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Holi 2026: सूखे रंगों की बारीक धूल फूला सकती है दम, रंग लगाते समय बरते सावधानी, करें हर्बल रंगों का इस्तेमाल

अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: Vijay Singh Pundir Updated Wed, 04 Mar 2026 12:21 AM IST
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सार

सफदरजंग अस्पताल में नेत्र रोग विशेषज्ञ एवं ओपीडी प्रभारी डॉ. पंकज रंजन ने कहा कि रंगों में मौजूद केमिकल आंखों के लिए हानिकारक होते है। केमिकल वाले रंग के आंखों में पहुंचने पर दर्द, धुंधलापन, लालिमा और सूजन की समस्या हो सकती है।

Use herbal colors instead of chemical colors on Holi
रंग - फोटो : Adobe
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विस्तार

होली के उत्साह में मिलावटी और केमिकल वाले रंग आपकी आंखों और त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते है। ऐसे में एक-दूसरे को रंग लगाने के लिए हर्बल रंगों का इस्तेमाल करें। साथ ही दमा, अस्थमा और एलर्जी की समस्या से जूझने वाले लोगों को एहतियात बरतने की जरूरत है। वरना सूखे रंगों की बारीक धूल उनका दम फूला सकती है।
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सफदरजंग अस्पताल में नेत्र रोग विशेषज्ञ एवं ओपीडी प्रभारी डॉ. पंकज रंजन ने कहा कि रंगों में मौजूद केमिकल आंखों के लिए हानिकारक होते है। केमिकल वाले रंग के आंखों में पहुंचने पर दर्द, धुंधलापन, लालिमा और सूजन की समस्या हो सकती है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर का परामर्श जरूर लें। खुद से कोई दवा आंखों में न डाले। होली खेलते हुए आंखों पर चश्मा पहनकर रखें। अगर आपकी लेसिक, मोतियाबिंद, रेटिन सर्जरी हुई है तो रंगों से दूर रहे। स्वामी दयानंद अस्पताल में मुख्य चिकित्सा अधिकारी और छाती रोग विशेषत्र डॉ. ग्लैडबिन त्यागी ने कहा दमा, अस्थमा, एलर्जी की परेशानी से जूझने वाले लोग रंग लगाने के दौरान चेहरे पर मास्क लगाकर रखें। सूखे रंग के सूक्ष्म कण सांस की नली के रास्ते फेफड़ों के पहुंचने पर मुश्किल पैदा कर सकते है। सांस की नली सिकुड़ सकती है। मौजूदा परेशानी का स्तर बढ़ जाएगा। साथ ही मौसम में भी बदलाव हा रही है तो छोटे बच्चे और बुजुर्ग ज्यादा लंबे समय तक पानी से होली न खेले। केमिकल वाले रंगों की जगह टेसू के फूल और मेहंदी के पत्तों का रंग के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है।ष
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होली खेलने को लेकर यह करें
  • त्वचा पर नारियल का तेल और सनस्क्रीन क्रीम जरूर लगाएं।
  • आंखों के ऊपर चश्मा लगाकर रखें।
  • घर में बने व्यंजनों का सेवन करें। बाहरी खाने से पेट संबंधी दिक्कत हो सकती है।
  • चेहरे पर मास्क जरूर लगाएं। जिससे रंग के बारीक कण सांस के जरिए अंदर न जाएं।
  • आंख में रंग जाने पर ठंडे पानी से 10-15 मिनट तक धोएं।
  • गीले, पक्के और केमिकल वाले रंगों को लगाने से बचें।
  • अस्थमा, एलर्जिक राइनाइटिस, सीओपीडी के मरीज अपने साथ इनहेलर रखें।
  • इमरजेंसी में नजदीकी अस्पताल में उपचार के लिए जरूर जाएं।

होली खेलने को लेकर यह न करें
  • रंग के आंख में जाने पर उसे रगड़े नहीं कॉर्निया को नुकसान पहुंच सकता है।
  • आंखों में स्वंय से कोई स्टेरॉयड ड्रॉप या घरेलू उपाय जैसे गुलाब जल, दूध आदि न डाले।
  • कॉन्टैक्ट लेंस पहनने वाले लोग होली के दिन लेंस न पहने।
  • बिना किसी की अनुमति के जबरन रंग न लगाएं।
  • पानी से भरे गुब्बारे एक-दूसरे पर न फेंके।
  • त्वचा में खुजली महसूस होने पर बिना डॉक्टर की सलाह के कोई क्रीम खुद से न लगाएं।
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