लाडली रेखा का ग्रीन पथ: हरित सोच के साथ दिल्ली का बड़ा बजट, महिलाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च की बौछार
दिल्ली सरकार ने 2026-27 के लिए 1.03 लाख करोड़ का बजट पेश किया, जिसमें ग्रीन विकास और महिला सशक्तिकरण पर जोर है। शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन और शहरी विकास को प्राथमिकता देते हुए पर्यावरण के लिए 21 फीसदी आवंटन रखा गया।
विस्तार
सीएम रेखा गुप्ता ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1,03,700 करोड़ रुपये का बजट पेश करते हुए साफ कर दिया कि सरकार का फोकस ग्रीन विकास और महिला सशक्तिकरण पर रहेगा। करीब 1:55 घंटे के लंबे भाषण में उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन और सड़कों को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी, जबकि कुल बजट का 21 फीसदी हिस्सा पर्यावरण और हरित परियोजनाओं के लिए रखा गया।
दिल्ली विधानसभा में पेश इस बजट को अब तक का सबसे बड़ा बजट बताया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इसे जनता की आकांक्षाओं का दस्तावेज बताते हुए कहा कि हर पंक्ति में दिल्लीवासियों के भविष्य की झलक है। बजट में शिक्षा को सबसे ज्यादा 19,326 करोड़ रुपये दिए गए हैं, जबकि स्वास्थ्य क्षेत्र को 13,034 करोड़ रुपये का आवंटन मिला। अस्पतालों में नए विकास कार्यों के लिए 515 करोड़ रुपये अलग से रखे गए हैं। परिवहन और सड़क निर्माण के लिए 12,613 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, वहीं शहरी विकास और आवास क्षेत्र को 11,572 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
ग्रीन बजट के तहत पर्यावरण संरक्षण और हरित परियोजनाओं पर खास जोर है। कुल बजट का 21 फीसदी हिस्सा इसी दिशा में खर्च किया जाएगा। 750 किलोमीटर सड़कों की कारपेटिंग के लिए 1,392 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। महिलाओं के लिए भी कई बड़ी घोषणाएं की गई हैं। लखपति बिटिया योजना के तहत जन्म से लेकर ग्रेजुएशन तक आर्थिक सहायता दी जाएगी। नवीं कक्षा तक की छात्राओं को साइकिल और दसवीं के मेधावी छात्रों को लैपटॉप दिए जाएंगे। महिला समृद्धि योजना के तहत महिलाओं को 2,500 रुपये की सहायता दी जाएगी और उनके लिए ई-ऑटो रिक्शा की व्यवस्था भी की जाएगी।
दिल्ली नगर निगम को 1,166 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड सहायता दी गई है, जबकि दिल्ली जल बोर्ड के लिए 9,000 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। नई औद्योगिक नीति के लिए 200 करोड़ रुपये अलग से रखे गए हैं। राजस्व के मोर्चे पर सरकार ने 74,000 करोड़ रुपये टैक्स से जुटाने और 16,700 करोड़ रुपये कर्ज लेने का अनुमान जताया है। बजट पेश करने के बाद मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री, केंद्रीय वित्त मंत्री और उपराज्यपाल का सहयोग के लिए धन्यवाद किया।
गिग वर्कर्स के लिए बोर्ड का गठन
गिग वर्कर्स के लिए भी बजट में अहम घोषणाएं की गई हैं। सरकार गिग और डिलिवरी कर्मियों के हितों की रक्षा के लिए एक कल्याण बोर्ड का गठन करेगी। अटल कैंटीन के साथ विश्राम कक्ष विकसित किए जाएंगे, जहां ये कर्मी भोजन कर सकेंगे और अपने मोबाइल फोन चार्ज कर सकेंगे। झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्रों में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए अटल कैंटीन स्थापित करने हेतु 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
विपक्ष का प्रदर्शन, सदन से दूरी
बजट पेश होने के दौरान आम आदमी पार्टी के विधायक सदन में मौजूद नहीं रहे। चार विधायकों के निलंबन के विरोध में पार्टी ने लगातार दूसरे दिन विधानसभा के बाहर प्रदर्शन किया। मुख्य द्वार पर बैरीकेडिंग की गई थी और भारी पुलिस बल तैनात रहा। प्रदर्शनकारियों को अंदर प्रवेश नहीं करने दिया गया।
बम की धमकी से बढ़ी सुरक्षा
बजट सत्र शुरू होने से पहले विधानसभा अध्यक्ष और सचिवालय के ईमेल पर बम से उड़ाने की धमकी मिली। इसके बाद पूरे परिसर में सघन तलाशी अभियान चलाया गया और सुरक्षा कड़ी कर दी गई। हालांकि, इन सबके बीच मुख्यमंत्री ने तय समय पर बजट भाषण शुरू किया और बिना किसी बाधा के पूरा किया।