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Delhi News: पूर्व प्रधानमंत्री के बेटे से 7.8 करोड़ रुपये की ऑनलाइन ठगी

Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 18 Jun 2026 07:31 PM IST
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Former Prime Minister's son defrauded online
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पुलिस ने चार करोड़ रुपये फ्रीज कराए

अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री के बेटे और पूर्व सांसद नरेश गुजराल के साथ करोड़ों रुपये की ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। साइबर जालसाजों ने उनकी पहचान का इस्तेमाल कर ऑनलाइन ‘मैसेजिंग एप्लिकेशन’ के माध्यम से उनकी कंपनी के वित्तीय कर्मचारियों से 7.8 करोड़ रुपये की ठगी कर ली।
दिल्ली पुलिस की आईएफएसएओ यूनिट ने मामले की शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने मंगलवार को ई-एफआईआर दर्ज की। आईएफएसओ यूनिट ने ठगी की गई रकम में से करीब 4 करोड़ रुपये अलग-अलग बैंकों में फ्रीज करवा दिए हैं। इंद्र कुमार गुजराल 1997 से 1998 तक भारत के 12वें प्रधानमंत्री रहे थे। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि यह धोखाधड़ी 12 से 16 जून के बीच हुई। ठगों ने नरेश गुजराल की ‘डिस्प्ले पिक्चर’ (डीपी) का इस्तेमाल करके एक ऑनलाइन ‘मैसेजिंग’ मंच पर अकाउंट बनाया। इसके बाद उनके एक कर्मचारी को संदेश भेजकर कारोबारी जरूरतों का हवाला देते हुए एक निर्दिष्ट बैंक खाते में ‘रियल-टाइम ग्रॉस सेटलमेंट’ (आरटीजीएस) के माध्यम से तत्काल धनराशि भेजने को कहा।
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पुलिस ने बताया कि निर्देशों को सही मानकर कर्मचारी ने चार दिनों में चार बार में आरटीजीएस के जरिए 7.8 करोड़ रुपये जालसाजों की ओर से बताए गए खाते में भेज दिए। यह कर्मचारी गुजराल की कंपनी का वित्तीय कामकाज देखता है। यह ठगी 16 जून को तब सामने आई जब गुजराल की बेटी की नजर इन लेन-देन पर पड़ी और उन्होंने तुरंत पिता से इस बारे में पुष्टि की। पुलिस ने बताया कि नरेश गुजराल ने ऐसे कोई भी निर्देश जारी करने से इन्कार किया और पैसे भेजने जाने के बारे में कोई जानकारी न होने की बात कही। इसके बाद परिवार और कंपनी के कर्मचारियों को एहसास हुआ कि वे धोखाधड़ी का शिकार हो गए हैं।
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जांच में जुटी पुलिस
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी किस नेटवर्क का हिस्सा हैं। उन्होंने व्हाट्सएप प्रोफाइल और पहचान का दुरुपयोग कैसे किया तथा रकम किन खातों में भेजी गई। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की धोखाधड़ी में अक्सर फर्जी दस्तावेज, नकली बैंक खाते और कई स्तरों पर धन हस्तांतरण का इस्तेमाल किया जाता है। विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि किसी भी वित्तीय लेन-देन से पहले फोन या वीडियो कॉल के जरिए व्यक्ति की पहचान की पुष्टि अवश्य करें।
वर्जन
शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। धोखाधड़ी की कुल 7.68 करोड़ रुपये की रकम में से 4.28 करोड़ रुपये अलग-अलग बैंकों में लीन/होल्ड कर दिए गए हैं। धोखाधड़ी में शामिल लोगों को पकड़ने की कोशिश की जा रही है। - विनीत कुमार, पुलिस उपायुक्त, आईएफएसओ यूनिट
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