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आदिवासी समाज के साथ सबसे ज्यादा अन्याय हुआ: केजरीवाल
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जल, जंगल और जमीन पर आदिवासियों का पैदाइशी अधिकार, पेसा कानून लागू करने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आजाद भारत में सबसे ज्यादा अन्याय आदिवासी समाज के साथ हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभिन्न राजनीतिक दलों ने आदिवासियों के जल, जंगल और जमीन पर कब्जा कर इन्हें बड़ी कंपनियों को सौंप दिया।
केजरीवाल ने कहा कि देश और दूसरे समाजों ने पिछले 75 वर्षों में काफी तरक्की की, लेकिन आदिवासी समाज को विकास की मुख्यधारा से पीछे रखा गया। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज के प्राकृतिक संसाधनों और अधिकारों को जानबूझकर कमजोर किया गया। जल, जंगल और जमीन को आदिवासियों का पैदाइशी अधिकार बताते हुए उन्होंने दूसरे दलों के नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।
केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी आदिवासी समाज के अधिकारों की लड़ाई लगातार लड़ रही है और इसके लिए पार्टी नेताओं को जेल तक जाना पड़ा। उन्होंने आदिवासी नेता चैतर वसावा का जिक्र करते हुए कहा कि वह समाज के हक की आवाज उठाने के कारण झूठे मामले में जेल में हैं। उन्होंने उनके जल्द रिहा होने की प्रार्थना करने की अपील की। पेसा अधिनियम का मुद्दा उठाते हुए केजरीवाल ने आरोप लगाया कि कानून बनने के बावजूद आदिवासी क्षेत्रों में ग्रामसभा की सहमति के बिना फैसले लिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि आप जल, जंगल, जमीन और ग्रामसभा के अधिकार मजबूत करने की लड़ाई जारी रखेगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आजाद भारत में सबसे ज्यादा अन्याय आदिवासी समाज के साथ हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभिन्न राजनीतिक दलों ने आदिवासियों के जल, जंगल और जमीन पर कब्जा कर इन्हें बड़ी कंपनियों को सौंप दिया।
केजरीवाल ने कहा कि देश और दूसरे समाजों ने पिछले 75 वर्षों में काफी तरक्की की, लेकिन आदिवासी समाज को विकास की मुख्यधारा से पीछे रखा गया। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज के प्राकृतिक संसाधनों और अधिकारों को जानबूझकर कमजोर किया गया। जल, जंगल और जमीन को आदिवासियों का पैदाइशी अधिकार बताते हुए उन्होंने दूसरे दलों के नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।
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केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी आदिवासी समाज के अधिकारों की लड़ाई लगातार लड़ रही है और इसके लिए पार्टी नेताओं को जेल तक जाना पड़ा। उन्होंने आदिवासी नेता चैतर वसावा का जिक्र करते हुए कहा कि वह समाज के हक की आवाज उठाने के कारण झूठे मामले में जेल में हैं। उन्होंने उनके जल्द रिहा होने की प्रार्थना करने की अपील की। पेसा अधिनियम का मुद्दा उठाते हुए केजरीवाल ने आरोप लगाया कि कानून बनने के बावजूद आदिवासी क्षेत्रों में ग्रामसभा की सहमति के बिना फैसले लिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि आप जल, जंगल, जमीन और ग्रामसभा के अधिकार मजबूत करने की लड़ाई जारी रखेगी।
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