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Delhi NCR News: गौमुख-गंगोत्री-हरिद्वार से गंगाजल लेकर दिल्ली पहुंचे हजारों कांवड़ी, सड़कें गूंज उठीं भोले के नाम
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बम-बम भोले के जयघोष से गूंजने लगी दिल्ली, हर रास्ते पर दिख रहे कांवड़िए
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राजधानी की प्रमुख सड़कों पर सुबह से शाम तक बम-बम भोले व हर-हर महादेव के जयघोष गूंजने लगे हैं। कंधों पर सजी कांवड़, हाथों में भगवा ध्वज लिए हजारों श्रद्धालु गौमुख, गंगोत्री व हरिद्वार से गंगाजल लेकर गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। राजधानी अब पूरी तरह शिवमय होती नजर आ रही है।
फिलहाल सबसे अधिक संख्या राजस्थान व हरियाणा जाने वाले कांवड़ियों की है। अप्सरा बॉर्डर, आनंद विहार, गाजीपुर व सिंघु बॉर्डर से श्रद्धालुओं का प्रवेश जारी है। जीटी रोड, एनएच-24, वजीराबाद रोड, जयपुर हाईवे व नरेला रोड पर कांवड़ियों के जत्थे किलोमीटरों तक दिख रहे हैं। रास्ते में डीजे पर शिव भजन बज रहे हैं।
सेवा शिविर कांवड़ियों के लिए सहारा बने हैं। सरकार के सौ से अधिक व सैकड़ों निजी शिविरों में ठंडा पानी, शरबत, फल, दूध, पूड़ी-सब्जी, मिठाई व हल्का नाश्ता मिल रहा है। कई जगहों पर डॉक्टर प्राथमिक उपचार व आराम के लिए पंडाल व बिस्तर की व्यवस्था भी उपलब्ध है।
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दोपहर की गर्मी में भी उत्साह में कमी नहीं है। कांवड़ यात्रा का असर यातायात पर भी दिख रहा है। मार्गों पर रफ्तार धीमी है, जिसे पुलिस व सिविल डिफेंस के स्वयंसेवक नियंत्रित कर रहे हैं। अगले तीन-चार दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है। 11 अगस्त को जलाभिषेक के साथ यात्रा अपने चरम पर पहुंचेगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राजधानी की प्रमुख सड़कों पर सुबह से शाम तक बम-बम भोले व हर-हर महादेव के जयघोष गूंजने लगे हैं। कंधों पर सजी कांवड़, हाथों में भगवा ध्वज लिए हजारों श्रद्धालु गौमुख, गंगोत्री व हरिद्वार से गंगाजल लेकर गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। राजधानी अब पूरी तरह शिवमय होती नजर आ रही है।
फिलहाल सबसे अधिक संख्या राजस्थान व हरियाणा जाने वाले कांवड़ियों की है। अप्सरा बॉर्डर, आनंद विहार, गाजीपुर व सिंघु बॉर्डर से श्रद्धालुओं का प्रवेश जारी है। जीटी रोड, एनएच-24, वजीराबाद रोड, जयपुर हाईवे व नरेला रोड पर कांवड़ियों के जत्थे किलोमीटरों तक दिख रहे हैं। रास्ते में डीजे पर शिव भजन बज रहे हैं।
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सेवा शिविर कांवड़ियों के लिए सहारा बने हैं। सरकार के सौ से अधिक व सैकड़ों निजी शिविरों में ठंडा पानी, शरबत, फल, दूध, पूड़ी-सब्जी, मिठाई व हल्का नाश्ता मिल रहा है। कई जगहों पर डॉक्टर प्राथमिक उपचार व आराम के लिए पंडाल व बिस्तर की व्यवस्था भी उपलब्ध है।
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दोपहर की गर्मी में भी उत्साह में कमी नहीं है। कांवड़ यात्रा का असर यातायात पर भी दिख रहा है। मार्गों पर रफ्तार धीमी है, जिसे पुलिस व सिविल डिफेंस के स्वयंसेवक नियंत्रित कर रहे हैं। अगले तीन-चार दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है। 11 अगस्त को जलाभिषेक के साथ यात्रा अपने चरम पर पहुंचेगी।