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Hindi News ›   Delhi ›   ACB tightens its grip on supplier network issues LOC against Rajiv Rangeela conducts raids from Delhi to Utta

Delhi: सप्लायर नेटवर्क पर एसीबी का शिकंजा, राजीव रंगीला के खिलाफ एलओसी जारी, दिल्ली से उत्तराखंड तक दबिश

Tue, 07 Jul 2026 03:38 AM IST
Digvijay Singh अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: Digvijay Singh Updated Tue, 07 Jul 2026 03:38 AM IST
सार

एसीबी उसे संभावित ठिकानों पर तलाश रही है। अधिकारियों का मानना है कि एक दशक से दिल्ली, उत्तराखंड में दवाओं एवं चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति से जुड़े कारोबारी नेटवर्क में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

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ACB tightens its grip on supplier network issues LOC against Rajiv Rangeela conducts raids from Delhi to Utta
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली सरकार की एंटी करप्शन ब्रांच (एसीबी) ने 650 करोड़ रुपये के दवा एवं चिकित्सा उपकरण खरीद घोटाले की जांच का दायरा सप्लायर नेटवर्क तक बढ़ा दिया है। मामले के प्रमुख आरोपियों में शामिल दवा कारोबारी राजीव रंगीला के लगातार नोटिस के बावजूद पूछताछ में उपस्थित नहीं होने पर एसीबी ने दिल्ली-एनसीआर और उत्तराखंड के कई ठिकानों पर दबिश दी है। सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसी ने उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (एलओसी) जारी किया है। आशंका है कि वह देश छोड़कर फरार हो चुका है।

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एसीबी उसे संभावित ठिकानों पर तलाश रही है। अधिकारियों का मानना है कि एक दशक से दिल्ली, उत्तराखंड में दवाओं एवं चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति से जुड़े कारोबारी नेटवर्क में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। जांच एजेंसी मान रही है कि सप्लायर नेटवर्क की भूमिका स्पष्ट करने के लिए रंगीला से पूछताछ जरुरी है।
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फर्जी फर्म बना खरीद प्रक्रिया प्रभावित करने का है आरोप
एसीबी की एफआईआर के अनुसार, राजीव रंगीला पर फर्जी कंपनियां और फर्म बनाकर सरकारी खरीद प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप है। जांच एजेंसी का दावा है कि इन कंपनियों के दस्तावेजों में अलग-अलग लोगों को मालिक दर्शाया गया, जबकि उनका वास्तविक संचालन रंगीला करता था। आरोप है कि मेडिकल उपकरण निर्माताओं के साथ मिलकर टेंडर की शर्तें इस तरह तैयार कराई जाती थीं कि केवल चुनिंदा कंपनियां ही पात्र बन सकें। साथ ही सप्लाई दरें और कमीशन भी पहले से तय किए जाते थे। सूत्रों के अनुसार, एसीबी अब रंगीला से जुड़े वित्तीय लेन-देन, कंपनियों और करीबी सहयोगियों की भी जांच कर रही है। उसके परिजनों और परिचितों से पूछताछ की जा रही है ताकि उसके वर्तमान ठिकाने का पता लगाया जा सके। 

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