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Delhi: झुग्गी में रहने वाले चार लाख परिवारों को मिलेगा पक्का आशियाना, पुनर्वास नीति-2026 को अंतिम मंजूरी
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 17 Jun 2026 03:29 AM IST
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सार
नई नीति के लागू होने से राजधानी की झुग्गी-बस्तियों में रहने वाले करीब चार लाख परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
सांकेतिक चित्र
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि दिल्ली स्लम एवं झुग्गी-झोपड़ी पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन नीति-2026 को अंतिम रूप दे दिया गया है और दिल्ली सरकार जल्द ही इसकी अधिसूचना जारी करेगी। नई नीति के लागू होने से राजधानी की झुग्गी-बस्तियों में रहने वाले करीब चार लाख परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
झुग्गी-बस्ती पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन से संबंधित उच्चस्तरीय बैठक के बाद केंद्रीय गृहमंत्री शाह ने बताया कि केंद्र और दिल्ली सरकार मिलकर पुनर्वास प्रक्रिया को तेज गति से आगे बढ़ाएंगे। बैठक में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर, दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता व दोनों सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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गृह मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर झुग्गी पुनर्वास के लिए पांच क्लस्टरों के टेंडर अगले 45 दिनों के भीतर जारी किए जाएं। इसके अलावा 50 अन्य झुग्गी क्लस्टरों के लिए विस्तृत परियोजना तैयार कर उनकी टेंडर प्रक्रिया भी जल्द निर्धारित की जाए।
उन्होंने दिल्ली सरकार को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि हर महीने कम से कम पांच पीपीपी आधारित पुनर्वास परियोजनाओं के टेंडर जारी हों, ताकि पुनर्वास कार्य में तेजी लाई जा सके और पात्र परिवारों को जल्द आवास उपलब्ध कराया जा सके।
झुग्गियों की पात्रता का निर्धारण जनवरी 2025 की स्थिति के आधार पर
शाह ने कहा कि नई पुनर्वास कॉलोनियों को केवल आवासीय परियोजना के रूप में नहीं विकसित किया जाएगा, बल्कि वहां आंगनबाड़ी केंद्र, विद्यालय, स्वास्थ्य केंद्र, खेल मैदान और अन्य आवश्यक सामुदायिक सुविधाओं का भी समुचित प्रावधान किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि झुग्गियों की पात्रता का निर्धारण एक जनवरी 2025 की स्थिति के आधार पर किया जाएगा।
गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार अंत्योदय और गरीब कल्याण के लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध है। उनके अनुसार, नई पुनर्वास नीति दिल्ली के गरीब परिवारों को सम्मानजनक आवास, बेहतर बुनियादी सुविधाएं और सुरक्षित जीवन उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।