जनकपुरी के बाद रोहिणी में हादसा: खुले नाले में गिरकर युवक की मौत, बिहार का रहने वाला था बिरजू
रोहिणी सेक्टर-32 में मंगलवार शाम एक युवक खुले मेनहोल में गिर गया। लोगों ने इसकी जानकारी बेगमपुर थाना पुलिस और दमकल विभाग को दी। शाम 7.30 बजे दमकल विभाग के कर्मी तलाशी अभियान चलाया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।
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दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-32 इलाके में सड़क के साथ बने डीडीए के खुले पड़े नाले गिरने से एक युवक की मौत हो गई। मृतक की शिनाख्त 23 साल के बिरजू के रूप में हुई है। उसके दोस्त सूरज ने मंगलवार को बेगमपुर थाना पुलिस को बताया कि सोमवार रात दोनों दोस्त नशे में आ रहे थे। इस दौरान उसका दोस्त बिरजू गायब हो गया। साथ ही उसने उसके नाले में गिरने की आशंका भी जताई। इस सूचना पर पुलिस ने दमकल विभाग को जानकारी दी। दमकल कर्मियों ने करीब चार घंटे की तलाशी के बाद बिरजू के शव को नाले से बरामद कर लिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस सूरज से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
आठ बजे शराब पीकर साथी के साथ जा रहा था बिरजू
जानकारी के मुताबिक मूलत: बिहार के समस्तीपुर का रहने वाला बिरजू रोहिणी सेक्टर-32 स्थित निर्माणाधीन इमारत में मजदूरी करता था। वह अपने अन्य साथियों के साथ निर्माणाधीन स्थल पर ही रहता था। मंगलवार को सूरज बेगमपुर थाना पुलिस को बताया कि वह सोमवार रात बिरजू के साथ रात करीब आठ बजे शराब पीकर निर्माणाधीन साइट पर आ रहा था। वह आगे आगे चल रहा था जबकि उसके पीछे बिरजू आ रहा था।
सूरज ने ठेकेदार को बताया बिरजू का अपहरण हो गया
साइट पर पहुंचने पर उसने बिरजू को गायब पाया। साइट पर मौजूद ठेकेदार ने उससे बिरजू के बारे में पूछताछ की। सूरज ने पहले उसके अपहरण की बात बताई। बाद में उसने बताया कि शायद वह नाले में गिर गया है। उसके बाद सभी मजदूर नाले के पास पहुंचे, काफी तलाश के बाद उसका कोई सुराग नहीं मिला। मंगलवार दोपहर इसकी जानकारी बेगमपुर थाना पुलिस को दी गई। शाम करीब चार बजे दमकल विभाग को सूचना दी गई। उसके बाद नाले में मशीन लगाकर पानी को निकालने का काम शुरू किया गया।
छह फुट गहरा था नाला
करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने नाले से युवक के शव को निकाल लिया। स्थानीय लोगों ने बताया कि नाला करीब छह फुट गहरा है। कुछ माह पहले ही डीडीए ने नाले का निर्माण करवाया है। लोगों ने बताया कि इस नाले पर कई जगहों पर स्लैब रखे हुए हैं तो कई जगहों पर स्लैब गायब हैं। लोगों ने बताया कि नाले पर स्लैब होता तो उसकी जान बच सकती थी। पुलिस ने बिरजू के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। रोहिणी जिला के अतरिक्त पुलिस आयुक्त राजीव रंजन ने बताया कि बेगमपुर थाना पुलिस को दोपहर 2.36 में युवक के लापता होने की जानकारी मिली। मजदूरों ने बताया कि वह रात में शराब का सेवन किया था। शाम करीब 7.30 बजे बिरजू गायब हो गया। सूरज ने बताया कि उसने रात में किसी को नहीं बताया क्योंकि वह नशे में था और दोपहर में होश में आते ही उसने इसकी जानकारी दी। पुलिस लापरवाही का मामला दर्ज कर लिया है और मामले की जांच कर रही है।
घटना के बाद स्लैब रखने का काम शुरू
स्थानीय लोगों ने बताया कि हादसे की जानकारी मिलते ही डीडीए के कर्मचारी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने तुरंत स्लैब मंगवाकर खुले नालों को ढकने के काम शुरू कर दिया। लोगों ने बताया कि नाला ढंका होता तो युवक की जान बच जाती। घटना के बाद तीन सौ मीटर तक पुलिस बैरिकेड लगाकर उस रास्ते को बंद कर दिया गया है।
पूर्वी दिल्ली में जगह-जगह खुले नालों के ढक्कनो से दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ी
जनकपुरी में हुए हादसे के बाद भी प्रशासन सबक नहीं ले रहा है। पूर्वी दिल्ली में इन दिनों खुले नालों के ढक्कन दुर्घटनाओं को आमंत्रण दे रहे हैं। दिलशाद गार्डन, कृष्णा नगर, शाहदरा, सूरजमल विहार, लक्ष्मी नगर, त्रिलोकपुरी आदि जगहों पर खुले पड़े नालों में कोई बड़ा हादसा हो सकता है। ऐसा ही एक गड्ढा आईपीयू के ईस्ट दिल्ली कैंपस में देखने को मिला जो पूरी तरह से खुला हुया है जिसमें राहगीरों के गिरने की संभावना लगातार बनी हुई है। करीब दस फीट गहरे नाले में कोई कभी भी गिर सकता है।
शाहदरा निवासी दीपक ने बताया कि कुछ दिनों पहले हुई सफाई के बाद से नालों को खुला छोड़ दिया गया है। जिसके चलते लोगों को यहां से बच के निकलना पड़ता है। स्कूल जाने वाले बच्चों और बुजुर्गों पर खतरा ज्यादा बना रहता है। संबंधित निकायों को समस्या का समाधान जल्द से जल्द करना चाहिए।
दिलशाद गार्डन निवासी जितेंन्द्र सिंह ने बताया कि नालों के उपर बने फुटपाथों से लैंटर टूट जाने के कारण गहरे गड्ढे हो गए हैं। अगर कोई राहगीर इस पर चलते हुए जरा सा भी चूका तो सीधे नाले में गिरेगा, जिससे उसकी जान तक जा सकती है। प्रशासन को इसका तुरंत संज्ञान लेना चाहिए।