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Delhi NCR News: चीनी मॉड्यूल के निर्देशों पर कर रहे थे ऑनलाइन ठगी, तीन गिरफ्तार
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने हाई-प्रोफाइल साइबर फ्रॉड मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए तीन साइबर जालसाजों सब्बीर अहमद, मोहम्मद सरफराज (31) और मोहम्मद दिलशाद (21) को गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपी चीनी मॉड्यूल के निर्देश पर भारतीयों से ठगी कर रहे थे। अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त पंकज कुमार ने बताया कि उत्तम नगर, दिल्ली निवासी श्री रंजन (56) शिकायत पर शाखा के पुलिस स्टेशन में 17 दिसंबर, 2025 को मामला दर्ज किया गया था। पीड़ित ने शिकायत में कहा था कि स्टॉक मार्केट से जुड़े एक साइबर फ्रॉड में उनके साथ लगभग 42.5 लाख की धोखाधड़ी हुई है।
जांच में पता चला कि धोखाधड़ी की गई 42.5 लाख रुपये की रकम 36 बैंक खातों में ट्रांसफर की गई है। इसमें से 3,74,065 रुपये की रकम 3 सितंबर 2025 को शिकायतकर्ता के कोटक महिंद्रा बैंक, आर.के. पुरम ब्रांच में जमा की गई थी। उसी दिन एक चेक के माध्यम से निकाल लिया था। ये बैंक खाता मुनिरका गांव, दक्षिण-पश्चिम दिल्ली निवासी सब्बीर अहमद का था। शाखा में तैनात इंस्पेक्टर अजय कुमार शर्मा की टीम जांच के बाद आरोपी सब्बीर अहमद को 21 जनवरी को 2026 को गिरफ्तार किया था। लगातार पूछताछ के दौरान उसने खुलासा किया कि उसने अलग-अलग बैंकों में 9-10 बैंक अकाउंट खोले थे और पूरी बैंक किट बटला हाउस, निवासी मोहम्मद सरफराज (31) और मोहम्मद दिलशाद (21) को सौंप दिया था। इन अकाउंट में जमा की गई धोखाधड़ी की रकम पर उसे 2 फीसदी कमीशन मिलता था। उसकी निशानदेही पर, आरोपी सरफराज और दिलशाद को 5 फरवरी को गिरफ्तार कर लिया।
चीनी हैंडलर निर्देश देते थे
आरोपी सरफराज और दिलशाद ने चीनी हैंडलर और उनके एजेंटों के साथ अपनी मिलीभगत का खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि वे चीनी नागरिकों को क्रिप्टोकरेंसी बेचने में लगे हुए थे, जिससे अंतरराष्ट्रीय साइबर-वित्तीय संबंध स्थापित हुए। उनकी भूमिका में फर्जी उम्मीदवारों का इंतजाम करना और बैंक अधिकारियों के साथ मिलकर उनके नाम पर कई बैंक अकाउंट खुलवाने में मदद करना शामिल था। उन्होंने यह भी माना कि शब्बीर अहमद की गिरफ्तारी के बारे में जानने के बाद, उन्होंने सबूत मिटाने के लिए चेकबुक नष्ट कर दीं और रजिस्टर्ड सिम कार्ड तोड़ दिया।
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नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने हाई-प्रोफाइल साइबर फ्रॉड मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए तीन साइबर जालसाजों सब्बीर अहमद, मोहम्मद सरफराज (31) और मोहम्मद दिलशाद (21) को गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपी चीनी मॉड्यूल के निर्देश पर भारतीयों से ठगी कर रहे थे। अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त पंकज कुमार ने बताया कि उत्तम नगर, दिल्ली निवासी श्री रंजन (56) शिकायत पर शाखा के पुलिस स्टेशन में 17 दिसंबर, 2025 को मामला दर्ज किया गया था। पीड़ित ने शिकायत में कहा था कि स्टॉक मार्केट से जुड़े एक साइबर फ्रॉड में उनके साथ लगभग 42.5 लाख की धोखाधड़ी हुई है।
जांच में पता चला कि धोखाधड़ी की गई 42.5 लाख रुपये की रकम 36 बैंक खातों में ट्रांसफर की गई है। इसमें से 3,74,065 रुपये की रकम 3 सितंबर 2025 को शिकायतकर्ता के कोटक महिंद्रा बैंक, आर.के. पुरम ब्रांच में जमा की गई थी। उसी दिन एक चेक के माध्यम से निकाल लिया था। ये बैंक खाता मुनिरका गांव, दक्षिण-पश्चिम दिल्ली निवासी सब्बीर अहमद का था। शाखा में तैनात इंस्पेक्टर अजय कुमार शर्मा की टीम जांच के बाद आरोपी सब्बीर अहमद को 21 जनवरी को 2026 को गिरफ्तार किया था। लगातार पूछताछ के दौरान उसने खुलासा किया कि उसने अलग-अलग बैंकों में 9-10 बैंक अकाउंट खोले थे और पूरी बैंक किट बटला हाउस, निवासी मोहम्मद सरफराज (31) और मोहम्मद दिलशाद (21) को सौंप दिया था। इन अकाउंट में जमा की गई धोखाधड़ी की रकम पर उसे 2 फीसदी कमीशन मिलता था। उसकी निशानदेही पर, आरोपी सरफराज और दिलशाद को 5 फरवरी को गिरफ्तार कर लिया।
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चीनी हैंडलर निर्देश देते थे
आरोपी सरफराज और दिलशाद ने चीनी हैंडलर और उनके एजेंटों के साथ अपनी मिलीभगत का खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि वे चीनी नागरिकों को क्रिप्टोकरेंसी बेचने में लगे हुए थे, जिससे अंतरराष्ट्रीय साइबर-वित्तीय संबंध स्थापित हुए। उनकी भूमिका में फर्जी उम्मीदवारों का इंतजाम करना और बैंक अधिकारियों के साथ मिलकर उनके नाम पर कई बैंक अकाउंट खुलवाने में मदद करना शामिल था। उन्होंने यह भी माना कि शब्बीर अहमद की गिरफ्तारी के बारे में जानने के बाद, उन्होंने सबूत मिटाने के लिए चेकबुक नष्ट कर दीं और रजिस्टर्ड सिम कार्ड तोड़ दिया।