WBSSC: कलकत्ता हाईकोर्ट ने SSC से मांगी 1806 दागी उम्मीदवारों की पूरी जानकारी, नई रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश
WBSSC: कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग को 1,806 दागी उम्मीदवारों की पूरी और विस्तृत जानकारी के साथ नई सूची दाखिल करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि अधूरी जानकारी से दागी उम्मीदवार नई भर्ती प्रक्रिया में शामिल हो सकते हैं। अगली सुनवाई 11 फरवरी को होगी।
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Calcutta High Court: कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (SSC) को निर्देश दिया है कि वह 1,806 दागी उम्मीदवारों से जुड़ी पूरी और विस्तृत जानकारी के साथ एक नई रिपोर्ट दाखिल करे। ये 1,806 उम्मीदवार उन 25,753 अभ्यर्थियों में शामिल हैं, जिनकी स्कूलों में हुई नियुक्तियों को सुप्रीम कोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताएं पाए जाने के बाद अप्रैल 2025 में रद्द कर दिया था।
न्यायमूर्ति अमृता सिन्हा ने आयोग द्वारा दाखिल की गई रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर लेते हुए कहा कि मौजूदा सूची दागी उम्मीदवारों की सही पहचान के लिए पर्याप्त नहीं है और इसमें कई अहम जानकारियां शामिल नहीं की गई हैं।
किन जानकारियों की कमी पर कोर्ट ने जताई आपत्ति
हाईकोर्ट ने कहा कि एसएससी की ओर से सौंपी गई सूची में उम्मीदवारों का रोल नंबर, नाम, विषय, माता-पिता का नाम और जन्म तिथि तो दर्ज है, लेकिन यह नहीं बताया गया है कि उम्मीदवार किस श्रेणी में दागी पाए गए। कोर्ट के मुताबिक, यह एक महत्वपूर्ण जानकारी है, जिसके बिना किसी भी उम्मीदवार की स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाती।
इसके अलावा, सूची में यह भी नहीं बताया गया है कि संबंधित उम्मीदवार की नियुक्ति 2016 में हुए पहले स्कूल लेवल सेलेक्शन टेस्ट (SLST) के तहत किस स्कूल में और किस जिले में की गई थी।
दागी उम्मीदवारों की पहचान को लेकर कोर्ट की सख्त टिप्पणी
न्यायमूर्ति अमृता सिन्हा ने अपने आदेश में कहा कि अगर दागी उम्मीदवारों से जुड़ी पूरी और स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाती है, तो इस बात की पूरी आशंका रहती है कि कुछ उम्मीदवार जांच के दायरे से बाहर रह जाएं और आगे की भर्ती प्रक्रिया में हिस्सा ले लें।
कोर्ट ने यह भी याद दिलाया कि 19 नवंबर 2025 को दिए गए अपने पहले के आदेश में साफ तौर पर कहा गया था कि दागी उम्मीदवारों की सूची प्रकाशित करने का उद्देश्य केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि उनकी स्पष्ट और बिना किसी भ्रम के पहचान सुनिश्चित करना है।
अगली सुनवाई 11 फरवरी को
हाईकोर्ट ने एसएससी को निर्देश दिया है कि वह दागी उम्मीदवारों की ऐसी सूची प्रकाशित करे, जिसमें सभी आवश्यक और प्रासंगिक विवरण शामिल हों, ताकि उम्मीदवारों की पहचान को लेकर किसी भी तरह की अस्पष्टता न रहे। कोर्ट ने यह भी कहा कि इस मामले में आगे की सुनवाई 11 फरवरी को की जाएगी।
आयोग की दलील और नई भर्ती प्रक्रिया का संदर्भ
सुनवाई के दौरान पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि दागी उम्मीदवारों से जुड़ी अतिरिक्त और विस्तृत जानकारी के साथ नई सूची प्रकाशित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
गौरतलब है कि एसएससी इस समय पश्चिम बंगाल के सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में शिक्षण और गैर-शिक्षण पदों पर नियुक्तियों के लिए दूसरे स्कूल लेवल सेलेक्शन टेस्ट (SLST) 2025 के जरिए नई भर्ती प्रक्रिया चला रहा है।
सुप्रीम कोर्ट पहले ही 25,753 नियुक्तियां रद्द कर चुका है
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने के बाद कलकत्ता हाईकोर्ट के उस आदेश को बरकरार रखा था, जिसमें शिक्षण और गैर-शिक्षण पदों पर नियुक्त 25,753 उम्मीदवारों की नियुक्तियों को अवैध करार देते हुए रद्द कर दिया गया था।