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लाजपत नगर और सदर बाजार की रूई मंडी बंद
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नई दिल्ली। कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने वाले बाजार पर स्थानीय प्रशासन की कड़ी निगाहें हैं। लक्ष्मी नगर बाजार को बंद करने के बाद अब लाजपत नगर सेंट्रल मार्केट को भी बंद करने का आदेश दे दिया गया है। अगले आदेश तक लाजपत नगर बाजार बंद कर दिया गया है। इसी तरह सदर बाजार की रूई मंडी को भी मंगलवार तक के लिए बंद किया गया है।
दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की तरफ से जिन बाजारों में कोविड दिशा-निर्देश का उल्लंघन हो रहा है उसे बंद कराने को कहा गया है। इस दिशा-निर्देश के बाद उपमंडल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) की तरफ से निरीक्षण कराया गया। निरीक्षण में लाजपत नगर सेंट्रल मार्केट में कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन होते देखा गया। प्रवर्तन टीमों के सुझाव पर इस बाजार को बंद करने का निर्देश तत्काल प्रभाव से दिया गया। यह भी कहा गया है कि बाजारों के एसोसिएशन यह सुनिश्चित करें कि कोविड नियमों का पालन हो रहा है या नहीं। इसके बाद ही बाजार खोलने की अनुमति दी जाएगी। दिल्ली एमसीडी व दिल्ली पुलिस को भी निर्देश दिया गया है कि बाजार क्षेत्र के भीतर कोई भी सड़क किनारे या अनधिकृत दुकानें खोलने की अनुमति नहीं दी जाए।
उधर, मंगलवार तक सदर बाजार की रुई मंडी को भी बंद कर दिया गया है। कहा गया है कि बाजार के दुकानदार, विक्रेता व उपभोक्ता कोविड नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ एकत्रित हो रही है। मार्केट एसोसिएशन भी सोशल डिस्टेंसिंग कराने में विफल साबित हो रहा है। कोविड प्रोटोकॉल सुनिश्चित करने में असमर्थ हैं। इस वजह से कोरोना संक्रमण फैल सकता है।
30 जून को लक्ष्मी नगर बाजार, मंगल बाजार, पूर्वी दिल्ली में गांधी नगर बाजार और पश्चिमी दिल्ली के नांगलोई बाजार को बंद करने का आदेश दिया गया था। 20 जून को कमला नगर, सरोजिनी नगर और सदर बाजार के तीन प्रमुख बाजारों को भी नियमों के उल्लंघन के बाद नोटिस जारी किया था। नोटिस मिलने के बाद सरोजनी नगर मिनी मार्केट में विरोध स्वरूप दोपहर एक बजे तक ही शनिवार को दुकानें खुली। सरोजनी नगर मिनी मार्केट के अशोक रंधावा का कहना है कि रेहड़ी पटरी वालों की वजह से कोविड प्रोटोकॉल का पालन संभव नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि यह जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की है।
‘व्यापारी वर्ग के साथ भी राजनीति हो रही’
चैंबर ऑफ ट्रेड एंड कॉमर्स के चेयरमैन बृजेश गोयल ने भी कहा है कि दुकानदार व बाजार की यह जिम्मेदारी नहीं है कि वह कोविड नियमों का पालन उपभोक्ताओं से कराएं। स्थानीय प्रशासन की यह जिम्मेदारी है। उधर, प्रदेश भाजपा प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने कहा है कि दिल्ली सरकार दुकानों के बंद कराने को लेकर राजनीति कर रही है। पहले दिन दुकानें बंद कराई जाती है फिर जब दुकानदार सरकार के पास जाते हैं तो मुख्यमंत्री कार्यालय पूरे बाजार को अनुमति दे देता है। व्यापारी वर्ग के साथ भी राजनीति हो रही है।
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उधर, मंगलवार तक सदर बाजार की रुई मंडी को भी बंद कर दिया गया है। कहा गया है कि बाजार के दुकानदार, विक्रेता व उपभोक्ता कोविड नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ एकत्रित हो रही है। मार्केट एसोसिएशन भी सोशल डिस्टेंसिंग कराने में विफल साबित हो रहा है। कोविड प्रोटोकॉल सुनिश्चित करने में असमर्थ हैं। इस वजह से कोरोना संक्रमण फैल सकता है।
30 जून को लक्ष्मी नगर बाजार, मंगल बाजार, पूर्वी दिल्ली में गांधी नगर बाजार और पश्चिमी दिल्ली के नांगलोई बाजार को बंद करने का आदेश दिया गया था। 20 जून को कमला नगर, सरोजिनी नगर और सदर बाजार के तीन प्रमुख बाजारों को भी नियमों के उल्लंघन के बाद नोटिस जारी किया था। नोटिस मिलने के बाद सरोजनी नगर मिनी मार्केट में विरोध स्वरूप दोपहर एक बजे तक ही शनिवार को दुकानें खुली। सरोजनी नगर मिनी मार्केट के अशोक रंधावा का कहना है कि रेहड़ी पटरी वालों की वजह से कोविड प्रोटोकॉल का पालन संभव नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि यह जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की है।
‘व्यापारी वर्ग के साथ भी राजनीति हो रही’
चैंबर ऑफ ट्रेड एंड कॉमर्स के चेयरमैन बृजेश गोयल ने भी कहा है कि दुकानदार व बाजार की यह जिम्मेदारी नहीं है कि वह कोविड नियमों का पालन उपभोक्ताओं से कराएं। स्थानीय प्रशासन की यह जिम्मेदारी है। उधर, प्रदेश भाजपा प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने कहा है कि दिल्ली सरकार दुकानों के बंद कराने को लेकर राजनीति कर रही है। पहले दिन दुकानें बंद कराई जाती है फिर जब दुकानदार सरकार के पास जाते हैं तो मुख्यमंत्री कार्यालय पूरे बाजार को अनुमति दे देता है। व्यापारी वर्ग के साथ भी राजनीति हो रही है।

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