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High Court: 20 जुलाई के 'संसद चलो' प्रदर्शन की एनआईए जांच की मांग, दिल्ली हाईकोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई तय
Thu, 23 Jul 2026 12:31 PM IST
Rahul Kumar Tiwari
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: Rahul Kumar Tiwari
Updated Thu, 23 Jul 2026 12:31 PM IST
सार
20 जुलाई के 'संसद चलो' प्रदर्शन के दौरान हुई कथित हिंसा, तोड़फोड़ और पुलिस व पत्रकारों पर हमलों की एनआईए जांच की मांग वाली जनहित याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट शुक्रवार को सुनवाई करेगा। मुख्य न्यायाधीश की पीठ ने मामले को तत्काल सूचीबद्ध करने की मांग स्वीकार कर ली है।
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शुक्रवार को सुनवाई करेगा दिल्ली हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
20 जुलाई के दौरान संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा, तोड़फोड़, पुलिस और पत्रकारों पर हमलों की एनआईए जांच को मांग वाली याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट शुक्रवार को सुनवाई करेगा। याचिकाकर्ता के वकील ने दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायधीश के सामने मामले की तत्काल सुनवाई की मांग किया था।
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दिल्ली हाईकोर्ट शुक्रवार को नीट पेपर लीक के विरोध में 20 जुलाई को आयोजित 'संसद चलो' प्रदर्शन से जुड़े मामले में एनआईए जांच की मांग वाली जनहित याचिका (पीआईएल) पर सुनवाई करेगा। मुख्य न्यायाधीश डी.के. उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ के समक्ष आज मामले का उल्लेख किया गया।
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याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता बरुण कुमार सिन्हा ने मामले की जल्द सुनवाई का अनुरोध किया, जिसे स्वीकार करते हुए अदालत ने इसे कल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया है। याचिका में मांग की गई है कि इस प्रदर्शन से जुड़े दिल्ली पुलिस के सभी एफआईआर की जांच किसी विशेष जांच एजेंसी को सौंपी जाए तथा कथित हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।
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सीजेपी प्रवक्ता का आया बयान
सीजेपी प्रवक्ता रत्ना सिंह ने कहा कि एनआईए जांच से भरोसा क्यों पैदा होगा? एनआईए केंद्र सरकार की एजेंसी है। ऐसे में यह कैसे सुनिश्चित किया जाएगा कि जांच पूरी तरह पारदर्शी और स्वतंत्र होगी? याचिकाकर्ता सतीश कुमार अग्रवाल अखिल भारत हिंदू महासभा के पूर्व अध्यक्ष रहे हैं। यह याचिका राजनीतिक रूप से प्रेरित प्रतीत होती है और इसका उद्देश्य वास्तविक राहत हासिल करने के बजाय अदालत का समय लेना तथा सार्वजनिक ध्यान आकर्षित करना ज्यादा लगता है।
सीजेपी प्रवक्ता रत्ना सिंह ने कहा कि एनआईए जांच से भरोसा क्यों पैदा होगा? एनआईए केंद्र सरकार की एजेंसी है। ऐसे में यह कैसे सुनिश्चित किया जाएगा कि जांच पूरी तरह पारदर्शी और स्वतंत्र होगी? याचिकाकर्ता सतीश कुमार अग्रवाल अखिल भारत हिंदू महासभा के पूर्व अध्यक्ष रहे हैं। यह याचिका राजनीतिक रूप से प्रेरित प्रतीत होती है और इसका उद्देश्य वास्तविक राहत हासिल करने के बजाय अदालत का समय लेना तथा सार्वजनिक ध्यान आकर्षित करना ज्यादा लगता है।