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VPCI का दावा..: राष्ट्रीय तंबाकू निषेध हेल्पलाइन की मदद से 35% ने छोड़ा तंबाकू, उत्तर भारत से एक करोड़ कॉल
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Wed, 14 Jan 2026 07:36 AM IST
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सार
वर्ष 2016 में शुरू की गई यह हेल्पलाइन तंबाकू छोड़ने के इच्छुक लोगों को परामर्श और लंबे समय तक फॉलोअप के माध्यम से प्रभावी सहयोग प्रदान कर रही है। हेल्पलाइन पर जब कोई व्यक्ति कॉल करता है तो उसे प्रशिक्षित काउंसलर से जोड़ा जाता है। सक्रिय रूप से फॉलो-अप कॉल की जाती हैं।
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : istock
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विस्तार
वल्लभभाई पटेल चेस्ट इंस्टीट्यूट(वीपीसीआई) ने हेल्पलाइन की मदद से करीब 30 से 35 फीसदी लोगों के तंबाकू छोड़ने का दावा किया है। निदेशक प्रो. राज कुमार ने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के तहत संस्थान की ओर से राष्ट्रीय तंबाकू निषेध हेल्पलाइन 1800112356 का संचालन किया जाता है। इसकी मदद से पंजीकृत उपयोगकर्ताओं में से 30 से 35 प्रतिशत लोगों ने तंबाकू का सेवन पूरी तरह छोड़ दिया है।
वर्ष 2016 में शुरू की गई यह हेल्पलाइन तंबाकू छोड़ने के इच्छुक लोगों को परामर्श और लंबे समय तक फॉलोअप के माध्यम से प्रभावी सहयोग प्रदान कर रही है। हेल्पलाइन पर जब कोई व्यक्ति कॉल करता है तो उसे प्रशिक्षित काउंसलर से जोड़ा जाता है। सक्रिय रूप से फॉलो-अप कॉल की जाती हैं। क्विट डेट तय और प्री-क्विट काउंसलिंग दी जाती है। तंबाकू छोड़ने के बाद सात दिन, एक माह, तीन माह और नौ माह तक नियमित फॉलोअप किया जाता है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2016 से अब तक उत्तर भारत से ही करीब एक करोड़ कॉल हेल्पलाइन पर मिली। इनमें से छह लाख कॉल औपचारिक रूप से तंबाकू छोड़ने के लिए पंजीकृत की गईं, जिनमें से करीब 35 प्रतिशत लोगों ने नियमित फॉलोअप के बाद तंबाकू छोड़ दिया। वैश्विक अध्ययनों की तुलना में यह अत्यंत उत्साहजनक है। इसकी प्रभावशीलता देखते हुए निम्हान्स (बेंगलुरु), टाटा मेमोरियल कैंसर संस्थान (मुंबई) और क्षेत्रीय कैंसर संस्थान (गुवाहाटी) में सैटेलाइट कॉल सेंटर स्थापित किए गए।
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वर्ष 2016 में शुरू की गई यह हेल्पलाइन तंबाकू छोड़ने के इच्छुक लोगों को परामर्श और लंबे समय तक फॉलोअप के माध्यम से प्रभावी सहयोग प्रदान कर रही है। हेल्पलाइन पर जब कोई व्यक्ति कॉल करता है तो उसे प्रशिक्षित काउंसलर से जोड़ा जाता है। सक्रिय रूप से फॉलो-अप कॉल की जाती हैं। क्विट डेट तय और प्री-क्विट काउंसलिंग दी जाती है। तंबाकू छोड़ने के बाद सात दिन, एक माह, तीन माह और नौ माह तक नियमित फॉलोअप किया जाता है।
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उन्होंने बताया कि वर्ष 2016 से अब तक उत्तर भारत से ही करीब एक करोड़ कॉल हेल्पलाइन पर मिली। इनमें से छह लाख कॉल औपचारिक रूप से तंबाकू छोड़ने के लिए पंजीकृत की गईं, जिनमें से करीब 35 प्रतिशत लोगों ने नियमित फॉलोअप के बाद तंबाकू छोड़ दिया। वैश्विक अध्ययनों की तुलना में यह अत्यंत उत्साहजनक है। इसकी प्रभावशीलता देखते हुए निम्हान्स (बेंगलुरु), टाटा मेमोरियल कैंसर संस्थान (मुंबई) और क्षेत्रीय कैंसर संस्थान (गुवाहाटी) में सैटेलाइट कॉल सेंटर स्थापित किए गए।