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Delhi: लोनी अंडरपास का काम शुरू, दूर होगा जाम, परियोजना को पूरा होने में लगेगा करीब दो साल का समय
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: Digvijay Singh
Updated Tue, 28 Apr 2026 05:10 AM IST
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सार
यमुनापार के उत्तर-पूर्वी दिल्ली के व्यस्त लोनी रोड कॉरिडोर पर लंबित अंडरपास परियोजना पर आखिरकार काम शुरू हो गया है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों के अनुसार, ठेकेदार की नियुक्ति के बाद इस परियोजना को पूरा होने में करीब दो साल का समय लगेगा।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
यमुनापार के उत्तर-पूर्वी दिल्ली के व्यस्त लोनी रोड कॉरिडोर पर लंबित अंडरपास परियोजना पर आखिरकार काम शुरू हो गया है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों के अनुसार, ठेकेदार की नियुक्ति के बाद इस परियोजना को पूरा होने में करीब दो साल का समय लगेगा। हालांकि, परियोजना पूरी होने पर जहां सिग्नेचर ब्रिज से दिल्ली-गाजियाबाद सीमा तक यातायात सुगम होने की उम्मीद है। वहीं, निर्माण के दौरान रोजाना आने-जाने वाले लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।
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करीब 75 करोड़ की लागत से बनने वाला यह चार लेन का अंडरपास मंगल पांडे रोड और लोनी रोड के चौराहे पर तैयार किया जा रहा है। कुल 555 मीटर लंबे इस अंडरपास में 7.5 मीटर चौड़ा कैरिजवे होगा। इसमें लोनी बॉर्डर की ओर 230 मीटर और दुर्गापुरी चौक की ओर 265 मीटर लंबी रैंप बनाई जाएंगी, जिन्हें 60 मीटर के अंडरग्राउंड हिस्से से जोड़ा जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि यह परियोजना पूरी होने के बाद इस मार्ग पर सिग्नल-फ्री यातायात हो जाएगा। यह परियोजना सितंबर 2022 में घोषित की गई थी, लेकिन अतिक्रमण हटाने, पेड़ों की कटाई की अनुमति और भूमिगत यूटिलिटी जैसे पानी की पाइपलाइन, बिजली और टेलीकॉम लाइनों के स्थानांतरण में देरी के कारण काम शुरू नहीं हो सका था। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के मुताबिक, निर्माण कार्य के दौरान ट्रैफिक को पूरी तरह बंद नहीं किया जाएगा।
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इसके लिए चरणबद्ध तरीके से काम और डायवर्जन प्लान लागू किया गया है ताकि यातायात चलता रहे। इसके बावजूद, स्थानीय निवासियों और यात्रियों को अगले दो वर्षों तक ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ सकता है। परियोजना में जल निकासी प्रणाली के साथ-साथ पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथ और फुटओवर ब्रिज बनाने का भी प्रावधान किया गया है। अधिकारियों का दावा है कि अंडरपास बनने के बाद वाहनों को सिग्नल पर रुकना नहीं पड़ेगा, जिससे न केवल समय की बचत होगी बल्कि वाहनों से होने वाले उत्सर्जन में भी कमी आएगी।
लोनी गोल चक्कर पर दो प्रमुख सड़कों का है जंक्शन
अधिकारियों के अनुसार, लोनी रोड का यह हिस्सा लंबे समय से ट्रैफिक जाम का प्रमुख केंद्र रहा है, जहां दिल्ली और गाजियाबाद के बीच आने-जाने वाले हजारों लोग रोजाना जाम से जूझते हैं। गोल चक्कर पर दो मुख्य सड़कों का जंक्शन है, जिसके चलते पीक आवर्स के दौरान हमेशा यहां जाम की स्थिति बनी रहती है। जाम के चलते कई साल से लोग परेशान हैं। लोनी गोल चक्कर यूपी बॉर्डर से महज 600 मीटर की दूरी पर है और यहां से रोजाना हजारों लोग दिल्ली आते-जाते हैं। दूसरा शाहदरा की ओर से भी गोल चक्कर पर ट्रैफिक फ्लो काफी अधिक है। जिसके चलते हमेशा यहां जाम लगा रहता है। अंडरपास निर्माण के बाद शाहदरा से लोनी बॉर्डर की ओर आने-जाने वालों की राह आसान हो जाएगी।

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