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Delhi NCR News: उमर खालिद को फिर मिली परिवार से हफ्ते में दो ई-मुलाकातों की अनुमति
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कड़कड़डूमा कोर्ट ने कहा- छह वर्षों से नियमों का उल्लंघन नहीं किया, इसलिए सुविधा जारी रहेगी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली की कड़कड़डूमा अदालत ने दिल्ली दंगा मामले में जेल में बंद आरोपी उमर खालिद को परिवार से सप्ताह में दो बार ई-मुलाकात (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग) की अनुमति दे दी है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समीर बाजपेयी ने 13 जुलाई को दिए आदेश में कहा कि खालिद पिछले छह वर्षों से बिना किसी नियम का उल्लंघन किए सप्ताह में दो ई-मुलाकातें करते रहे हैं। ऐसे में यह सुविधा जारी रखी जानी चाहिए।
खालिद के वकील ने अदालत को बताया कि गिरफ्तारी के बाद से उन्हें हर सप्ताह दो ई-मुलाकातों की अनुमति मिलती रही, लेकिन मई 2026 से बिना कोई कारण बताए इसे घटाकर एक कर दिया गया। उन्होंने दलील दी कि खालिद ने जेल नियमों का कभी उल्लंघन नहीं किया, इसलिए सुविधा कम करने का कोई औचित्य नहीं है। वहीं, जेल प्रशासन ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि दिल्ली जेल नियमों के तहत एक बंदी को सप्ताह में केवल एक ई-मुलाकात का ही अधिकार है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने कहा कि चूंकि खालिद छह वर्षों से नियमित रूप से दो ई-मुलाकातें करते रहे हैं और उनके खिलाफ किसी नियम के उल्लंघन का रिकॉर्ड नहीं है, इसलिए उन्हें अपनी मां और अन्य परिवार के सदस्यों से सप्ताह में दो बार ई-मुलाकात की अनुमति दी जाती है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली की कड़कड़डूमा अदालत ने दिल्ली दंगा मामले में जेल में बंद आरोपी उमर खालिद को परिवार से सप्ताह में दो बार ई-मुलाकात (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग) की अनुमति दे दी है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समीर बाजपेयी ने 13 जुलाई को दिए आदेश में कहा कि खालिद पिछले छह वर्षों से बिना किसी नियम का उल्लंघन किए सप्ताह में दो ई-मुलाकातें करते रहे हैं। ऐसे में यह सुविधा जारी रखी जानी चाहिए।
खालिद के वकील ने अदालत को बताया कि गिरफ्तारी के बाद से उन्हें हर सप्ताह दो ई-मुलाकातों की अनुमति मिलती रही, लेकिन मई 2026 से बिना कोई कारण बताए इसे घटाकर एक कर दिया गया। उन्होंने दलील दी कि खालिद ने जेल नियमों का कभी उल्लंघन नहीं किया, इसलिए सुविधा कम करने का कोई औचित्य नहीं है। वहीं, जेल प्रशासन ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि दिल्ली जेल नियमों के तहत एक बंदी को सप्ताह में केवल एक ई-मुलाकात का ही अधिकार है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने कहा कि चूंकि खालिद छह वर्षों से नियमित रूप से दो ई-मुलाकातें करते रहे हैं और उनके खिलाफ किसी नियम के उल्लंघन का रिकॉर्ड नहीं है, इसलिए उन्हें अपनी मां और अन्य परिवार के सदस्यों से सप्ताह में दो बार ई-मुलाकात की अनुमति दी जाती है।
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