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डर के साए में बीत रही रातें: HC के निर्देश के बाद यमुना खादर में लोग भयभीत; निवासियों को सता रही ये चिंता

Tue, 07 Jul 2026 04:40 AM IST
Digvijay Singh चिराग गुप्ता, अमर उजाला, पूर्वी दिल्ली
चिराग गुप्ता, अमर उजाला, पूर्वी दिल्ली Published by: Digvijay Singh Updated Tue, 07 Jul 2026 04:40 AM IST
सार

दिल्ली के मयूर विहार यमुना खादर इलाके में इन दिनों डर का माहौल है। दिल्ली हाईकोर्ट ने ओ-जोन में स्थित संपत्तियों को खाली करने के निर्देश दिए जाने के बाद यहां रहने वाले हजारों लोगों की रातों की नींद उड़ गई है।

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Nights spent in fear Following the HC directive residents in Yamuna Khadar are terrified in Delhi
ओ-जोन में घर खोने का खौफ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली के मयूर विहार यमुना खादर इलाके में इन दिनों डर का माहौल है। दिल्ली हाईकोर्ट ने ओ-जोन में स्थित संपत्तियों को खाली करने के निर्देश दिए जाने के बाद यहां रहने वाले हजारों लोगों की रातों की नींद उड़ गई है। घर छिनने का खौफ अब हर चेहरे पर साफ दिखाई दे रहा है।

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जब से यह आदेश सामने आया है, तब से पूरे इलाके में सन्नाटा और बेचैनी पसरी हुई है। लोग रात-रात भर जागकर इस उम्मीद और डर के बीच झूल रहे हैं कि कहीं सुबह होते ही उनका आशियाना उजड़ न जाए। कई परिवारों का कहना है कि वह पीढ़ियों से इसी जमीन पर रह रहे हैं। अब अचानक उन्हें यह घर छोड़ने के लिए कहा जा रहा है। मयूर विहार स्थित यमुना खादर में निवासियों का कहना है कि अगर एक दम से उनका घर छीन लिया गया, तो वह आखिर कहां जाएंगे। उनके पास न तो कोई वैकल्पिक ठिकाना है, न ही प्रशासन की ओर से अब तक कोई स्पष्ट पुनर्वास योजना सामने आई है।  यही असमंजस उनकी सबसे बड़ी चिंता बनी हुई है। बुजुर्गों से लेकर बच्चों तक, हर कोई असमंजस में जी रहे हैं। घर की महिलाओं का कहना है कि रोजमर्रा के काम करते हुए भी दिमाग में यही चलता रहता है कि कल क्या होगा। 
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कार्रवाई से मन में बैठ डर 
यमुना बाजार में हुई प्रशासनिक कार्रवाई के बाद स्थिति और भी तनावपूर्ण हो गई। इलाके के लोगों ने बताया कि कार्रवाई के बाद उनके मन में डर बैठ गया कि वह अपने ही घर में सुरक्षित नहीं हैं। घर में रहने से डर लगने लगा है। 
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बच्चों की पढ़ाई, परिवार का रोजगार और सिर पर छत 
प्रभावित परिवारों ने प्रशासन से अपील की है कि अचानक बेघर करने के बजाय उचित नोटिस, पर्याप्त समय और सम्मानजनक पुनर्वास व्यवस्था दी जाए। लोगों का कहना है कि कानून का पालन करने को तैयार हैं, लेकिन उन्हें भविष्य की सुरक्षा का भरोसा चाहिए। फिलहाल पूरे क्षेत्र में तनाव और अनिश्चितता का माहौल है। निवासियों की निगाहें आने वाले दिनों में प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं। तरुण ने कहा कि हम कानून का सम्मान करते हैं, लेकिन कार्रवाई से पहले पुनर्वास की स्पष्ट व्यवस्था होनी चाहिए। 

हम यहां कई साल से रह रहे हैं। अगर ऐसे घर खाली करने को कहा गया तो परिवार को लेकर कहां जाएंगे। -तरुण
हर दिन डर लगा रहता है कि कहीं प्रशासन का नोटिस न आ जाए। बच्चों के सामने भी चिंता जाहिर नहीं कर पाते। -दीपक
पूरी कमाई लगाकर यह घर बनाया है। इस उम्र में नया घर बनाना या कहीं और बसना संभव नहीं है। -यशवीर 
घर के साथ रोजगार भी खत्म हो जाएगा। हम चाहते हैं कि सरकार कोई ऐसा समाधान निकाले ताकि लोग बेघर न हों। -प्रदीप 

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