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Delhi NCR News: तरुण हत्याकांड में सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर शिंकजा, पुलिस ने खाता फ्रीज कराया
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उत्तम नगर तरुण की हत्या का मामला : वीडियो डालकर दो दिन में 37 लाख जुटाए
-आईटी एक्ट में दर्ज हुई प्राथमिकी, पुलिस ने क्रेडिट और डेबिट सुविधा बंद करवाई
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। उत्तम नगर इलाके में होली वाले दिन गुब्बारा फेंकने के विवाद में तरुण कुमार की हत्या को लेकर सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ अब पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू किया है। पुलिस ने ऐसे अकाउंट का पता लगाया है जिसमें मार्मिक वीडियो डालकर सोशल मीडिया के जरिये केवल दो दिन में 37 लाख रुपये जमा कराए गए हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया पर सक्रिय 22 अकाउंट का पता लगाया है, जिनसे लगातार भ्रामक व आक्रामक वीडियो पोस्ट किए जा रहे हैं। पुलिस ने इस संबंध में आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।
द्वारका जिला पुलिस उपायुक्त कुशल पाल सिंह ने बताया कि उत्तम नगर मामले को लेकर लोग सोशल मीडिया पर गुमराह करने व भडकाऊ पोस्ट डाल रहे हैं। जिस पर पुलिस ने गंभीरता से लिया है। पुलिस हत्याकांड के मामले की जांच के साथ साथ सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर निगरानी रख रही थी, जिसके जरिये गलत कंटेंट पोस्ट किए जा रहे थे। इस संबंध में पुलिस ने आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच के दौरान पुलिस ने एक्स पर 14 अकाउंट की पहचान की है। इन अकाउंट से कई भ्रामक व भड़काऊ पोस्ट डाले गए थे। वहीं इंस्टाग्राम पर भी 8 भड़काऊ पोस्ट मिले हैं। पुलिस ने संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफार्म से संपर्क कर सभी कंटेंट को हटाने का आग्रह किया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि जांच में पता चला कि सोशल मीडिया प्लेटफार्म के जरिए एक मार्मिक वीडियो वायरल कर फंड जुटाने का खुलासा भी हुआ है। जांच में पता चला कि 10 मार्च को वीडियो डालकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लोगों से मदद की गुहार लगाई गई। क्यूआर कोड भेजकर लोगों से मदद के लिए रुपये मांगे गए। दो दिनों में ही उस खाते में 37 लाख रुपये जमा हुए हैं।
पुलिस ने क्यूआर कोड वाले अकाउंट का पता लगाया और बैंक अधिकारी से संपर्क कर उस खाते में क्रेडिट और डेबिट सुविधा को ब्लॉक करा दिया है। साथ ही खाते को फ्रीज करने के लिए कहा है। पुलिस इस बात का पता लगा रही है कि यह बैंक खाता किसके नाम है। पुलिस उपायुक्त ने बताया कि सोशल मीडिया पर गलत जानकारी या अफवाह फैलाना कानूनन अपराध है। लोगों को इससे बचना चाहिए। पुलिस ने ऐसे लोगोें के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करने की बात कही है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। उत्तम नगर इलाके में होली वाले दिन गुब्बारा फेंकने के विवाद में तरुण कुमार की हत्या को लेकर सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ अब पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू किया है। पुलिस ने ऐसे अकाउंट का पता लगाया है जिसमें मार्मिक वीडियो डालकर सोशल मीडिया के जरिये केवल दो दिन में 37 लाख रुपये जमा कराए गए हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया पर सक्रिय 22 अकाउंट का पता लगाया है, जिनसे लगातार भ्रामक व आक्रामक वीडियो पोस्ट किए जा रहे हैं। पुलिस ने इस संबंध में आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।
द्वारका जिला पुलिस उपायुक्त कुशल पाल सिंह ने बताया कि उत्तम नगर मामले को लेकर लोग सोशल मीडिया पर गुमराह करने व भडकाऊ पोस्ट डाल रहे हैं। जिस पर पुलिस ने गंभीरता से लिया है। पुलिस हत्याकांड के मामले की जांच के साथ साथ सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर निगरानी रख रही थी, जिसके जरिये गलत कंटेंट पोस्ट किए जा रहे थे। इस संबंध में पुलिस ने आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच के दौरान पुलिस ने एक्स पर 14 अकाउंट की पहचान की है। इन अकाउंट से कई भ्रामक व भड़काऊ पोस्ट डाले गए थे। वहीं इंस्टाग्राम पर भी 8 भड़काऊ पोस्ट मिले हैं। पुलिस ने संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफार्म से संपर्क कर सभी कंटेंट को हटाने का आग्रह किया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि जांच में पता चला कि सोशल मीडिया प्लेटफार्म के जरिए एक मार्मिक वीडियो वायरल कर फंड जुटाने का खुलासा भी हुआ है। जांच में पता चला कि 10 मार्च को वीडियो डालकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लोगों से मदद की गुहार लगाई गई। क्यूआर कोड भेजकर लोगों से मदद के लिए रुपये मांगे गए। दो दिनों में ही उस खाते में 37 लाख रुपये जमा हुए हैं।
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पुलिस ने क्यूआर कोड वाले अकाउंट का पता लगाया और बैंक अधिकारी से संपर्क कर उस खाते में क्रेडिट और डेबिट सुविधा को ब्लॉक करा दिया है। साथ ही खाते को फ्रीज करने के लिए कहा है। पुलिस इस बात का पता लगा रही है कि यह बैंक खाता किसके नाम है। पुलिस उपायुक्त ने बताया कि सोशल मीडिया पर गलत जानकारी या अफवाह फैलाना कानूनन अपराध है। लोगों को इससे बचना चाहिए। पुलिस ने ऐसे लोगोें के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करने की बात कही है।