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Delhi News: केएन गोविंदाचार्य एक बार फिर शुरू करेंगे गंगा यात्रा, नरौरा से कानपुर तक तथ्यों का आंकलन
Fri, 07 Oct 2022 07:38 PM IST
Digvijay Singh
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: Digvijay Singh
Updated Fri, 07 Oct 2022 07:38 PM IST
सार
दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होने कहा कि नरौरा में गंगा की अविरलता बाधित होनी शुरू होती है और वह प्रदूषण को बढ़ाती हुई कानपुर के पास गंगा की समस्या विकराल बना देती है। वर्ष 2014 में दुनिया की सर्वाधिक 10 प्रदूषित नदियों में गंगा भी थी।
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केएन गोविंदाचार्य (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राष्ट्रीय स्वाभिमान आंदोलन के प्रमुख केएन गोविंदाचार्य ने एक बार फिर गंगा यात्रा शुरू करने का निर्णय किया है। इस बार वह नरौरा से कानपुर तक अपने साथियों के साथ यात्रा करेंगे। दरअसल करीब ढ़ाई साल पहले ऋषिकेश से ऊपर भगवान राम की तपस्थली से गंगा सागर तक यात्रा के दौरान कुछ तथ्य सामने आए थे। जिसमें कुछ तथ्यों से उनको प्रसन्नता व चिंता हुई थी। उन्हीं तथ्यों को नजदीक से देखने के लिए वह यह यात्रा कर रहे हैं।
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दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होने कहा कि नरौरा में गंगा की अविरलता बाधित होनी शुरू होती है और वह प्रदूषण को बढ़ाती हुई कानपुर के पास गंगा की समस्या विकराल बना देती है। वर्ष 2014 में दुनिया की सर्वाधिक 10 प्रदूषित नदियों में गंगा भी थी और गंगा का नरौरा से कानपुर तक का प्रवाह सबसे प्रदूषित था।
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उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से लेकर अभी तक कुछ कार्य आशा एवं उत्साह जगाने वाले हुए है। फिर भी सम्पूर्णता और गंभीरता से हमें गंगा की समस्या के समाधान के बारे में पुनरीक्षण करना होगा। इसलिए वह नरौरा से कानपुर तक की यात्रा कर रहे है। इस दौरान गंगा की समस्या व समाधान से उनका साक्षात्कार होगा। वह यात्रा के बाद जरूरत पड़ी तो प्रधानमंत्री को अवगत कराएगे। क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बनारस में सांसद के उम्मीदवार का फार्म भरते हुए घोषणा की थी कि उन्हें मां गंगा ने बुलाया है। तब उनके साथ-साथ अन्य प्रमुख व्यक्तियों के मन में गंगा की समस्याओं के समाधान की आशा व उत्साह जागा था।
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