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Delhi NCR News: वान्या ने पेरिस में जीता चैंपियन ऑफ चैंपियंस का खिताब, नाम हैं 17 विश्व रिकॉर्ड
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वान्या ने पेरिस में जीता चैंपियन ऑफ चैंपियंस का खिताब, नाम हैं 17 विश्व रिकॉर्ड
काजल कुमारी
दिल्ली। आठ वर्षीय नन्ही योग साधिका वान्या शर्मा आज वैश्विक मंच पर भारत की योग परंपरा की सशक्त पहचान बनकर उभरी हैं। महज दो वर्ष की आयु से योग साधना शुरू करने वाली वान्या ने अपनी अटूट लगन और अनुशासन से वह मुकाम हासिल किया है, जो दिग्गज खिलाड़ियों के लिए भी सपना है। हाल ही में पेरिस में आयोजित एशिया और वर्ल्ड योग प्रतियोगिता में वान्या ने 14 देशों के प्रतिभागियों को पछाड़कर 'चैंपियन ऑफ चैंपियंस' का खिताब अपने नाम किया।
वान्या का सफर उपलब्धियों की एक लंबी श्रृंखला है। साल 2021 में इंडिया और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स से शुरू हुआ यह सिलसिला अब तक 17 विश्व रिकॉर्ड और 100 से अधिक राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों तक पहुंच चुका है। वे दिव्यांग बच्चों को योग सिखाने वाली दुनिया की सबसे कम उम्र की प्रशिक्षिका भी हैं। उनकी प्रतिभा का लोहा लंदन और यूनिवर्सल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने भी माना है। साल 2024 में 20 मंत्रों के पाठ के साथ कल्कि बुक ऑफ रिकॉर्ड और विश्व ध्यान दिवस पर वर्ल्ड रिकॉर्ड यूनियन में भी उन्होंने अपनी पहचान दर्ज कराई। वर्ष 2025 में उन्हें 'ग्लोबल योगा आइकॉन' और हाल ही में 'यंगेस्ट योगा जीनियस' के खिताब से नवाजा गया। वान्या ने बताया कि संकल्प और साधना के बल पर कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।
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दिल्ली। आठ वर्षीय नन्ही योग साधिका वान्या शर्मा आज वैश्विक मंच पर भारत की योग परंपरा की सशक्त पहचान बनकर उभरी हैं। महज दो वर्ष की आयु से योग साधना शुरू करने वाली वान्या ने अपनी अटूट लगन और अनुशासन से वह मुकाम हासिल किया है, जो दिग्गज खिलाड़ियों के लिए भी सपना है। हाल ही में पेरिस में आयोजित एशिया और वर्ल्ड योग प्रतियोगिता में वान्या ने 14 देशों के प्रतिभागियों को पछाड़कर 'चैंपियन ऑफ चैंपियंस' का खिताब अपने नाम किया।
वान्या का सफर उपलब्धियों की एक लंबी श्रृंखला है। साल 2021 में इंडिया और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स से शुरू हुआ यह सिलसिला अब तक 17 विश्व रिकॉर्ड और 100 से अधिक राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों तक पहुंच चुका है। वे दिव्यांग बच्चों को योग सिखाने वाली दुनिया की सबसे कम उम्र की प्रशिक्षिका भी हैं। उनकी प्रतिभा का लोहा लंदन और यूनिवर्सल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने भी माना है। साल 2024 में 20 मंत्रों के पाठ के साथ कल्कि बुक ऑफ रिकॉर्ड और विश्व ध्यान दिवस पर वर्ल्ड रिकॉर्ड यूनियन में भी उन्होंने अपनी पहचान दर्ज कराई। वर्ष 2025 में उन्हें 'ग्लोबल योगा आइकॉन' और हाल ही में 'यंगेस्ट योगा जीनियस' के खिताब से नवाजा गया। वान्या ने बताया कि संकल्प और साधना के बल पर कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।
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