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Delhi: आजादपुर मंडी के एंट्री गेट पर लगेगी हाईटेक मशीन, चलते ट्रक का कर देगी वजन, मशीन लगाने की प्रक्रिया शुरू
आदित्य पाण्डेय, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Digvijay Singh
Updated Tue, 21 Apr 2026 06:13 AM IST
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सार
आजादपुर मंडी में अब चलते ट्रकों का वजन हो जाएगा। इसके लिए कृषि उपज विपणन समिति ने स्मार्ट वेट इन मोशन सिस्टम लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। इस तकनीक से मंडी में हेराफेरी रोकने, राजस्व बढ़ाने, ट्रकों की लंबी लाइन खत्म करने और ब्लैकलिस्ट वाहनों पर नजर रख सकते हैं।
फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आजादपुर मंडी में अब चलते ट्रकों का वजन हो जाएगा। इसके लिए कृषि उपज विपणन समिति ने स्मार्ट वेट इन मोशन सिस्टम लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। इस तकनीक से मंडी में हेराफेरी रोकने, राजस्व बढ़ाने, ट्रकों की लंबी लाइन खत्म करने और ब्लैकलिस्ट वाहनों पर नजर रख सकते हैं। इसे मंडी के सबसे व्यस्त प्रवेश द्वार पर लगाया जाएगा, जहां से फल और सब्जियों से लदे ट्रक मंडी में घुसते हैं।
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आजादपुर मंडी में इससे वाहनों की एंट्री व्यवस्था बदल जाएगी। मंडी प्रशासन ने करीब 28.83 लाख रुपये खर्च कर मुख्य एंट्री गेट पर स्लो स्पीड वेट इन मोशन सिस्टम लगाने की परियोजना पर काम शुरू कर दिया है। यह ऐसी मशीन होगी, जिसमें ट्रक को पूरी तरह रोकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वाहन धीमी रफ्तार से प्लेटफॉर्म से गुजरेंगे और उनका वजन अपने आप दर्ज हो जाएगा। इस सिस्टम में सिर्फ वजन नहीं, बल्कि निगरानी की भी व्यवस्था होगी। इसमें आरएफआईडी डाटा, कैमरा इंटीग्रेशन, अलर्ट सिस्टम और रिकॉर्ड स्टोरेज जैसी सुविधाएं रहेंगी। ब्लैकलिस्ट या संदिग्ध वाहनों की पहचान होने पर अलर्ट भी दिया जा सकेगा।
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अभी एंट्री गेट पर लगता है लंबा जाम
अभी मंडी में कई जगह वजन पारंपरिक कांटों या मैनुअल व्यवस्था से होता है। इसमें समय ज्यादा लगता है जिससे ट्रकों की कतार लग जाती है। मंडी से जुड़े लोगों का कहना है कि सुबह और देर रात माल आने के समय कई बार लंबा जाम लग जाता है। मुख्य एंट्री गेट पर रोजाना भारी दबाव रहता है, क्योंकि बड़ी संख्या में फल-सब्जी से लदे ट्रक इसी रास्ते से प्रवेश करते हैं।
एपीएमसी को होगा राजस्व लाभ
मंडी प्रशासन के मुताबिक इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत 28,83,706 रुपये रखी गई है। एक निजी एजेंसी को दो महीने के भीतर मशीन लगाने की जिम्मेदारी दी गई है। यह एजेंसी कुल पांच साल तक मशीन की देखरेख भी करेगी। यह सिस्टम वाहनों की आवाजाही और माल के वजन पर लगातार नजर रखेगा, जिससे गलत एंट्री, कम वजन दिखाने या रिकॉर्ड में फेरबदल जैसी शिकायतों पर रोक लग सकेगी। वजन सही दर्ज होगा और मंडी शुल्क, अन्य देय राशि सही तरीके से वसूली जा सकेगी। इससे एपीएमसी को लाभ होगा।
सहूलियत के साथ सख्ती भी बढ़ेगी
व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों को ट्रकों की लाइन कम होने से माल जल्दी उतारने में सहूलियत होगी और कारोबार को फायदा होगा। मशीन लगने के बाद लापरवाही वाले वाहनों पर कार्रवाई भी तेज होगी। यह प्रयोग सफल रहा तो मंडी के दूसरे गेटों पर भी ऐसा सिस्टम लगाया जाएगा।

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