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Delhi NCR News: बरसात ले आई हरियाली की बहार, नर्सरियों का खिल उठा कारोबार
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मानसून और पौधरोपण अभियानों से बढ़ी मांग, बालकनी गार्डनिंग का बढ़ता ट्रेंड दे रहा बाजार को नई रफ्तार
सचिन कुमार
नई दिल्ली। राजधानी में मानसून की फुहारें केवल मौसम को खुशगवार नहीं बना रहीं, बल्कि हरियाली के प्रति लोगों का उत्साह भी बढ़ा रही हैं। जुलाई की शानदार बिक्री के बाद अगस्त की शुरुआत में भी दिल्ली की नर्सरियों में ग्राहकों की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिल रही है। छतरपुर, गाजीपुर, कालकाजी, द्वारका और विकासपुरी की प्रमुख नर्सरियों में सुबह से शाम तक पौधे खरीदने वालों की आवाजाही बनी हुई है।
नर्सरी संचालकों का कहना है कि जुलाई और अगस्त उनके लिए साल का सबसे व्यस्त और सबसे अधिक कारोबार वाला समय होता है। सामान्य महीनों की तुलना में इन दिनों बिक्री कई बार दोगुनी तक पहुंच जाती है। पहले जहां ग्राहक एक-दो पौधे खरीदते थे, वहीं अब परिवार 10 से 20 पौधे तक एक साथ ले जा रहे हैं। इसके अलावा आरडब्ल्यूए, स्कूल, कॉलेज और निजी संस्थान पौधरोपण अभियानों के लिए बड़ी संख्या में पौधों के ऑर्डर दे रहे हैं।
हरियाली के प्रति लोगों की बढ़ती जागरूकता ने गार्डनिंग को नया आयाम दिया है। फ्लैट संस्कृति के बीच अब लोग बालकनी, छत और छोटे खुले स्थानों को भी हरा-भरा बनाने में रुचि दिखा रहे हैं। वर्टिकल गार्डन, हैंगिंग प्लांटर और इनडोर पौधों की मांग लगातार बढ़ रही है। युवाओं और नौकरीपेशा लोगों की भागीदारी भी पहले से कहीं अधिक नजर आ रही है। कई नए ग्राहक पौधों की देखभाल और जैविक खाद के बारे में जानकारी लेकर ही खरीदारी कर रहे हैं।
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एक नर्सरी संचालक राजा के अनुसार इस समय नीम, अर्जुन, अमलतास, अशोक, कदंब और गुड़हल जैसे पौधों की सबसे अधिक मांग है। वहीं घरों के लिए मनी प्लांट, स्नेक प्लांट, अरेका पाम और पीस लिली जैसे इनडोर पौधे खूब पसंद किए जा रहे हैं। फलदार पौधों में नींबू और अमरूद लोगों की पहली पसंद बने हुए हैं।
स्वतंत्रता दिवस से पहले विभिन्न सरकारी विभागों, नगर निगमों और सामाजिक संगठनों के पौधारोपण अभियान भी नर्सरी कारोबार को मजबूती दे रहे हैं। बड़े संस्थागत ऑर्डर मिलने से कारोबारियों की व्यस्तता बढ़ गई है। कई नर्सरियों ने समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की भी व्यवस्था की है।
पौधरोपण के लिए अनुकूल महीना
बागवानी विशेषज्ञ रामवीर बताते हैं कि अगस्त पौधरोपण के लिए बेहद अनुकूल महीना है। लगातार नमी रहने से पौधों की जड़ें तेजी से विकसित होती हैं और उनके जीवित रहने की संभावना भी अधिक रहती है। उनका मानना है कि अब पौधे केवल सजावट का हिस्सा नहीं रहे, बल्कि बेहतर वातावरण, स्वच्छ हवा और स्वस्थ जीवनशैली का प्रतीक बन चुके हैं।
इस मौसम में सबसे ज्यादा बिक रहे पौधे
नीम, अर्जुन, अमलतास, अशोक
कदंब, गुड़हल, तुलसी
मनी प्लांट, स्नेक प्लांट, अरेका पाम
नींबू और अमरूद के पौधे
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सचिन कुमार
नई दिल्ली। राजधानी में मानसून की फुहारें केवल मौसम को खुशगवार नहीं बना रहीं, बल्कि हरियाली के प्रति लोगों का उत्साह भी बढ़ा रही हैं। जुलाई की शानदार बिक्री के बाद अगस्त की शुरुआत में भी दिल्ली की नर्सरियों में ग्राहकों की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिल रही है। छतरपुर, गाजीपुर, कालकाजी, द्वारका और विकासपुरी की प्रमुख नर्सरियों में सुबह से शाम तक पौधे खरीदने वालों की आवाजाही बनी हुई है।
नर्सरी संचालकों का कहना है कि जुलाई और अगस्त उनके लिए साल का सबसे व्यस्त और सबसे अधिक कारोबार वाला समय होता है। सामान्य महीनों की तुलना में इन दिनों बिक्री कई बार दोगुनी तक पहुंच जाती है। पहले जहां ग्राहक एक-दो पौधे खरीदते थे, वहीं अब परिवार 10 से 20 पौधे तक एक साथ ले जा रहे हैं। इसके अलावा आरडब्ल्यूए, स्कूल, कॉलेज और निजी संस्थान पौधरोपण अभियानों के लिए बड़ी संख्या में पौधों के ऑर्डर दे रहे हैं।
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हरियाली के प्रति लोगों की बढ़ती जागरूकता ने गार्डनिंग को नया आयाम दिया है। फ्लैट संस्कृति के बीच अब लोग बालकनी, छत और छोटे खुले स्थानों को भी हरा-भरा बनाने में रुचि दिखा रहे हैं। वर्टिकल गार्डन, हैंगिंग प्लांटर और इनडोर पौधों की मांग लगातार बढ़ रही है। युवाओं और नौकरीपेशा लोगों की भागीदारी भी पहले से कहीं अधिक नजर आ रही है। कई नए ग्राहक पौधों की देखभाल और जैविक खाद के बारे में जानकारी लेकर ही खरीदारी कर रहे हैं।
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एक नर्सरी संचालक राजा के अनुसार इस समय नीम, अर्जुन, अमलतास, अशोक, कदंब और गुड़हल जैसे पौधों की सबसे अधिक मांग है। वहीं घरों के लिए मनी प्लांट, स्नेक प्लांट, अरेका पाम और पीस लिली जैसे इनडोर पौधे खूब पसंद किए जा रहे हैं। फलदार पौधों में नींबू और अमरूद लोगों की पहली पसंद बने हुए हैं।
स्वतंत्रता दिवस से पहले विभिन्न सरकारी विभागों, नगर निगमों और सामाजिक संगठनों के पौधारोपण अभियान भी नर्सरी कारोबार को मजबूती दे रहे हैं। बड़े संस्थागत ऑर्डर मिलने से कारोबारियों की व्यस्तता बढ़ गई है। कई नर्सरियों ने समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की भी व्यवस्था की है।
पौधरोपण के लिए अनुकूल महीना
बागवानी विशेषज्ञ रामवीर बताते हैं कि अगस्त पौधरोपण के लिए बेहद अनुकूल महीना है। लगातार नमी रहने से पौधों की जड़ें तेजी से विकसित होती हैं और उनके जीवित रहने की संभावना भी अधिक रहती है। उनका मानना है कि अब पौधे केवल सजावट का हिस्सा नहीं रहे, बल्कि बेहतर वातावरण, स्वच्छ हवा और स्वस्थ जीवनशैली का प्रतीक बन चुके हैं।
इस मौसम में सबसे ज्यादा बिक रहे पौधे
नीम, अर्जुन, अमलतास, अशोक
कदंब, गुड़हल, तुलसी
मनी प्लांट, स्नेक प्लांट, अरेका पाम
नींबू और अमरूद के पौधे