33 सवालों का फॉर्म भरते समय पेज कई बार रिफ्रेश करने की समस्या भी सामने आ रही है, जिससे उपयोगकर्ताओं को दोबारा जानकारी भरनी पड़ती है। विभाग से जुड़े अधिकारियों ने कहा कि लोकेशन को कंट्रोल बंटन दबाकर सेट किया जाना है। इससे लोकेशन आसानी से सेव हो पाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
स्व-गणना से पहले नहीं चलाया गया प्रशिक्षण कार्यक्रम : स्व-गणना से पहले विभाग ने किसी भी प्रकार का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू नहीं किया था। जिसके कारण लोगों को पोर्टल पर डाटा अपलोड करने में समस्या हो रही है। स्थानीय लोगों ने कहा कि पोर्टल पर डाटा अपलोड करने के दौरान हो रही समस्या का समाधान पूछने के लिए भी किसी भी अधिकारी का संपर्क नंबर मौजूद नहीं है। इसके कारण लोग परेशान होकर पोर्टल बंद कर देते है। ग्रामीण क्षेत्रों में साक्षरता और तकनीकी जानकारी नहीं होने के कारण डाटा अपलोड करने में काफी परेशानी हो रही है। इसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों में स्व-गणना की रफ्तार और भी धीमी है। यहां कई लोगों के पास स्मार्टफोन की कमी और तकनीकी जानकारी का अभाव भी बड़ी बाधा बन रहा है।
वहीं, कुछ नागरिकों में इस प्रक्रिया को लेकर रुचि की कमी भी देखने को मिल रही है। गौरतलब है कि जनगणना विभाग ने नागरिकों को स्वयं अपनी और अपने परिवार की जानकारी ऑनलाइन दर्ज करने की सुविधा दी गई है। इसके लिए निर्धारित पोर्टल [https://se.census.gov.in/](https://se.census.gov.in/) पर मोबाइल नंबर के माध्यम से पंजीकरण करना आवश्यक है। इस प्रक्रिया में कुल 33 सवालों के जवाब देने होते हैं, जिन्हें 16 विभिन्न भाषाओं में भरा जा सकता है।
