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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Yamuna water level rises with the monsoon; administration on alert over flood risk in Delhi.

Delhi NCR News: मानसून के साथ बढ़ा यमुना का जलस्तर, दिल्ली में बाढ़ के खतरे पर प्रशासन सतर्क

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 13 Jul 2026 09:42 PM IST
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हथिनीकुंड बैराज से छोड़े गए 50 हजार क्यूसेक पानी के बाद जलस्तर 204 मीटर तक पहुंचा; 2020 के बाद चार बार खतरे का निशान पार कर चुकी है यमुना
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संदीप वर्मा
नई दिल्ली। उत्तर भारत में मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ ही दिल्ली में यमुना के जलस्तर में वृद्धि शुरू हो गई है। पिछले शुक्रवार को हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से छोड़े गए करीब 50 हजार क्यूसेक पानी के बाद दिल्ली में यमुना का जलस्तर बढ़कर 204 मीटर तक पहुंच गया। हालांकि यह बाढ़ चेतावनी स्तर (204.50 मीटर) और खतरे के निशान (205.33 मीटर) से नीचे रहा, लेकिन पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है।
महीनों से सीमित दायरे में बह रही यमुना में अब जल प्रवाह तेज हो गया है। मौसम विभाग भले ही अल नीनो के प्रभाव के कारण इस वर्ष सामान्य से कम बारिश की संभावना जता रहा हो, लेकिन हिमालयी क्षेत्रों में होने वाली तेज बारिश और हथिनीकुंड बैराज से छोड़ा जाने वाला अतिरिक्त पानी दिल्ली के निचले इलाकों के लिए हर वर्ष चुनौती बनता है।
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पिछले छह वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2020 से 2025 के बीच चार बार यमुना दिल्ली में खतरे के निशान को पार कर चुकी है। वर्ष 2021, 2022, 2023 और 2025 में जलस्तर 205.33 मीटर से ऊपर पहुंचा। वर्ष 2023 में हथिनीकुंड बैराज से 3.56 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने के बाद यमुना का जलस्तर रिकॉर्ड 208.66 मीटर तक पहुंच गया था। इसके चलते राजधानी के कई निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई थी।
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दिलचस्प बात यह है कि वर्ष 2020 में हथिनीकुंड बैराज से लगभग 8.28 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था, लेकिन जल का फैलाव अधिक होने के कारण दिल्ली में यमुना खतरे का निशान पार नहीं कर सकी। दिल्ली में यमुना के जलस्तर की आधिकारिक माप ओल्ड रेलवे पुल पर स्थापित गेज से की जाती है, जहां 204.50 मीटर को बाढ़ चेतावनी स्तर और 205.33 मीटर को खतरे का निशान निर्धारित किया गया है।

प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
दिल्ली बाढ़ नियंत्रण विभाग और जिला प्रशासन ने यमुना के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए निगरानी तेज कर दी है। पहाड़ी राज्यों में बारिश, हथिनीकुंड बैराज से छोड़े जा रहे पानी और नदी के प्रवाह पर लगातार नजर रखी जा रही है। संवेदनशील क्षेत्रों में राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट रखा गया है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
छह वर्षों में यमुना का अधिकतम जलस्तर (मीटर)
वर्ष
जलस्तर
2020
204.41
2021
205.60
2022
206.60
2023
208.66
2024
204.38
2025
207.48
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