Delhi News: ओवैसी के बुर्का-पीएम वाले बयान पर मौलाना रशीदी का पलटवार, कहा- ये आस्था नहीं बल्कि राजनीतिक स्टंट
ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बुर्का पहनकर प्रधानमंत्री बनना आस्था नहीं, बल्कि पूरी तरह राजनीतिक विषय है।
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ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के उस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है, जिसमें ओवैसी ने बुर्का पहनने वाली लड़की के प्रधानमंत्री बनने की बात कही थी। मौलाना रशीदी ने स्पष्ट किया कि बुर्का पहनकर प्रधानमंत्री बनना एक राजनीतिक प्रश्न है, न कि आस्था का मामला। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि बुर्का आस्था का अभिन्न अंग नहीं है, बल्कि यह 'पर्दे' का एक परिधान है, और 'पर्दा' ही आस्था का हिस्सा है।
#WATCH | Delhi | On AIMIM chief Asaduddin Owaisi's statement, All India Imam Association President, Maulana Sajid Rashidi says, "The question of whether a girl wearing a burqa will become Prime Minister is a political one. This is not a matter of faith; the burqa is not an… pic.twitter.com/ifYMn0NlAW
— ANI (@ANI) January 11, 2026
मौलाना रशीदी ने असदुद्दीन ओवैसी द्वारा विशेष रूप से 'बुर्का' शब्द का इस्तेमाल करने की मंशा पर सवाल उठाया। उनका मानना था कि ओवैसी सीधे तौर पर एक मुस्लिम महिला के प्रधानमंत्री बनने की बात कह सकते थे। मौलाना रशीदी ने ओवैसी के इस कदम को विवाद खड़ा करने की कोशिश करार दिया और कहा कि जानबूझकर 'बुर्का-पहनी महिला' जैसे शब्दों का प्रयोग करना उन्हें उचित नहीं लगता।
मौलाना साजिद रशीदी ने इस बात को स्पष्ट किया कि बुर्का को सीधे तौर पर धार्मिक आस्था से जोड़ना सही नहीं है। उन्होंने बताया कि बुर्का 'पर्दे' का एक तरीका है, और 'पर्दा' इस्लामी आस्था का एक हिस्सा है।