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Delhi: दिल्ली एयरपोर्ट में बड़ा बदलाव, डोमेस्टिक का पियर-सी अब इंटरनेशनल उड़ानों में होगा इस्तेमाल
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: Digvijay Singh
Updated Tue, 03 Feb 2026 06:58 AM IST
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सार
देश के सबसे व्यस्त इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-3 में अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बड़ा बदलाव हुआ है। टी-3 के डोमेस्टिक पियर-सी को अब इंटरनेशनल ऑपरेशंस के लिए बदला जा रहा।
दिल्ली एयरपोर्ट
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
देश के सबसे व्यस्त इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-3 में अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बड़ा बदलाव हुआ है। टी-3 के डोमेस्टिक पियर-सी को अब इंटरनेशनल ऑपरेशंस के लिए बदला जा रहा। इस बदलाव के बाद टी3 की अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को संभालने की सालाना क्षमता 2 करोड़ से बढ़कर करीब 3 करोड़ हो जाएगी। एयरपोर्ट ऑपरेटर दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डायल) के अनुसार, पियर-सी को इंटरनेशनल पियर में बदलने का काम तेजी से चल रहा है और मार्च तक इसे पूरा करने की संभावना है।
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पियर-सी को इंटरनेशनल उपयोग के अनुकूल बनाने के लिए यहां इमिग्रेशन काउंटर्स की संख्या बढ़ाई जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था को अपग्रेड किया गया है और यात्रियों की आवाजाही को अलग-अलग जोन में बांटा है। इसके अलावा एरोब्रिज को बाइफर्केट कर दिया गया है, जिससे एक ही पियर से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय संचालन में स्पष्ट विभाजन संभव हो सके।
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एयर इंडिया ने 26 अक्टूबर 2025 से अपनी 60 घरेलू उड़ानों को टी-3 से टी-2 में स्थानांतरित कर दिया है, जबकि 120 उड़ानें फिलहाल टी-3 से ही संचालित होंगी। एयर इंडिया एक्सप्रेस की सभी घरेलू उड़ानें अब टी-1 से उड़ान भर रही हैं। इंडिगो ने भी अपने ऑपरेशंस टी-1, टी-2 और टी-3 में बांट दिए हैं। गौरतलब है कि टी-2 को अप्रैल 2025 में अपग्रेडेशन के लिए बंद किया गया था।
क्यों जरूरी था यह बदलाव :
कोरोना के बाद अंतरराष्ट्रीय यात्राओं में तेजी से इजाफा हुआ है। पर्यटन, व्यापार और प्रवासी भारतीयों की बढ़ती आवाजाही के चलते टी-3 पर अंतरराष्ट्रीय यात्रियों का दबाव लगातार बढ़ रहा था। टी-3 में रोजाना अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की संख्या 67,000 से 68,000 तक पहुंच गई थी, जो इसकी मौजूदा क्षमता से अधिक है। इससे इंटरनेशनल-टू-इंटरनेशनल ट्रांजिट और कनेक्टिंग फ्लाइट्स में दिक्कतें आ रही थीं।
तीन इंटरनेशनल पियर होंगे सक्रिय :
पियर-सी के इंटरनेशनल बनने के बाद टी-3 में अब तीन इंटरनेशनल पियर ए, बी और सी होंगे, जबकि पियर-डी घरेलू उड़ानों के लिए इस्तेमाल होगा।
अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को मिलेगा फायदा :
इस बदलाव के बाद अंतरराष्ट्रीय यात्रियों का वेटिंग टाइम कम होगा, क्योंकि विमानों के लिए अधिक गेट उपलब्ध होंगे। साथ ही एयरलाइंस को ज्यादा स्लॉट मिलेंगे, जिससे उड़ानों की संख्या बढ़ाने में मदद मिलेगी।
जानिए क्या होता है पियर :
एयरपोर्ट टर्मिनल में पियर एक लंबा गलियारा होता है, जो मुख्य टर्मिनल बिल्डिंग से जुड़ा रहता है। इसके दोनों ओर विमान पार्क किए जाते हैं।