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AIIMS Bhopal: रिसर्च पेपर लेखन की बारीकियों पर हुआ मंथन, एम्स भोपाल में आयोजित हुए लेक्चर

Mon, 13 Jul 2026 10:17 AM IST
Shahin Praveen एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: Shahin Praveen Updated Mon, 13 Jul 2026 10:17 AM IST
सार

Homeopathy Lecture: एम्स भोपाल में आयुष विभाग और रिसर्च सेल की ओर से होम्योपैथी तथा रिसर्च पेपर लेखन पर विशेष व्याख्यान आयोजित किए गए। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने होम्योपैथी की भूमिका, शोध कार्यों की गुणवत्ता और वैज्ञानिक लेखन की तकनीकों पर विस्तार से चर्चा की। इसमें फैकल्टी सदस्य, शोधकर्ता, चिकित्सक और छात्र शामिल हुए।

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AIIMS Bhopal hosts lectures on homeopathy, research paper writing
एम्स भोपाल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

AIIMS Bhopal: एम्स भोपाल के आयुष विभाग और रिसर्च सेल की ओर से एक विशेष अतिथि व्याख्यान (गेस्ट लेक्चर) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में एमियोट्रोफिक लेटरल स्क्लेरोसिस (ALS)/मोटर न्यूरॉन डिजीज (MND) के उपचार में होम्योपैथी की संभावित भूमिका और रिसर्च पेपर लेखन की तकनीकों पर विशेषज्ञों ने विस्तार से जानकारी दी।

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शुक्रवार को आयोजित इस कार्यक्रम में फैकल्टी सदस्य, शोधकर्ता, चिकित्सक और बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए।

मुख्य अतिथि, एम्स भोपाल के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर प्रो. (डॉ.) माधबानंद कर ने अलग-अलग क्षेत्रों को मिलाकर हेल्थकेयर देने, सबूतों पर आधारित रिसर्च और असरदार वैज्ञानिक बातचीत के महत्व पर ज़ोर दिया। पहला लेक्चर होम्योपैथी एक्सपर्ट प्रो. (डॉ.) ए.के. गुप्ता ने ALS/MND के इलाज में होम्योपैथी की भूमिका पर दिया।

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होम्योपैथी और रिसर्च लेखन पर विशेषज्ञों ने साझा किए विचार

एम्स भोपाल की एक विज्ञप्ति के अनुसार, गुप्ता ने मरीजों की देखभाल और जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के मकसद से क्लिनिकल नजरिए और इंटीग्रेटिव हेल्थकेयर तरीकों पर चर्चा की। 

दूसरा लेक्चर डॉ. नकुल पाराशर ने रिसर्च पेपर लिखने और पब्लिश करने पर दिया। विज्ञप्ति में कहा गया है कि उन्होंने मैन्युस्क्रिप्ट तैयार करने, पब्लिकेशन से जुड़े नियमों, जर्नल चुनने, पीयर रिव्यू, रिसर्च की ईमानदारी और इंटरनेशनल इंडेक्सिंग सिस्टम (जैसे स्कोपस और वेब ऑफ साइंस) के बारे में बात की। 

इसमें आगे कहा गया कि प्रोग्राम का समापन क्लिनिकल रिसर्च और एकेडमिक पब्लिशिंग पर सवाल-जवाब के सेशन के साथ हुआ। एम्स भोपाल ने कहा कि इस इवेंट ने अलग-अलग क्षेत्रों को मिलाकर रिसर्च, एकेडमिक उत्कृष्टता और सबूतों पर आधारित हेल्थकेयर को बढ़ावा देने के संस्थान के संकल्प को फिर से पक्का किया।

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